हनुमानगढ़: गुरुद्वारा प्रबंधन विवाद की हिंसक झड़प में आठ लोग घायल, क्षेत्र में धारा 144 लागू
Hanumangarh News: राजस्थान के हनुमानगढ़ स्थित गोलुवाला गुरुद्वारे में प्रबंधन विवाद हिंसक झड़प में बदला गया. इस विवाद में करीब आठ लोग और एक RAC जवान घायल गंभीर रूप से घायल हो गए.

राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के गोलुवाला कस्बे में स्थित मेहताबगढ़ साहिब गुरुद्वारे के प्रबंधन को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद शुक्रवार (4 अक्टूबर) को हिंसक रूप ले लिया. पुलिस के अनुसार, सुबह एक गुट ने जबरन गुरुद्वारे में प्रवेश कर नियंत्रण लेने की कोशिश की. जिसके बाद अंदर मौजूद दूसरे गुट के लोगों से उनकी भिड़ंत हो गई. इस झड़प में आठ लोग घायल हो गए, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं.
पुलिस ने बताया कि घायलों का पहले स्थानीय अस्पताल में इलाज किया गया और बाद में उन्हें बेहतर इलाज के लिए श्रीगंगानगर जिला अस्पताल भेजा गया. अधिकारियों के मुताबिक, सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर है. झड़प के दौरान हस्तक्षेप करने की कोशिश में राजस्थान आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी (RAC) का एक जवान भी घायल हो गया.
क्या है पूरा मामला
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) जनेश तंवर ने जानकारी दी कि करीब 100 लोग सुबह गुरुद्वारे में घुस आए थे. इसके बाद हालात बिगड़ने लगे. मौके पर हालात को नियंत्रित करने के लिए कई थानों की पुलिस और RAC के जवानों को तैनात किया गया. साथ ही, जिला पुलिस लाइन से भी अतिरिक्त बल भेजा गया.
प्रशासन ने क्षेत्र में लागू कर दी धारा 144
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी है ताकि मामला और न बिगड़े. पुलिस ने बताया कि गोलुवाला थाने में दो एफआईआर दर्ज की गई हैं. इनमें 17 लोगों को नामजद किया गया है जबकि कई अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है. फिलहाल तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.
गुरुद्वारा की पुरानी समिति को लेकर हुआ विवाद
स्थानीय लोगों का आरोप है कि गुरुद्वारा की पुरानी समिति, जिसका नेतृत्व बीबी हरमीत कौर कर रही थीं. उनका कहना है कि समिति समर्थकों की ओर से गुरुद्वारे के मामलों में लगातार गड़बड़ी की जा रही थी. इसलिए, अब एक नई समिति गठित करने की मांग उठ रही है ताकि गुरुद्वारे का संचालन पारदर्शी तरीके से हो सके.
वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर डेरा डाले हुए हैं और हालात पर करीबी नजर बनाए हुए हैं. प्रशासन का कहना है कि शांति व्यवस्था बनाए रखना उनकी पहली प्राथमिकता है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
Source: IOCL



























