बकरीद के दिन कुर्बानी पर राजस्थान के मंत्री का बड़ा बयान- 'सनातन परंपरा में इसे...'
Bakrid 2025: राजस्थान के पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने बकरीद पर बकरों की कुर्बानी को सनातन संस्कृति के खिलाफ बताया है. उन्होंने कहा कि फिलहाल कुर्बानी रोकने का इरादा नहीं है, लेकिन यह गलत है.

Jojaram Kumawat on Bakrid Qurbani: बकरीद का पर्व शनिवार (7 जून) को मनाया जा रहा है. इससे पहले से इस त्योहार पर होने वाली जानवरों की कुर्बानी की परंपरा पर राजनीति तेज है. इसी क्रम में अब राजस्थान की भजनलाल सरकार के मंत्री का बड़ा बयान आया है.
राजस्थान की बीजेपी सरकार में पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने कुर्बानी का विरोध करते हुए कहा है कि बकरों की कुर्बानी हमारी संस्कृति के खिलाफ है. उन्होंने कहा, "सनातन परंपरा में इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता." उनका कहना है कि फिलहाल बकरों की कुर्बानी रोकने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन जीवों की बलि कतई उचित नहीं है.
'सरकारी गाइडलाइंस का हो रहा अध्ययन'
वहीं, बकरों को कुर्बानी के लिए विदेश एक्सपोर्ट किए जाने पर मंत्री बोले, "इस मामले में केंद्र सरकार की गाइडलाइन का अध्ययन किया जा रहा है. गाइडलाइन के मुताबिक जांच कराई जाएगी."
8:15 पर बकरीद की नमाज
राजस्थान में बकरीद की नमाज सुबह 8:15 पर अता की जाएगी. मस्जिद के मौलाना ने इसकी जानकारी दी है. इस बीच त्योहार पर मुस्लिम समुदाय में जोश और खुशी का माहौल है.
हालांकि, राजस्थान में अन्य समुदायों के लोग कुर्बानी के बाद अब सड़क पर नमाज पढ़ने पर आपत्ति जता रहे हैं. हिंदूवादी संगठनों का कहना है कि राजस्थान में भी 'योगी मॉडल' पर काम किया जाए और सड़कों पर नमाज पढ़ने पर रोक लगाई जाए.
अभी जानवरों की कु्र्बानी का विरोध खत्म नहीं हुआ था कि अब इन संगठनों का कहना है कि नमाज पढ़े जाने की वजह से जयपुर की सड़कों पर कई घंटे लंबा जाम लग जाता है और आम जनता को परेशानी होती है. वहीं, मरीजों को भी अस्पताल तक पहुंचाने में दिक्कत होती है.
राजस्थान बीजेपी नेता सत्येंद्र त्यागी का दावा है कि अगर सड़क पर नमाज पढ़ने के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए गए तो आगे माहौल खराब करने की कोशिश की जाएगी. उनका कहना है कि केवल बीजेपी ही नहीं, बल्कि अन्य लोगों का भी यही मानना है कि यूपी का योगी मॉडल राजस्थान में भी लागू किया जाए ताकि प्रदेश में शांति बनी रहे.
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Source: IOCL






















