डूंगरपुर: निकाय चुनाव की सरगर्मी तेज, कांग्रेस ने BJP के विकास मॉडल पर दागे सवाल!
कांग्रेस नेता का दावा है कि लंबे समय तक नगर परिषद की सत्ता में रहने के बावजूद शहर के कई हिस्सों में सड़क, नाली और सफाई जैसी बुनियादी समस्याएं बनी हुई हैं.

राजस्थान के डूंगरपुर नगर परिषद चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ने लगा है. चुनावी मैदान में उतरे प्रत्याशी अब शहर के विकास, सड़क, सफाई और मूलभूत सुविधाओं को लेकर एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं. कांग्रेस के सभापति प्रत्याशी भरत नागदा ने नगर परिषद में लंबे समय से चले आ रहे बीजेपी के बोर्ड को घेरते हुए उसके विकास मॉडल पर सवाल खड़े किए हैं.
नागदा का कहना है कि लंबे समय तक नगर परिषद की सत्ता में रहने के बावजूद शहर के कई हिस्सों में सड़क, नाली और सफाई जैसी बुनियादी समस्याएं बनी हुई हैं. उन्होंने इन मुद्दों को चुनावी बहस के केंद्र में लाते हुए जनता से बदलाव की अपील की.
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सड़कों के गड्ढे और सफाई पर BJP को घेरा
भरत नागदा ने डूंगरपुर शहर की जमीनी स्थिति का हवाला देते हुए बीजेपी पर हमला बोला. उन्होंने बदहाल सड़कों, जगह-जगह बने गड्ढों, उड़ती धूल, सड़क किनारे कचरे और टूटी नालियों को लेकर सवाल उठाए. कांग्रेस प्रत्याशी ने कहा कि चुनाव के दौरान विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन शहर के कई इलाकों की तस्वीर इन दावों से अलग नजर आती है. उन्होंने लंबे समय से नगर परिषद में बीजेपी के बोर्ड को शहर की मौजूदा स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया.
गैप सागर से साबेला तक पर्यटन विकास का वादा
बीजेपी पर हमला करने के साथ ही नागदा ने कांग्रेस का विकास विजन भी सामने रखा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का घोषणा पत्र सिर्फ चुनावी वादों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शहर की सुविधाओं और पर्यटन विकास के लिए रोडमैप तैयार किया जाएगा. डूंगरपुर की ऐतिहासिक और प्राकृतिक पहचान को देखते हुए उन्होंने गैप सागर, साबेला और सुनेरिया तालाब के सौंदर्यीकरण को प्राथमिकता देने की बात कही. कांग्रेस का लक्ष्य शहर को बेहतर पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना बताया गया.
पुराने शहर में तारों का जाल भी बनेगा मुद्दा
भरत नागदा ने पुराने शहर में बिजली के तारों के जाल को व्यवस्थित करने और शहर की खूबसूरती बढ़ाने का मुद्दा भी उठाया. उनका कहना है कि डूंगरपुर की ऐतिहासिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता को बेहतर नागरिक सुविधाओं से जोड़कर शहर को पर्यटन के नक्शे पर और मजबूत पहचान दिलाई जा सकती है. उन्होंने शहर की मूलभूत सुविधाओं में सुधार के साथ-साथ पर्यटन क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने पर भी जोर दिया.
‘जनता बदलाव चाहती है’, नागदा का दावा
कांग्रेस प्रत्याशी ने दावा किया कि चुनाव से पहले अलग-अलग समाजों और वर्गों के लोगों का कांग्रेस से जुड़ना जनता के बदलाव के मूड का संकेत है. उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से विकास के दावों के बावजूद शहर की कई समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ.
हालांकि, बीजेपी की ओर से इन आरोपों पर अभी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. ऐसे में चुनावी माहौल में विकास के मुद्दे पर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है. सड़क, सफाई, नाली, पेयजल, शहर की सुंदरता और पर्यटन विकास जैसे मुद्दे मतदाताओं के बीच अहम बनते नजर आ रहे हैं.
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