राजस्थान में सियासी हलचल, सचिन पायलट से BJP ने जताई हमदर्दी, अशोक गहलोत की भड़ास पर कांग्रेस की चुप्पी
Rajasthan Politics: कांग्रेस की आपसी लड़ाई के बारे में आज जब प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से सवाल किया गया तो वह साफ तौर पर कुछ भी बोलने से बचते नजर आए. उन्होंने सवालों के जवाब नहीं दिए.

- गहलोत ने 'साजिश' का जिक्र कर पायलट पर निशाना साधा.
राजस्थान में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट के बीच का आपसी विवाद एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है. रविवार को अशोक गहलोत द्वारा सचिन पायलट को लेकर की गई बयानबाजी के बाद कांग्रेस की आपसी गुटबाजी एक बार फिर जगजाहिर हो गई है.
गहलोत की इस बयानबाजी के बाद बैकफुट पर आई कांग्रेस पार्टी ने चुप्पी साध ली है. कांग्रेस की आपसी लड़ाई के बारे में आज जब प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से सवाल किया गया तो वह साफ तौर पर कुछ भी बोलने से बचते नजर आए. एबीपी न्यूज द्वारा पूछे गए सवाल पर वो सिर्फ नमस्कार और धन्यवाद कहकर चलते बने.
अशोक गहलोत के बयान से कांग्रेस ने बनाई दूरी
तीन दिनों के पंजाब दौरे के बाद जयपुर एयरपोर्ट पर पहुंचे गोविंद सिंह डोटासरा ने सवाल सुनते ही तीन बार नमस्कार और धन्यवाद कहा और कोई भी जवाब दिए बिना अपनी गाड़ी में बैठकर चले गए. इस बारे में पार्टी के तमाम दूसरे बड़े नेताओं से भी बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने भी औपचारिक तौर पर कैमरे के सामने कुछ बोलने से मना कर दिया. कांग्रेस पार्टी इस मामले में भले ही बैकफुट पर हो और उसने चुप्पी साध ली हो, लेकिन बीजेपी को इस बयान ने कांग्रेस पर हमला करने का अवसर दे दिया है.
बीजेपी कांग्रेस पर हमलावर
गहलोत और पायलट की इस लड़ाई में बीजेपी खुलकर बयानबाजी कर रही है. बीजेपी के तमाम नेता सियासी रणनीति के तहत गहलोत पर निशाना साध रहे हैं और सचिन पायलट की तरफ हमदर्दी से देख रहे हैं. इस मामले में जयपुर की हवा महल सीट से बीजेपी के फायर ब्रांड विधायक बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि सचिन पायलट युवा और सक्रिय नेता है, वो लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी में उनका उचित सम्मान नहीं है. अशोक गहलोत समेत कांग्रेस पार्टी के तमाम नेता अक्सर ही उन पर निशाना साधते हैं, उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं और उनका मजाक उड़ाते हैं.
क्या पायलट को पार्टी में शामिल करना चाहती है बीजेपी?
विधायक बालमुकुंद आचार्य के मुताबिक बीजेपी को इसी वजह से सचिन पायलट के साथ हमदर्दी है. हालांकि, उन्होंने इस बात से इनकार किया कि बीजेपी उन्हें अपनी पार्टी में शामिल होने का न्योता देकर उनका उचित सम्मान करेगी और उनके सियासी कद के हिसाब से उनके साथ इंसाफ करेगी.
विधायक बालमुकुंद आचार्य का कहना है कि बीजेपी किसी को खुद नहीं बुलाती है, बल्कि जिसे भी बीजेपी की नीतियां पसंद आती हैं, जो देश की सेवा करना चाहता है वो खुद ही राष्ट्रवादी पार्टी से जुड़ने की इच्छा जताता है. बीजेपी अपनी पार्टी में शामिल होने वाले सभी लोगों का उचित सम्मान करती है.
अशोक गहलोत का कौन सा बयान चर्चा में?
गौरतलब है कि पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने रविवार को मीडिया से बात करते हुए सचिन पायलट पर जमकर निशाना साधा था और अपने खिलाफ साजिश होने की बात कही थी. इस दौरान सचिन पायलट को तमाम नसीहतें भी दी थी. उन्होंने अपनी सरकार के कार्यकाल के दौरान का मानेसर कांड फिर से याद किया. अशोक गहलोत ने कहा था,“अगर सोनिया गांधी और कांग्रेस आलाकमान मुझे राष्ट्रीय अध्यक्ष बना रहे थे तो क्या मैं मना करूंगा? वो तो स्थिति ऐसी बना दी गई थी कि बदनाम मैं हो गया. अचानक पर्यवेक्षक आ गए, अचानक यह तमाशा हो गया और बदनाम मैं हो गया. तब न सही अब मेरा भला हो जाए ऐसी दुआ करें."
अशोक गहलोत के इस बयान के बाद ही सियासी गलियारों में फिर से राजस्थान के दो कद्दावर कांग्रेसी नेताओं की आपसी लड़ाई खुलकर सामने आ गई है. हालांकि, इस मामले पर सचिन पायलट या उनके किसी करीबी बड़े नेता ने अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया है.
#WATCH | Jaipur, Rajasthan: Congress leader Ashok Gehlot says, "I am not uneducated. I am well aware of the history of the Congress state president's post, held by stalwarts like Gandhiji, Pandit Nehru, Motilal Nehru, and Sardar Patel. If Sonia Gandhi and the Congress party had… https://t.co/1YR44qYMpX pic.twitter.com/qm1XOdNLh5
— ANI (@ANI) June 7, 2026

























