अशोक गहलोत इस बार नहीं मनाएंगे अपना जन्मदिन, जानें क्या है इसके पीछे वजह?
Ashok Gehlot News: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के मद्देनजर 3 मई को अपना जन्मदिन नहीं मनाने का फैसला किया है.

Ashok Gehlot On Pahalgam Terror Attack: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के मद्देनजर 3 मई को अपना जन्मदिन नहीं मनाने का फैसला किया है. अशोक गहलोत ने कहा कि पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले ने हम सभी को अंदर तक व्यथित कर दिया है.
कांग्रेस के दिग्गज नेता ने आगे कहा पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले ने हम सभी को अंदर तक व्यथित कर दिया है. परिवार के साथ सुखद समय बिताने के उद्देश्य से गए लोगों के लिए यह यात्रा एक जीवन भर का दुख दे गई. उन्होंने कहा, "अभी तक उन परिवारों की मनोस्थिति सोचकर मन सिहर उठता है जिनके परिजनों को उनके सामने मार दिया गया."
3 मई को अपना जन्मदिन नहीं मनाने का किया फैसला
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने 'एक्स' हैंडल पर लिखा, ‘‘ऐसे समय में मैंने इस वर्ष 3 मई को अपना जन्मदिन नहीं मनाने का फैसला किया है. मेरी सभी प्रशंसकों एवं कार्यकर्ताओं से अपील है कि इस दिवस पर अगर आपने कोई कार्यक्रम प्रस्तावित किया है तो मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए इसे रक्तदान शिविर एवं सेवा कार्यों तक ही सीमित रखें. इसके अतिरिक्त किसी तरह का जश्न न मनाएं.’’
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि यह उन सभी दिवंगत आत्माओं को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि है और उनके परिवारों के प्रति एकजुटता का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा देश पीड़ित परिवारों के साथ हैं.
पीड़ित परिवारों की मदद करे सरकार- गहलोत
हाल ही में उन्होने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए जयपुर निवासी चार्टर्ड अकाउंटेंट नीरज उधवानी (33) के परिजनों को सम्मानजनक आर्थिक सहायता और पत्नी को नौकरी देने की मांग उठाई है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, मेरी राज्य सरकार से मांग है कि जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में जान गंवाने वाले जयपुर के नीरज उधवानी के परिजनों को कम से कम इसी प्रकार का पैकेज दिया जाए जिससे उन पर आश्रित उनकी पत्नी को संबल मिल सके. केन्द्र सरकार तथा दूसरी राज्य सरकारों को भी पीड़ित परिवारों के लिए ऐसी पहल करनी चाहिए.
पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की गई जान
बता दें, 22 अप्रैल 2025 को भारत के जम्मू और कश्मीर में पांच आतंकियों ने हमला किया, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई और 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए. यह हमला 2008 के मुंबई हमलों के बाद सबसे खतरनाक माना जा रहा है. यह घटना पहलगाम के पास बैसरन घाटी में हुई, जो एक मशहूर पर्यटन स्थल है. मारे गए लोगों में ज्यादातर हिंदू थे.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL





















