Rajasthan: अंतिम संस्कार से अस्थि विसर्जन तक शोकाकुल परिवार के लिए किराए पर पूरा इंतजाम, रोने के लिए भी रहेंगे लोग
Jodhpur: जोधपुर की अंतिम सत्य कंपनी तिम संस्कार (फ्यूनरल) मैनेजमेंट का कार्य करती है. अंतिम सत्य कंपनी का मुख्य उद्देश्य सनातन धर्म को जीवित रखना है, जिसकी जानकारी बहुत कम लोगों को है.

Jodhpur News: राजस्थान का दूसरा बड़ा शहर जोधपुर (Jodhpur) इन दिनों चर्चा में है. क्योंकि, यहां अंतिम सत्य नाम की एक ऐसी कंपनी का ऑफिस खुला है, जो अंतिम संस्कार (फ्यूनरल) मैनेजमेंट का कार्य करती है. इस कंपनी का मानना है कि आज के समय में जहां लोग व्यस्तता और परिवार में एकता ना होने की वजह से परिवार बिखरते चले जा रहे हैं, जिसके कारण परिवार में किसी सदस्य का स्वर्गवास हो जाने पर वो लोग परिवार के लोगों की कमी को महसूस करते हैं.
वहीं दूसरा बड़ा कारण यह भी है कि परिवार में बुजुर्गों की कमी होती जा रही है, जिसके चलते ऐसे वक्त पर जो मरणोपरांत की जाने वाली किर्या के कार्य होते हैं, उनकी अनभिज्ञता से लोगों को बड़ी तकलीफों का सामना करना पड़ता है. अंतिम सत्य कंपनी का मुख्य उद्देश्य सनातन धर्म को जीवित रखना है, जिसकी जानकारी बहुत कम लोगों को है. सनातन धर्म के अनुसार मरणोपरांत होने वाले कार्य 12 दिन के होते हैं. उन कार्यों को करने के लिए इंसान जानकारी जूटाने के लिए इधर-उधर दौड़ धूप करता नजर आता है.
अंतिम सत्य कंपनी के को फाउंडर ने क्या कहा?
पूरी जानकारी नहीं होने के कारण लोग नकारात्मक कार्य कर देते हैं. ऐसी धारणा है कि ऐसे नकारात्मक कार्यों की वजह से इंसान को जीवनकाल में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. अंतिम सत्य कंपनी के को फाउंडर गजेंद्र पारीक ने बताया कि आज के समय मे परिवारों में माहौल बदल गया है. विवाद के कारण भाई भाई की शक्ल नहीं देखता है. किसी के घर मे मौत हो जाये तो घर मे कोई रोने वाला नहीं होता है. गजेंद्र पारीक ने बताया कि हमारा रेट कार्ड है, जिसमें पहले दिन से अतिंम 12वें दिन तक का पैकेज खाने के साथ एक लाख 21 हजार रुपये है.
उन्होंने कहा कि इससे छोटा बगैर खाने का पैकेज 60 हजार रुपये का है. हमारी कंपनी ने 13 ब्राह्मणों 10 महिलाओं और 20 युवाओं से कॉन्ट्रैक्ट किया है, जो हमारी टीम है. जिस तरह की डिमांड आती है, उसी तरह की हम सेवाएं देते हैं.
सनातन धर्म के अनुसार, मरणोपरांत की जाने वाली किर्या की समस्या को ध्यान में रखते हुए इस कंपनी ने विद्वान पंडितों की एक ऐसी टीम तैयार की है, जो सनातन धर्म और शास्त्रों के अनुसार संपूर्ण क्रिया विधिवत तरीके से पूर्ण करवाती है, जिससे भविष्य में उनके परिवार को किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होती. अंतिम सत्य नाम की कंपनी के गजेंद्र पारीक का कहना है कि हम कुछ ऐसी सेवाएं दे रहे हैं, जो शोकाकुल परिवार को सभी समस्याओं से मुक्ति दिलाती हैं और एक ही छत के नीचे सारे कार्य पूरे होते हैं.
अंतिम सत्य कंपनी की ओर से यह मुख्य सेवाएं
1. शव को अस्पताल से घर लाने के लिए एंबुलेंस की सुविधा.
2. अगर शव को रात भर घर पर रखना है, तो फ्रीजर बॉक्स की सुविधा.
3. अगले दिन स्वर्गाश्रम ले जाने से पहले विद्वान पंडितजी की देखरेख में मृत शरीर को नहलाना और मंत्रोचारण के साथ पूर्ण रूप से तैयार करना.
4. सनातन धर्म के अनुसार अंतिम संस्कार की सामग्री की उपलब्धता.
5. शव को स्वर्गाश्रम ले जाने के लिए शव वाहन(राम रथ) की उपलब्धता.
6. स्वर्गाश्रम पहुंचने पर कम से कम लकड़ियों का उपयोग करके अंतिम संस्कार मंत्रोचारण के द्वारा पूर्ण कराते हैं, क्योंकि एक शव का दाह संस्कार करने में लोग एक पेड़ की बलि दे देते हैं.
7. अगली अल सुबह पंडित शोकाकुल परिवार के किसी सदस्य के साथ अस्थियां वैदिक रीति से बिनते हैं और तर्पण के लिए तैयार करते हैं.
8. तीसरे दिन शोक सभा(उठावणा) की व्यवस्था करना रुदाली (रोने वाली) महिलाओं की व्यवस्था करना.
9. चौथे या पांचवे दिन (मुहूर्त के हिसाब से) हरिद्वार और पुष्कर में अस्थि विसर्जन के लिए पंडित जी के साथ परिवार के सदस्य का प्रस्थान.
10. नोवें दिन घाट पर पंडित द्वारा नमिये की क्रिया कराना.
11. ग्यारवें दिन घाट पर नारायण बलि संपन्न कराना. उसी दिन रात में रात्रि जागरण(डांगड़ी रात) का आयोजन.
12. बारहवें दिन हवन के साथ तर्पण और गंगा प्रसादी की व्यवस्था.
13. छः मास का घड़ा भराना.
14. 11 महीने बाद बरसी का आयोजन.
15. अगले साल श्राद्ध पक्ष में आत्मा को श्राद्ध में शामिल करने तक की प्रक्रिया पूर्ण करना.
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Source: IOCL






















