पारिवारिक सदस्यों ने पुलिस को बताया कि रविवार शाम को परिवार के सभी सदस्य एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए घर से बाहर गए थे. इस दौरान अंकित घर पर अकेला था. कुछ समय बाद जब वह काफी देर तक बाहर नहीं आया तो उसकी मां ने उसे कमरे में देखा. दुखद स्थिति में अंकित ने कमरे में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी थी.
इस कारण अंकित ने उठाया कदम
फौरन परिवार ने अंकित को सरकारी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. स्टूडेंट का शव सोमवार दोपहर को पोस्टमार्टम के बाद उसके परिवार को सौंपा गया. अंकित नौवीं क्लास का छात्र था और परिवार ने बताया कि वह पढ़ाई में कमजोर था और लगातार मानसिक तनाव में रहता था. इसी मानसिक दबाव के कारण उसने यह गंभीर कदम उठाया.
पुलिस ने मामले की जानकारी ली और प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि नाबालिग के मानसिक स्वास्थ्य और पढ़ाई के दबाव ने उसे इस क़दम पर मजबूर किया. परिवार के सदस्य और पड़ोसी इस घटना से स्तब्ध हैं और किसी को भी इस तरह की स्थिति का अंदाजा नहीं था.
परिवार को गहरा सदमा पहुंचा
विशेषज्ञों का कहना है कि पढ़ाई के तनाव और मानसिक दबाव से नाबालिगों में आत्महत्या की प्रवृत्ति बढ़ सकती है. परिवार और समाज को बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना आवश्यक है. अंकित की इस दुखद मृत्यु ने न केवल परिवार को गहरा सदमा पहुंचाया है, बल्कि पूरे इलाके में शोक और चिंता की लहर फैला दी है. इस घटना ने मानसिक स्वास्थ्य और पढ़ाई के तनाव के प्रति लोगों की संवेदनशीलता बढ़ाने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया है.

























