पादरी बजिंदर सिंह को उम्रकैद की सजा, पीड़िता की पहली प्रतिक्रिया, 'मैंने सात सालों तक...'
Bajinder Singh News: पादरी बजिंदर सिंह को रेप के मामले में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाने पर पीड़िता ने फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि उसने 7 साल तक संघर्ष किया और अब न्याय मिला, वे खुश हैं.

Victims' First Reaction In Bajinder Singh Case: मोहाली कोर्ट ने स्वयंभू पादरी बजिंदर सिंह को रेप के मामले में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है. लंबे समय से इस फैसले का इंतजार कर रही पीड़िता का पहला बयान मीडिया के सामने आया है. इस बयान में पीड़िता की खुशी देखी जा सकती है.
पीड़िता ने फैसले पर खुशी जताते हुए कहा, "मैं बहुत खुश हूं. कोर्ट ने मेरे साथ न्याय किया, मैं जज, अपने वकील और मीडिया का धन्यवाद करती हूं. मैंने बहुत कठिन समय देखा है, 7 साल तक इस दिन के लिए इंतजार किया है, आखिरकार मुझे इंसाफ मिल गया."
#WATCH | Mohali, Punjab | After Mohali court's order in Pastor Bajinder Singh sexual assault case, victim says, "...I am very happy. I am thankful to the Judge, my advocate. The court has served justice to me. I am grateful for that..." https://t.co/sXqvLiYIoa pic.twitter.com/mf5q67jn63
— ANI (@ANI) April 1, 2025
क्या है पूरा मामला?
यह मामला साल 2018 का है, जब मोहाली के जीरकपुर थाने में एक महिला ने बजिंदर सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत थी योन-शोषण की. शिकायत में पीड़िता ने बताया कि पादरी ने उसे विदेश भेजने का झांसा देकर शोषण किया और फिर उसका वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया. पीड़िता का दावा है कि उसकी तरह कई अन्य महिलाओं का भी शोषण किया गया.
पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया था कि पादरी ने धार्मिक प्रवचन के नाम पर अपनी छवि का फायदा उठाते हुए महिलाओं को फंसाया और फिर उनका यौन शोषण किया. मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने गहन जांच की और कई सबूत जुटाए, जिनके आधार पर यह केस अदालत तक पहुंचा.
कोर्ट में सुनवाई और सजा
इस केस की पिछली सुनवाई 28 मार्च को हुई थी, जिसमें कोर्ट ने सभी सबूतों और गवाहों के आधार पर बजिंदर सिंह को दोषी ठहराया था. 1 अप्रैल को कोर्ट ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई. अदालत ने इस मामले को गंभीर मानते हुए कहा कि ऐसे अपराध समाज के लिए घातक हैं और अपराधी को कड़ी सजा मिलनी ही चाहिए.
पीड़िता ने बताया कि वह 7 साल से न्याय के लिए संघर्ष कर रही थी और कई बार पुलिस व कोर्ट के चक्कर लगाने पड़े. उसने कहा कि इस फैसले से अन्य पीड़िताओं को भी न्याय मिलने की उम्मीद जगी है. इस दौरान उसे मानसिक और सामाजिक रूप से भी कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी.
इस तरह के फैसलों से महिलाओं की सुरक्षा और न्याय प्रणाली में विश्वास को मजबूती मिलेगी. इससे उन महिलाओं को भी हौसला मिलेगा जो यौन उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने से डरती हैं.
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Source: IOCL






















