पेरिस ओलंपिक: मनु भाकर ने जीता मेडल तो पंजाब CM भगवंत मान ने भी दी बधाई, जानें क्या कहा?
Manu Bhaker News: पंजाब के CM भगवंत मान ने बधाई देते हुए कहा कि भारत की बेटी मनु भाकर ने आज पेरिस ओलंपिक में 10 मीटर एयर पिस्टल शूटिंग प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रौशन कर दिया

Bhagwant Mann On Manu Bhaker: पेरिस ओलंपिक में स्टार निशानेबाज मनु भाकर ने रविवार (28 जुलाई) को परचम लहराया. 10 मीटर एयर पिस्टल प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतने के बाद उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है. खेल से लेकर राजनीति जगत के लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं. इसी कड़ी में पंजाब के सीएम भगवंत मान ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि मनु भाकर ने देश का नाम रौशन कर दिया.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, ''भारत की बेटी मनु भाकर ने आज पेरिस ओलंपिक में 10 मीटर एयर पिस्टल शूटिंग प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया. मनु भाकर को बहुत बहुत बधाई. चक दे इंडिया.''
भारत की बेटी मनु भाकर ने आज पेरिस ओलंपिक में 10 मीटर एयर पिस्टल शूटिंग प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया...
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) July 28, 2024
मनु भाकर को बहुत बहुत बधाई...
चक दे इंडिया
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक निशानेबाज मनु भाकर ने रविवार (28 जुलाई) को यहां महिला 10 मीटर एयर पिस्टल फाइनल में तीसरे स्थान पर रहते हुए कांस्य पदक के साथ पेरिस ओलंपिक में भारत के पदक का खाता खोला और ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला निशानेबाज बनीं.
मनु भाकर ने आठ निशानेबाजों के फाइनल में 221.7 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया. भारतीय निशानेबाज जब बाहर हुईं तो दक्षिण कोरिया की येजी किम से सिर्फ 0.1 अंक पीछे थीं, जिन्होंने अंतत: 241.3 अंक के साथ रजत पदक जीता. किम की हमवतन ये जिन ओह ने 243.2 अंक के फाइनल के ओलंपिक रिकॉर्ड स्कोर के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया.
लंदन ओलंपिक 2012 के बाद भारत का निशानेबाजी में यह पहला ओलंपिक पदक है. रियो ओलंपिक 2016 और तोक्यो ओलंपिक से भारतीय निशानेबाज खाली हाथ लौटे थे.
मनु भाकर ने कहा, ''तोक्यो के बाद मैं बहुत निराश थी और मुझे इससे उबरने में बहुत लंबा समय लगा. सच कहूं तो मैं यह नहीं बता सकती कि आज मैं कितना अच्छा महसूस कर रही हूं. मैं अपनी पूरी ऊर्जा के साथ लड़ रही थी. मैं आभारी हूं कि कांस्य पदक जीत सकी। मैंने भगवद गीता पढ़ी है और हमेशा वही करने की कोशिश की जो मुझे करना चाहिए, बाकी सब भगवान पर छोड़ दिया.''
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