अमृतसर में सरहद के पास खेत खाली करने का किया गया ऐलान? अब BSF ने बता दिया सबकुछ साफ
Amritsar News: पहले ऐसी खबरें चल रहीं थी कि अमृतसर के रोडावाला गांव में किसानों को दो दिन के अंदर गेहूं की फसल काटने और खेत खाली करने के लिए कहा गया है. अब अमृतसर प्रशासन ने इसका खंडन किया है.

Punjab News: बीएसएफ (BSF) ने उन खबरों का खंडन किया है, जिसमें गेहूं की फसल काटने और खेत खाली करने की बात कही जा रही है. अमृतसर डिप्टी कमिश्नर ने साफ किया है कि बीएसएफ ने सरहद के साथ लगते गांवों में दो दिन में गेहूं की फसल से खेत खाली करने के लिए नहीं कहा है. उन्होंने कहा है कि बीएसएफ ने इस तरह की कोई अनाउंसमेंट नहीं की है और गांव वालों को स्थानीय प्रशासन से इस तरह की अफवाहों पर बात कर स्पष्टता लानी चाहिए.
अमृतसर की डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) द्वारा दो दिनों के भीतर सीमावर्ती गांवों में कंटीली तार के पार गेहूं की कटाई करने की अफवाह के बारे में स्पष्टीकरण जारी किया है. बीएसएफ ने ऐसी कोई घोषणा करने से इनकार किया है और डिप्टी कमिश्नर ने सीनियर बीएसएफ अधिकारियों से बात करने के बाद इसकी पुष्टि की है.
निराधार अफवाहों पर ध्यान न दें लोग- डिप्टी कमिश्नर
उन्होंने कहा, ''प्रशासन नागरिकों से ऐसी निराधार अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक चैनलों के माध्यम से जानकारी की पुष्टि करने का आग्रह करता है. नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे ऐसी किसी भी खबर को स्थानीय अधिकारियों जैसे पटवारी, तहसीलदार या जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ स्पष्ट करें.''
पहले खेत खाली करने की चल रही थीं खबरें
पहले ऐसी खबरें चल रहीं थी कि अमृतसर के रोडावाला गांव में किसानों को दो दिन के अंदर गेहूं की फसल काटने और खेत खाली करने के लिए कहा गया है. बताया गया था कि गांव के गुरुद्वारा से भी ये अनाउंसमेंट की गई. खबरें ये भी थीं कि गांव के सरपंच तरसेम सिंह को बीएसएफ की तरफ से ये कहा गया कि दो दिन के अंदर अपनी फसल काटकर और भूसा उठाकर खेत खाली कर लें क्योंकि उसके बाद फेंसिंग पर गेट बंद किए जाएंगे. ये गांव अटारी बॉर्डर के नजदीक है. अब अमृतसर प्रशासन की ओर से स्पष्ट कर दिया गया है कि बीएसएफ की ओर से ऐसी कोई बात नहीं कही गई.
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Source: IOCL





















