'उदयपुर फाइल्स' फिल्म पर सपा विधायक अबू आजमी का बड़ा बयान, 'दो समुदाय में नफरत...'
Udaipur Files: उदयपुर फाइल्स नाम की फिल्म कन्हैया लाल की हत्या के मामले पर आधारित है. जून 2022 में उदयपुर में कन्हैया लाल नाम के टेलर की हत्या कर दी गई थी.

राजस्थान के कन्हैया लाल की हत्या मामले पर आधारित 'उदयपुर फाइल्स' विवादों में है. 26 जून को फिल्म का ट्रेलर रिलीज हुआ जिसके बाद से इस पर विवाद हो रहा है. इस बीच सपा विधायक अबू आजमी ने इसको लेकर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि ऐसी कोई फिल्म नहीं बननी चाहिए जिससे दो समुदाय में नफरत पैदा हो.
हमें नफरत खत्म करना है- अबू आजमी
बुधवार (9 जुलाई) को मीडिया से बातचीत में सपा विधायक अबू आजमी ने कहा, "हमें नफरत खत्म करना है. ये बात सही है कि एक टेलर की हत्या सबके सामने की गई. बहुत धिनौनी घटना थी. लेकिन उसकी वजह ये थी कि नूपुर शर्मा ने इस्लाम के खिलाफ स्टेटमेंट दिया था."
सपा विधायक ने कहा, "नूपुर शर्मा के ऊपर बहुत सारे एफआईआर हुए. यहां तक की सुप्रीम कोर्ट के दो जज ने बोला कि देश में जो हंगामा चल रहा है, इसकी सारी जिम्मेदारी नूपुर शर्मा की है. बीजेपी ने अपनी पार्टी से उनको निकाल दिया."
'किसी धर्म के खिलाफ कोई बोलता है तो हंगामा होता है'
अबू आजमी ने आगे कहा कि इस केस में अभी फैसला भी नहीं हुआ है. लेकिन नफरत की बात करने वाले, किसी धर्म के खिलाफ बोलने वाले लोगों की वजह से देश में बहुत हंगामा चल रहा है. किसी धर्म के खिलाफ कोई बोलता है तो हंगामा होता है.
सरकार इस फिल्म को रोक सकती है- अबू आजमी
मीडिया से बातचीत में उन्होंने ये भी कहा कि एमएफ हुसैन ने देवी-देवताओं की तस्वीर बनाई थी तो कितने सारे एफआईआर उनके ऊपर हुए. उनको हिंदुस्तान से भागना पड़ा. अगर फिल्म को सेंसर बोर्ड ने पास भी कर दिया है तो लॉ एंड ऑर्डर की बात लेकर इसे सरकार रोक सकती है. इस फिल्म का अभी जो ट्रेलर दिखा रहे हैं, उस पर हंगामा शुरू है.
मुंबई, महाराष्ट्र: समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अबू आजमी ने फिल्म उदयपुर फाइल्स पर कहा, "...ऐसी फिल्में रिलीज नहीं होनी चाहिए जो दो समुदायों के बीच नफरत पैदा करती है..." pic.twitter.com/mNbhT4ByeC
— IANS Hindi (@IANSKhabar) July 9, 2025
किसने की थी कन्हैया लाल की हत्या?
बता दें कि उदयपुर के एक दर्जी कन्हैया लाल की जून 2022 में कथित तौर पर मोहम्मद रियाज और मोहम्मद गौस ने हत्या कर दी थी. हमलावरों ने बाद में एक वीडियो जारी किया था जिसमें दावा किया गया था कि पूर्व बीजेपी नेता नूपुर शर्मा की पैगंबर मोहम्मद पर की गई विवादास्पद टिप्पणी के बाद उनके समर्थन में दर्जी कन्हैया लाल शर्मा के सोशल मीडिया खाते पर कथित तौर पर साझा किए एक पोस्ट के जवाब में उसकी हत्या की गई थी.
स्पेशल कोर्ट में लंबित है केस
इस मामले की जांच एनआईए ने की थी और आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धाराओं के अलावा यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया गया था. यह मुकदमा जयपुर की विशेष एनआईए अदालत में लंबित है.
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