NCP के विलय की अटकलों पर सुनील तटकरे का बड़ा बयान, 'अजित दादा के नेतृत्व में हमने NDA...'
Maharashtra News: महाराष्ट्र के सतारा जिले के कराड में मीडिया से बातचीत में एनसीपी नेता सुनील तटकरे ने कहा कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि कौन सी पार्टी किस पार्टी में विलय करेगी.

एनसीपी सांसद सुनील तटकरे ने सोमवार (02 फरवरी) को कहा कि दिवंगत अजित पवार के नेतृत्व में पार्टी ने सामूहिक रूप से बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल होने का फैसला किया था और वह वहीं रहेगी. वहीं, एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की बात करने वालों को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वे इससे सहमत हैं.
महाराष्ट्र के सतारा जिले के कराड में पत्रकारों से बात करते हुए तटकरे ने कहा, ''यह स्पष्ट होना चाहिए कि कौन सी पार्टी किस पार्टी में विलय करेगी.'' वह महाराष्ट्र की नवनियुक्त उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता सुनेत्रा पवार के साथ कराड में राज्य के पहले मुख्यमंत्री वाईबी चव्हाण के स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करने गए थे.
सुनेत्रा पवार ने 31 जनवरी को ली डिप्टी सीएम की शपथ
सुनेत्रा पवार ने अपने पति अजित पवार के निधन के तीन दिन बाद शनिवार (31 जनवरी) को उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. पुणे जिले के बारामती में 28 जनवरी 2026 को विमान दुर्घटना में अजित पवार का निधन हो गया था. शपथ लेने से पहले, मुंबई में आयोजित एक बैठक में सुनेत्रा पवार एनसीपी का विधायक दल नेता चुना गया था.
विलय को लेकर अलग राय का सवाल ही नहीं- सुनील तटकरे
प्रस्तावित विलय के विरोध के बारे में पूछे जाने पर सुनील तटकरे ने कहा, ''इस मुद्दे पर उनके या पार्टी सांसद प्रफुल्ल पटेल के अलग राय होने का कोई सवाल ही नहीं है. अजित दादा के नेतृत्व में हमने भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल होने का सामूहिक निर्णय लिया था और राज्य की जनता ने विधानसभा चुनावों में अजित दादा के इस निर्णय को अपनी स्वीकृति दी है.''
एनसीपी खुद ले सकती है अपने फैसले- सुनील तटकरे
उन्होंने कहा कि विलय की बात करने वालों को यह जवाब देना चाहिए कि क्या वे इससे सहमत हैं. लोकसभा सदस्य ने यह भी कहा कि एनसीपी विधायक दल इतना मजबूत है कि वह नए नेता की नियुक्ति के संबंध में अपने निर्णय खुद ले सकता है.
शरद पवार समेत एनसीपी (एसपी) के कई नेताओं ने दावा किया है कि विलय बातचीत अंतिम चरणों में थी. शरद पवार ने कहा था कि अजित पवार ने एनसीपी गुटों के बीच विलय की घोषणा के लिए 12 फरवरी की तारीख तय कर ली थी. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा कि अगर ऐसा होता तो अजित पवार ने उन्हें इसकी जानकारी दी होती.
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Source: IOCL


























