एक्सप्लोरर

Explained: क्या वाकई शिवसेना UBT से टूटे 6 सांसद, TMC वाला रास्ता उद्धव की पार्टी को कहां ले जाएगा?

Shiv Sena UBT Crisis: संसद का मानसून सत्र नजदीक है और उससे पहले यह साफ हो जाएगा कि सांसदों की टूट सिर्फ अटकलें हैं या फिर उद्धव ठाकरे की शिवसेना को एक और बड़ा झटका लगने वाला है.

महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज है और इस बार निगाहें उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) पर टिकी हैं. मीडिया रिपोर्ट्स और पार्टियों के दावों से छनकर खबरें आ रही हैं कि उद्धव के 6 सांसदों ने एकनाथ शिंदे गुट को समर्थन दे दिया है. इनमें संजय जाधव , संजय देशमुख, नागेश पाटिल अष्टिकर , ओमराजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे और संजय दीना पाटिल शामिल हैं. हालांकि, पार्टी की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. इस दावे ने राजनीतिक गलियारों में तूफान मचा दिया है, खासकर जब पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (TMC) में हाल ही में बड़ी टूट हो चुकी है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या उद्धव ठाकरे की शिवसेना भी TMC के रास्ते पर चल पड़ी है और नतीजे क्या होंगे?

'ऑपरेशन टाइगर' और कृपाल तुमाने का दावा क्या है?

इससे पहले शिवसेना (शिंदे गुट) के MLC कृपाल तुमाने ने 'ऑपरेशन टाइगर' नाम के अभियान का जिक्र करते हुए दावा किया है कि पिछले एक महीने से शिवसेना (UBT) के सांसदों और विधायकों से चर्चा चल रही है. यह अब अपने अंतिम चरण में है. तुमाने ने इसे ऑपरेशन की तरह बताते हुए कहा, 'जैसे अस्पताल में ऑपरेशन के लिए पहले जांच होती है और रिपोर्ट आती है, वैसे ही अब बस डॉक्टर के साथ ऑपरेशन की तारीख तय होनी बाकी है.' उनका कहना है कि यह टूट संसद के मानसून सत्र से पहले यानी अगले 6 से 7 दिनों में हो सकती है.

तुमाने ने यह भी बताया कि शिवसेना (UBT) के कुल 9 लोकसभा सांसदों में से 7 सांसद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में काम करने को तैयार हैं. तुमाने के मुताबिक, इन सांसदों की अपनी-अपनी सीटों पर अलग-अलग मांगें हैं और विकास कार्यों को लेकर वे नाखुश हैं. इसके अलावा 14 से 16 विधायक भी पार्टी छोड़ सकते हैं.

क्या है 'ऑपरेशन टाइगर' की पूरी कहानी?

'ऑपरेशन टाइगर' कोई नया अभियान नहीं है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एकनाथ शिंदे पिछले एक साल से इस अभियान को चला रहे हैं. इसके तहत जिला स्तर से लेकर संसद तक कई ठाकरे समर्थकों को अपने साथ जोड़ा गया है. अब इसका निशाना सीधे लोकसभा सांसद हैं. हालांकि, शिंदे गुट के मंत्री उदय सामंत ने इस दावे को खारिज किया है, जबकि बीजेपी ने इस पूरे मामले से खुद को अलग कर लिया है.

उद्धव ठाकरे ने क्या कहा और क्या है बैठक का मामला?

14 जून को उद्धव ठाकरे ने अपने सभी सांसदों की एक बैठक मुंबई स्थित उनके आवास 'मातोश्री' पर बुलाई थी. इस बैठक में उद्धव ने साफ कहा, 'अगर कोई पार्टी छोड़ना चाहता है तो उसे रोका नहीं जाएगा और वे खुशी-खुशी जाएं.' उनका यह बयान काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे यह संकेत मिलता है कि वे किसी भी बगावत के लिए मानसिक रूप से तैयार हैं.

इस बैठक ने ही विवादों को जन्म दिया. कुल 9 सांसदों में से सिर्फ 4 ही शामिल हुए, जबकि बाकी सांसद ऑनलाइन जुड़े. इस बैठक में न पहुंचने वाले सांसदों में भाऊसाहेब वाकचौरे, ओमप्रकाश राजे निंबालकर, नागेश बापूराव पाटील अष्टिकर और संजय देशमुख शामिल हैं. पांचवें सांसद संजय जाधव ने फोन से बातचीत कर अपनी हाजिरी लगाई.

संजय देशमुख का मामला क्या है?

इस पूरे मामले के बीच एक और अहम खबर यह है कि शिवसेना (UBT) के सांसद संजय देशमुख ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री और शिंदे गुट के नेता प्रतापराव जाधव से मुलाकात की. देशमुख ने 14 जून की बैठक में पारिवारिक कारणों का हवाला देकर हिस्सा नहीं लिया था. इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा हुई.

प्रतापराव जाधव ने कहा कि वे पुराने सहयोगी हैं, इसलिए मुलाकातें होती रहती हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कोई पार्टी छोड़ रहा है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कई सांसद ठाकरे परिवार और संजय राउत से नाखुश हैं.

शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने टूट की सभी खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया. राउत ने कहा कि पार्टी के सभी सांसद उद्धव ठाकरे के साथ हैं और टूट की खबरें गलत हैं. उन्होंने कृपाल तुमाने के राजनीतिक महत्व पर भी सवाल उठाते हुए कहा, 'वह कौन हैं? महाराष्ट्र की राजनीति में ऐसा कोई बड़ा नाम नहीं है.' राउत ने यह भी दावा किया कि सभी सांसदों ने अपने परिवार की कसम खाकर कहा है कि वे उद्धव के साथ रहेंगे.

इससे भी बड़ा दावा राउत ने यह किया कि उनके पार्टी के सांसदों को 15-15 करोड़ रुपये देकर पक्ष बदलने की पेशकश की जा रही है. हालांकि, इस दावे की पुष्टि नहीं हो पाई है.

क्या TMC वाला रास्ता अपना रही है शिवसेना?

इस सवाल को समझने के लिए हमें TMC में बड़ी टूट पर नजर डालनी होगी. ममता बनर्जी की पार्टी से निकाले गए ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता दी गई. 58 बागी विधायकों ने ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुना. TMC में 28 साल के इतिहास में यह पहली बार है जब टूट सामने आई है.

एक्सपर्ट्स का मानना है कि दोनों मामले एक जैसे हैं, लेकिन अंतर भी हैं. TMC में टूट विधानसभा स्तर पर शुरू हुई और सांसदों तक पहुंची. वहीं शिवसेना (UBT) में टूट की अटकलें सीधे सांसदों को लेकर हैं. दूसरा अंतर यह है कि TMC में टूट के पीछे नेतृत्व की चुनौती है, जबकि शिवसेना (UBT) में नाराजगी के पीछे विकास कार्यों और पार्टी के भीतर पहुंच की कमी को बताया जा रहा है. हालांकि, एक बात साफ है कि दोनों ही पार्टियों में अंदरूनी कलह और नाराजगी बनी हुई है. TMC में हुई टूट ने शिवसेना (UBT) में भी टूट की कोशिशों की रफ्तार दी है.

अगर शिवसेना (UBT) टूटती है तो क्या होगा?

पॉलिटिकल एक्सपर्ट रशीद किदवई कहते हैं कि अगर कृपाल तुमाने का दावा सही साबित होता है, 7 सांसद शिंदे गुट में शामिल होते हैं, तो इसके गंभीर नतीजे होंगे:

  • संसद में उद्धव गुट लगभग खत्म: शिवसेना (UBT) के पास कुल 9 लोकसभा सांसद हैं. 7 सांसदों के जाने का मतलब होगा कि संसद में उद्धव गुट की उपस्थिति लगभग खत्म हो जाएगी.
  • दूसरा सबसे बड़ा विभाजन: यह महाराष्ट्र की राजनीति में दूसरा सबसे बड़ा विभाजन होगा. पहली बड़ी टूट 2022 में हुई थी जब 40 विधायकों ने उद्धव का साथ छोड़ दिया था.
  • शिंदे गुट को मजबूती: एकनाथ शिंदे को सियासी तौर पर और मजबूती मिलेगी. पहले ही चुनाव आयोग ने शिवसेना का चुनाव चिह्न (तीर-कमान) शिंदे गुट को आवंटित कर दिया है.
  • उद्धव का भविष्य: अगर एक और बड़ी टूट होती है तो उद्धव ठाकरे की राजनीतिक मुश्किलें और बढ़ सकती हैं.

फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि शिवसेना (UBT) में टूट होगी या नहीं. शिंदे गुट की तरफ से लगातार दावे किए जा रहे हैं, तो वहीं उद्धव गुट इन्हें खारिज कर रहा है. रशीद किदवई मानते हैं कि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर हो सकता है. जिस तरह TMC में टूट ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को हिला दिया है, उसी तरह शिवसेना (UBT) में टूट महाराष्ट्र की राजनीति को हिला सकती है. संसद का मानसून सत्र नजदीक है और उससे पहले यह साफ हो जाएगा कि यह सिर्फ अटकलें हैं या फिर उद्धव ठाकरे की शिवसेना को एक और बड़ा झटका लगने वाला है.

ज़ाहिद अहमद इस वक्त ABP न्यूज़ में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. टेलीविजन और डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में उन्हें करीब 9 साल का तजुर्बा है. इससे पहले वे 3 बड़े मीडिया संस्थानों में भी अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. वे ओरिजिनल सेक्शन की एक्सप्लेनर टीम में सीनियर सब एडिटर रहे. ज़ाहिद आउटपुट डेस्क, बुलेटिन प्रोड्यूसिंग और बॉलीवुड सेक्शन को बतौर असिस्टेंट प्रोड्यूसर लीड भी कर चुके हैं. देश-विदेश, सियासत, कारोबार, एजुकेशन, एंटरटेनमेंट, चुनाव और समाजी मुद्दों पर उनकी गहरी पकड़ है. आसान लहजे में असरदार और भरोसेमंद एक्सप्लेनर पेश करना उनकी पहचान है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

पूरा वंदे मातरम् चलने पर सोनिया गांधी नाराज? CM फडणवीस बोले- 'ये दिमागी नक्सलवाद...'
पूरा वंदे मातरम् चलने पर सोनिया गांधी नाराज? CM फडणवीस बोले- 'ये दिमागी नक्सलवाद...'
न बेंच है, न पानी! 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत स्कूल पहुंचे अभिजीत दीपके
न बेंच है, न पानी! 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत स्कूल पहुंचे अभिजीत दीपके
नागपुर स्नातक चुनाव में BJP की तैयारी तेज, 50 हजार वोटरों पर नजर
नागपुर स्नातक चुनाव में BJP की तैयारी तेज, 50 हजार वोटरों पर नजर
महाराष्ट्र ATS का एक्शन, आतंकियों के वीडियो शेयर करने वाला ड्राइवर अरेस्ट
महाराष्ट्र ATS का एक्शन, आतंकियों के वीडियो शेयर करने वाला ड्राइवर अरेस्ट
Advertisement

वीडियोज

Bollywood News: विजय के Independence Day मंच पर तृषा की मौजूदगी, एक पल ने खींचा ध्यान (15.08.26)
Jagadhatri: 😯Janvi ने Jagadhatri को किया टीम से बाहर, फिर भी कॉलेज पहुंची Jagadhatri #sbs
Independence Day 2026: Rang De Basanti से Border तक, ये Patriotic Films जरूर देखें
Rhea Chakraborty ने Sushant Singh Rajput Case पर कहा, ‘Kaafi Saal Kar Liya Maine’
Rajasthan Patties Case | Sansani: 'मौत वाली पैटीज' से बच्चों को बचाओ ! | Crime News
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
इसी महीने भारत आएंगे बांग्लादेशी PM तारिक रहमान? जानें क्यों अहम दौरा
इसी महीने भारत आएंगे बांग्लादेशी PM तारिक रहमान? जानें क्यों अहम दौरा
न बेंच है, न पानी! 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत स्कूल पहुंचे अभिजीत दीपके
न बेंच है, न पानी! 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत स्कूल पहुंचे अभिजीत दीपके
'गदर' नहीं, ये है भारत-पाकिस्तान बंटवारे की सबसे वॉयलेंट फिल्म, कमाया था 72% प्रॉफिट
'गदर' नहीं, ये है भारत-पाकिस्तान बंटवारे की सबसे वॉयलेंट फिल्म, कमाया था 72% प्रॉफिट
30 टेस्ट, 30 वेन्यू, यशस्वी जायसवाल के नाम अनोखा रिकॉर्ड; सचिन के नक्शेकदम पर
30 टेस्ट, 30 वेन्यू, यशस्वी जायसवाल के नाम अनोखा रिकॉर्ड; सचिन के नक्शेकदम पर
मक्का में बारिश के बाद बढ़ जाते हैं ये कीट, ऐसे करें बचाव
मक्का में बारिश के बाद बढ़ जाते हैं ये कीट, ऐसे करें बचाव
इस्लामाबाद में फहराया गया तिरंगा, गूंजे 'भारत माता की जय' के नारे
इस्लामाबाद में फहराया गया तिरंगा, गूंजे 'भारत माता की जय' के नारे
क्या ChatGPT आपके डिवाइस की करता है जासूसी? जानें सच्चाई
क्या ChatGPT आपके डिवाइस की करता है जासूसी? जानें सच्चाई
Video: लाल लहंगे में जमकर झूमी हसीना, राणा जी गाने पर जमकर मचाया बवाल
लाल लहंगे में जमकर झूमी हसीना, राणा जी गाने पर जमकर मचाया बवाल
Embed widget