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'रोशनी की चार किरणों की उम्मीद...' सचिन अहिर के बागी होने पर संजय राउत का छलका दर्द

Sanjay Raut on Sachin Ahir: संजय राउत ने सचिन अहिर के एकनाथ शिंदे खेमे में शामिल होने के कदम की आलोचना की. इस दौरान उन्होंने सचिन अहिर को स्वार्थी करार दिया है.

आईएएनएस 

उद्धव ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत ने मंगलवार को पार्टी विधायक सचिन अहिर के एकनाथ शिंदे खेमे में शामिल होने के कदम की आलोचना की. उन्होंने कहा कि जो लोग सिर्फ अपने स्वार्थ के लिए पार्टी में शामिल हुए थे, उनके जाने का दुख क्यों मनाना.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर राउत ने पार्टी छोड़ने वालों पर इशारों-इशारों में निशाना साधते कहा, "रोशनी की चार किरणों की उम्मीद ही क्यों करें? उनका इंतजार क्यों करें जो कभी सच में हमारे थे ही नहीं?" इसके बाद उन्होंने और कड़े शब्दों में कहा, "जो लोग पहले से ही स्वार्थ और बेईमानी की भावना लेकर पार्टी में आते हैं, उनके जाने का दुख क्यों मनाया जाए?"

आदित्य ठाकरे ने सचिन अहिर पर क्या कहा?

इसके अलावा, गहरी निराशा जाहिर करते हुए शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने सचिन अहिर के पार्टी छोड़ने पर सवाल उठाया कि उन्हें और क्या दिया जा सकता था. आदित्य ठाकरे ने कहा, "हम पिछले चार दिनों से, बल्कि पिछले चार सालों से देख रहे हैं, जो लोग सबसे करीबी थे और जिन्हें सब कुछ मिला, वही अपने स्वार्थ के लिए पार्टी छोड़ रहे हैं. इसलिए, इसमें कोई हैरानी या चौंकाने वाली बात नहीं है. वर्ली या सेवरी जैसे इलाके हमेशा से शिवसेना के गढ़ रहे हैं और आगे भी रहेंगे. किसी के आने या जाने से हमें कोई फर्क नहीं पड़ता."

उन्होंने आगे कहा, "ऐसा नहीं है कि वे मुझसे बात नहीं कर सकते थे. चाहे वार्ड कमिटी हो, शिवसेना में डिप्टी लीडर का पद हो या यूनियन प्रेसिडेंट का पद, रोजाना बातचीत और संपर्क होता था. ऐसे में सवाल उठता है कि आपको और क्या चाहिए?"

उन्होंने आगे पूछा, "क्या ऐसा था कि हम मिल नहीं रहे थे, जैसा कि अक्सर दूसरे लोग शिकायत करते हैं? ऐसा भी नहीं था; हम हमेशा साथ थे. तो, आप और कितना छीनेंगे, और हमें और क्या करना चाहिए? क्या अब हम आपके लिए रोज पूजा-पाठ करें?"

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सचिन अहिर ने आरोपों को नकारा

हालांकि, अहिर ने इन आरोपों का कड़ा खंडन करते हुए कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब तक हम साथ थे, हमें अच्छा माना जाता था, लेकिन जैसे ही हम अलग हुए, हमें नाकाबिल करार दिया गया. मैं इस आलोचना का जवाब सही राजनीतिक मंच पर दूंगा." अहिर, जिनके साथ उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे भी मौजूद थे, एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे. 

शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत के इस आरोप का जवाब देते हुए कि उन्होंने निजी स्वार्थ के लिए पार्टी जॉइन की थी, अहिर ने पलटवार किया, "क्या मैं तब स्वार्थी नहीं था जब मैंने पहले उनके ग्रुप को जॉइन किया था? अगर तब नहीं था, तो अब क्यों हूं? मैंने हमेशा उद्धव और आदित्य ठाकरे द्वारा सौंपी गई ज़िम्मेदारियों को पूरी लगन से निभाने की कोशिश की है."

साथ नहीं रहते तो बेकार करार दिया जाता है- सचिन अहिर

उन्होंने फिर कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जैसे ही आप उनके साथ नहीं रहते, आपको बेकार करार दिया जाता है. ऐसे लोगों के बारे में क्या कहा जाए जिन्होंने कभी जमीन से पत्थर तक नहीं उठाया, वे दूसरों को उपदेश देने लगते हैं?"

अहिर ने दावा किया कि यूबीटी में रहते हुए उन्होंने पुणे जिले में पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए जोर-शोर से काम किया, जहां उन्हें संगठनात्मक काम सौंपा गया था. इसके अलावा, उन्होंने कहा कि कॉरपोरेटर, विधायक और मंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की.

न्यूज एजेंसी IANS के इनपुट पर

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फियाज उल मुस्तफा उत्तर प्रदेश के रामपुर से ताल्लुक रखते हैं. उन्होंने जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पीजी टीवी जर्नलिज्म किया है, जबकि रोहिलखंड विश्वविद्यालय, बरेली से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है. फियाज उल मुस्तफा को राजनीतिक और एंटरटेनमेंट बीट्स पर काम करने का अनुभव है. वर्तमान में वे एबीपी न्यूज की डिजिटल टीम का हिस्सा हैं, जहां वे देश के विभिन्न राज्यों से जुड़ी अपराध और राजनीतिक खबरें लिखते और एडिट करते हैं. इस दौरान उन्हें रिपोर्टिंग, कॉपी एडिटिंग और न्यूजरूम ऑपरेशन्स का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो रहा है. वे खबरों को सरल, साफ और तथ्य के साथ लोगों तक पहुंचाने में विश्वास रखते हैं. रामपुर के छोटे से गांव से निकलकर फियाज ने अपनी अलग खास पहचान बनाई है, वह न्यूज रूम में अपनी शानदार छवि को लेकर हमेशा चर्चा में रहते हैं.

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