मोहन भागवत के कार्यक्रम का संचालन करने वाले ऋषभ शाह कौन हैं?
Who Is Rishabh Shah: ऋषभ शाह 'इंडियाज इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस' (IIMUN) के फाउंडर हैं. उन्होंने तीन बेस्ट-सेलिंग किताबें भी लिखी हैं. वो लोकतंत्र को बढ़ावा देने में विश्वास रखते हैं.

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार (6 अगस्त) को जेन-जी और जेन अल्फा के करीब 2000 सदस्यों को संबोधित किया. मुंबई में इंडियाज इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशन्स (आईआईएमयूएन) के 15वें वर्षगांठ कार्यक्रम में संघ प्रमुख ने शिरकत की. उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन भी बातचीत का एक तरीका है. आईआईएमयूएन के इस कार्यक्रम का संचालन ऋषभ शाह ने किया.
इस कार्यक्रम में मोहन भागवत ने कहा, "अगर विभिन्न कारणों से बातचीत के जरिए चिंताओं पर ध्यान नहीं दिया जाता, तो लोग आंदोलन की ओर जा सकते हैं. लेकिन इन सबका मकसद आम सहमति बनाना है, न कि विभाजन पैदा करना. जेन-जी की शिकायतें जायज़ हैं और मुझे उनकी ईमानदारी पर भरोसा है."
ऋषभ शाह कौन हैं?
ऋषभ शाह 'इंडियाज इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस' (IIMUN) के फाउंडर हैं. उन्होंने भारत के कुछ टॉप एजुकेशनल इंस्टिट्यूट जैसे IIM, IIT, HSNC यूनिवर्सिटी वगैरह में एंटरप्रेन्योरशिप, इंटरनेशनल मार्केटिंग, नेटवर्किंग और कम्युनिकेशन पर लेक्चर दिए हैं. वो पॉलिटिक्स, इंटरनेशनल रिलेशंस और युवाओं के बारे में अपनी अपनी राय शेयर करते हैं. उन्होंने बुद्धिस्ट सोक्का गाकाई (Buddhist Sokka Gakai) जैसे आध्यात्मिक मंचों से लेकर खुद यूनाइटेड नेशंस तक में बात की है.
ऋषभ शाह तीन बेस्ट-सेलिंग किताबों के लेखक
ऋषभ शाह कई किताबों के लेखक भी हैं. उन्होंने तीन बेस्ट-सेलिंग किताबें लिखी हैं, जिनमें- 'एन ओपन माइक' (An Open Mic), 'नथिंग बट द ट्रुथ' (Nothing but the Truth) और उनकी सबसे हालिया किताब है 'यंग, वायर्ड एंड नॉट वोक' (Young, Wired & not Woke) शामिल है. तीसरी किताब में 12 मुद्दों पर बात की गई है. इनमें सोशल मीडिया, मेंटल हेल्थ, क्लाइमेट चेंज समेत अन्य मुद्दे शामिल हैं. इस किताब में इन मुद्दों पर भारतीयों के नजरिये का भी जिक्र किया गया है. इसके साथ ही ऋषभ क्लाइमेट चेंज से निपटने, संयुक्त राष्ट्र में सुधार लाने, लोकतंत्र को बढ़ावा देने और ऐसे ही कई अन्य गैर-विवादास्पद मुद्दों पर काम करने में विश्वास रखते हैं.




















