उद्धव गुट के 6 सांसदों की बगावत पर राज ठाकरे का आया बयान, कहा- 'अमित शाह 2029 की तैयारी...'
Raj Thackeray News: एमएनएनस प्रमुख राज ठाकरे ने कहा कि कोई भी हमेशा के लिए सत्ता में बने रहने के लिए नहीं आया है. कांग्रेस ने देश पर 60 साल तक राज किया और आज उसकी हालत देख लीजिए.

महाराष्ट्र में 'ऑपरेशन टाइगर' और उद्धव ठाकरे गुट के छह सांसदों की बगावत के बाद सियासी पारा चढ़ा हुआ है. इस बीच एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने इसे लेकर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने मौजूदा सियासी माहौल की नैतिकता पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि कोई भी हमेशा के लिए सत्ता में बने रहने के लिए नहीं आया है. कांग्रेस ने देश पर 60 साल तक राज किया और आज उसकी हालत देख लीजिए.
राज ठाकरे ने उद्धव गुट के 6 सांसदों के पाला बदलने का जिक्र करते हुए केंद्र की सरकार को घेरा. उन्होंने कहा, ''अब, जब UBT गुट के छह सांसद अलग हो गए हैं, तो पत्रकार मेरे पास आए और मेरी प्रतिक्रिया पूछी. मैंने उनसे बदले में एक सवाल पूछा कि केंद्र में किसकी सरकार है? उन्होंने कहा BJP की. फिर मैंने पूछा, ये सांसद BJP में शामिल होने के बजाय शिंदे के साथ क्यों जा रहे हैं? केंद्र में कैसी राजनीति हो रही है? अमित शाह 2029 की तैयारी कर रहे हैं. अगर BJP उनका विरोध करती, तो शायद दूसरे लोग उनके साथ खड़े नहीं होते, वरना ये नेता सीधे BJP में शामिल हो सकते थे."
Mumbai, Maharashtra: MNS Chief Raj Thackeray says, "The Congress ruled the country for 60 years, and look at its condition today. Now, when six MPs from the UBT faction have reportedly broken away, journalists came to me and asked for my reaction. I asked them a question in… pic.twitter.com/MWRkQfv9Wh
— IANS (@ians_india) June 20, 2026
'करोड़ों रुपये में जनप्रतिनिधियों को खरीदा-बेचा जा रहा'
MNS प्रमुख ने ये भी कहा कि करोड़ों रुपये में जनप्रतिनिधियों को खरीदा-बेचा जा रहा है. आत्मसम्मान की मौत हो गई है, जनप्रतिनिधि बिक रहे हैं. उन्होंने प्रदेश की महायुति सरकार पर कृषि संकट, किसानों की खुदकुशी और बेरोजगारी जैसे अहम मसलों पर से आम लोगों का ध्यान भटकाने का भी आरोप लगाया.
उद्धव गुट के 6 सांसदों की बगावत के बाद सियासत तेज
गौरतलब है कि शिवसेना (यूबीटी) के 6 सांसदों ने बगावत कर दी है और कहा जा रहा है कि वो शिंदे गुट में जाने वाले हैं. इन 6 सांसदों ने कथित तौर पर स्पीकर को प्रस्ताव देकर शिंदे गुट में शामिल होने की इच्छा जाहिर की है. उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में हुई बैठकों में ये छह सांसद शामिल नहीं हुए थे, जिसके बाद से ही अटकलें लगाई जा रही थी कि पार्टी में सबकुछ ठीक नहीं है. इन सांसदों के बैठक में शामिल नहीं होने के बाद से ही प्रदेश में सियासत तेज हो गई है. आरोप और प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं.
उद्धव ठाकरे ने पार्टी में मतभेदों पर क्या कहा?
उधर, मुंबई में उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार (19 जून) को शिवसेना की 60वीं वर्षगांठ के मौके पर पार्टी के अंदर चल रहे मतभेदों पर अपनी बात रखी थी. इस दौरान उन्होंने उन धारणाओं को खारिज कर दिया कि वे सत्ता से चिपके रहने के लिए बेताब हैं. उद्धव ठाकरे ने कहा कि मैं सियासत में बलपूर्वक पद पर बने रहने के लिए नहीं आया था. जब तक मेरे सामने खड़े लाखों शिवसैनिक चाहते हैं कि मैं नेतृत्व करूं, मैं लड़ता रहूंगा लेकिन जिस वक्त बालासाहेब की शिवसेना के सच्चे कार्यकर्ता, मुझसे कहेंगे कि अब जाने का समय आ गया है, मैं बिना किसी हिचकिचाहट के पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दूंगा.
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