जीशान सिद्दीकी को धमकी देने के मामले में बड़ा खुलासा,एजेंसियों का दावा- आरोपी पाकिस्तान में
इस अहम सबूत के सामने आने के बाद मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन सेल (AEC) ने मामले की जांच अपने हाथ में लेते हुए पूरे नेटवर्क की पड़ताल शुरू कर दी है.

नेश्नलिस्ट कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के दिवंगत नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद उनके बेटे और विधायक जीशान सिद्दीकी को मिल रही जान से मारने की धमकियों के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता मिली है. तकनीकी और वैज्ञानिक जांच में खुलासा हुआ है कि जीशान सिद्दीकी को ऑडियो मैसेज के जरिए धमकी देने वाला व्यक्ति बाबा सिद्दीकी हत्याकांड का मुख्य आरोपी और वांटेड जीशान अख्तर है.
सूत्रों के मुताबिक, जीशान सिद्दीकी के मोबाइल पर भेजे गए धमकी भरे ऑडियो मैसेज की जांच की गई. इसके बाद पुलिस ने आवाज के नमूने का मिलान पंजाब पुलिस के पास मौजूद जीशान अख्तर के वॉयस रिकॉर्ड से कराया. फोरेंसिक जांच में धमकी में इस्तेमाल की गई आवाज जीशान अख्तर की ही होने की पुष्टि हुई है.
इस अहम सबूत के सामने आने के बाद मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन सेल (AEC) ने मामले की जांच अपने हाथ में लेते हुए पूरे नेटवर्क की पड़ताल शुरू कर दी है.
जांच के मुताबिक, पिछले एक सप्ताह के दौरान जीशान अख्तर ने विधायक जीशान सिद्दीकी को दो बार ऑडियो क्लिप भेजकर धमकी दी.
आपको बता दें की पहली ऑडियो क्लिप किसी अज्ञात स्रोतों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए वायरल हुई थी.
तो वहीं दूसरी ऑडियो क्लिप सीधे जीशान सिद्दीकी के निजी मोबाइल नंबर पर भेजी गई.
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि फरार आरोपी के पास जीशान सिद्दीकी का निजी मोबाइल नंबर कैसे पहुंचा. लगातार धमकियों के बाद सिद्दीकी परिवार की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है.
पंजाब का रहने वाला जीशान अख्तर बाबा सिद्दीकी हत्याकांड की साजिश में अहम भूमिका निभाने वाला आरोपी है. जांच एजेंसियों के अनुसार, वह पहले लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा था. बाद में गैंग में कथित फूट के बाद उसके गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा गिरोह से जुड़ने की जानकारी सामने आई है.
जांच एजेंसियों को आशंका है कि जीशान अख्तर फिलहाल पाकिस्तान या किसी अन्य पड़ोसी देश में छिपा हो सकता है और इंटरनेशनल वर्चुअल नंबरों के जरिए भारत में धमकी और एक्सटॉर्शन का नेटवर्क चला रहा है.
बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में शूटरों को हथियार, वित्तीय मदद और लॉजिस्टिक सपोर्ट उपलब्ध कराने में भी जीशान अख्तर की अहम भूमिका बताई गई थी.
अब मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन सेल यह पता लगाने में जुटी है कि फरार जीशान अख्तर को भारत में कौन लोग स्थानीय स्तर पर लॉजिस्टिक, तकनीकी या अन्य तरह की मदद पहुंचा रहे हैं.























