पुणे मेट्रो के लिए बन रही टनल के पास अवैध रूप से की 60 फीट खुदाई, बनाया 6 इंच का होल
महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (महा-मेट्रो) के अनुसार घटना 14 मार्च को पुणे के शिवाजी रोड पर खड़क पुलिस चौकी के सामने स्थित मकान नंबर 415 के पास हुई.

पुणे की शिवाजीनगर से स्वारगेट के बीच बन रही अंडरग्राउंड लाइन में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. अवैध रूप से खोदे जा रहे एक बोरवेल के कारण मेट्रो टनल में 6 इंच का छेद हो गया. मामले में मेट्रो प्रशासन की शिकायत पर पुलिस ने मकान मालिक और ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज किया है.
महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (महा-मेट्रो) के अनुसार यह घटना 14 मार्च को पुणे के शुक्रवार पेठ इलाके में शिवाजी रोड पर खड़क पुलिस चौकी के सामने स्थित मकान नंबर 415 के पास हुई. यहां एक पुराने भवन को गिराकर नई इमारत का निर्माण किया जा रहा था. निर्माण के दौरान बोरवेल की खुदाई की जा रही थी, इसी दौरान ड्रिल करीब 60 से 100 फीट नीचे स्थित मेट्रो टनल तक पहुंच गई और टनल की कंक्रीट लाइनिंग में छेद हो गया.
टनल में पानी भरने की जानकारी सबसे पहले मेट्रो ऑपरेटर भुषण बारिंगे को हुई. उन्होंने देखा कि स्वारगेट और मंडई स्टेशन के बीच टनल में अचानक पानी जमा होने लगा है. इसके बाद उन्होंने तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना दी. तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो पता चला कि टनल लाइन नंबर 15/56 और रिंग नंबर 471 के पास करीब 6 इंच का छेद हो गया है, जहां से बड़ी मात्रा में पानी टनल के अंदर आ रहा था.
60 फीट तक बोरवेल की खुदाई कर दी
मेट्रो नियमों के अनुसार मेट्रो रूट के आसपास किसी भी तरह की खुदाई या बोरवेल करने के लिए विशेष अनुमति लेना अनिवार्य है. हालांकि मकान मालिक धनंजय मोटे और संबंधित ठेकेदार ने बिना किसी अनुमति के करीब 60 फीट तक बोरवेल की खुदाई कर दी. इससे मेट्रो को लगभग 2.5 लाख रुपये का नुकसान हुआ और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो गए.
इस मामले में मेट्रो के संयुक्त महाप्रबंधक शांतनु गौरात्रा ने खड़क पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शशिकांत चव्हाण ने बताया कि मेट्रो प्रशासन की शिकायत के आधार पर मकान मालिक और ठेकेदार के खिलाफ मेट्रो संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और यात्रियों की जान खतरे में डालने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है. इस मामले में दो लोग गिरफ्तार किए गए हैं.
हालांकि मेट्रो प्रशासन ने रिसाव को रोकते हुए छेद को सीमेंट-कंक्रीट से भर दिया. महा-मेट्रो ने चेतावनी दी है कि इस तरह की अवैध खुदाई से बड़ा हादसा भी हो सकता है.
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