Pune Cyber Fraud Case: लोणावला में साइबर ठगी का पर्दाफाश, विदेश में नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी
Pune Cyber Fraud: पुणे के लोणावला में साइबर पुलिस ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनका कनेक्शन विदेशी नेटवर्क से होने का शक है.

Pune Cyber Fraud Case: महाराष्ट्र के पुणे के लोणावला इलाके में साइबर धोखाधड़ी के एक बड़े मामले का पर्दाफाश हुआ है. पिंपरी-चिंचवड साइबर पुलिस को सूचना मिली थी कि लोणावला के एक विला से युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगा जा रहा है. जानकारी मिलते ही पुलिस ने जाल बिछाकर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. शुरुआती जांच में इस गिरोह का कनेक्शन चीन और अन्य विदेशी नेटवर्क से जुड़ा होने का संदेह जताया जा रहा है.
पुलिस ने इस मामले में मोनिल अतुलकुमार मोदी (24, मेहसाणा, गुजरात), रवि गोकुल प्रसाद जाट (22, राजगढ़, मध्य प्रदेश), ऋषभपाल सिंग गजेंद्रसिंग चौहान (22, खंडवा, मध्य प्रदेश) और हंश कैलाश वर्मा (19, बोरीवली, मुंबई) को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार आरोपी युवाओं को हांगकांग की कंपनी में नौकरी दिलाने का लालच देकर उनके साथ धोखाधड़ी कर रहे थे.
असल में मामला क्या है?
पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी फर्जी ऑफर लेटर और दस्तावेजों के जरिए युवाओं को विदेश में नौकरी का झांसा देते थे. इसके बाद उनसे ‘USDT’ नामक क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहा जाता था.
अब तक करीब 97 लाख 70 हजार रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है. पूछताछ के दौरान आरोपियों ने यह भी कबूल किया कि कई लोगों से एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की गई है. जांच में यह भी सामने आया है कि ठगी की रकम पहले गुजरात के बैंक खातों में भेजी जाती थी और फिर उसे अलग-अलग राज्यों में ट्रांसफर कर दिया जाता था.
मामले के पीछे अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क?
लोणावला के विला पर छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक लैपटॉप, सात मोबाइल फोन, 14 डेबिट कार्ड, वेब कैमरे, बैंक खाता किट और फर्जी स्टैंप सहित बड़ी मात्रा में सामान जब्त किया है. पुलिस को शक है कि इस गिरोह के पीछे अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क काम कर रहा है और आरोपी विदेश से मिलने वाले निर्देशों के अनुसार काम कर रहे थे.



















