उद्धव गुट के सांसद का बड़ा बयान, 'दोनों शिवसेना को साथ आना चाहिए, क्योंकि BJP शिंदे को...'
Parbhani Mayor Election: परभणी महानगरपालिका में एकनाथ शिंदे की शिवसेना खाता भी नहीं खोल पाई. बीजेपी ने यहां 12 सीटों पर जीत हासिल की है.

महानगरपालिका चुनावों के नतीजों के बाद से महाराष्ट्र का सियासी पारा गरमाया हुआ है. चुनाव से पहले, चुनाव के दौरान और चुनाव के बाद जो सियासी तस्वीरें उभरी उसने कइयों को चौंका दिया. जैसे एक दूसरे के सियासी विरोधी अजित पवार और शरद पवार साथ आ गए. उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच गठबंधन हुआ. अब परभणी लोकसभा सीट से उद्धव ठाकरे गुट के सांसद संजय जाधव ने कहा है कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को एक साथ आना चाहिए, जैसा कि पवार परिवार ने किया.
शिंदे को 'हजम' करने की कोशिश कर रही बीजेपी- जाधव
जाधव ने दावा किया कि पुणे और पिंपरी चिंचवड महानगरपालिका चुनावों में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रमुख एवं उपमुख्यमंत्री अजित पवार और उनके चाचा तथा NCP (एसपी) अध्यक्ष शरद पवार के बीच हुए गठबंधन से प्रेरणा लेते हुए, शिवसेना के दोनों गुटों को हाथ मिला लेना चाहिए, क्योंकि बीजेपी शिंदे को ‘हजम’ करने की कोशिश कर रही है.
परभणी में एक भी सीट नहीं जीत सकी शिंदे की शिवसेना
हाल में संपन्न हुए परभणी महानगरपालिका चुनावों में शिवसेना (UBT) ने 65 निर्वाचन क्षेत्रों में से 25 में जीत हासिल की थी. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को 12 सीट मिलीं, जबकि ‘महायुति’ गठबंधन में शामिल उसकी सहयोगी शिवसेना एक भी सीट नहीं जीत सकी थी.
शिंदे को पवार परिवार से सीख लेनी चाहिए- जाधव
परभणी लोकसभा सांसद ने दावा किया, ‘‘शिंदे को पवार परिवार से सीख लेनी चाहिए और इस बात को प्रदर्शित करना चाहिए कि (मूल) शिवसेना एकजुट है. इससे पहले, बीजेपी ने उद्धव ठाकरे को (राजनीतिक रूप से) समाप्त करने की साजिश रची थी.”
बाल ठाकरे द्वारा स्थापित शिवसेना में 2022 में हुए विभाजन और उसके बाद के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए, शिवसेना (UBT) नेता ने दावा किया कि शिंदे ने अतीत में जो कुछ भी किया, वह पैसे की मदद से किया था. उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, पैसे एक दिन खत्म हो जाएंगे. फिर, बीजेपी शिंदे को हजम कर जाएगी.’’
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL

























