महाराष्ट्र की 'लाडकी बहिन योजना' का बदलेगा नाम? सीनियर नेता ने कर दी यह मांग
Ladki Bahin Yojana Name Change: अमोल मिटकरी ने कहा, 'अजित दादा राज्य की महिलाओं के पसंदीदा भाई थे. जब वे अपनी यात्राओं के दौरान पूरे राज्य में घूमते थे, तो उनकी कलाई राखियों से भरी होती थी.'

महाराष्ट्र में लाडकी बहिन योजना का नाम बदलने की मांग अब राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (NCP) अजित पवार गुट से उठने लगी है. खुद एनसीपी विधायक अमोल मिटकरी ने मंगलावर (3 फरवरी) को देवेंद्र फडणवीस सरकार से मांग की है कि महाराष्ट्र की प्रमुख 'लाडकी बहिन' योजना का नाम दिवंगत उप मुख्यमंत्री अजित पवार के नाम पर रखा जाए.
अमोल मिटकरी के मुताबिक, महाराष्ट्र की महिलाओं और बहनों के लिए भाई की तरह थे. फिलहाल, इस पर अभी राज्य सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
अमोल मिटकरी की इस मांग ने राज्य में एनसीपी की मौजूदगी ठंडी न पड़ने देने की ही रणनीति मालूम पड़ रही है. अभी बीते शुक्रवार को ही अजित पवार की पत्नी ने उनकी जगह डिप्टी सीएम की शपथ ली थी. अब पार्टी की ओर से इस मांग ने महाराष्ट्र की सियासत में अपनी मजबूती को लेकर इच्छा जाहिर कर दी है.
राज्य में दौरों पर अजित पवार को बंधती थीं राखियां
अमोल मिटकरी ने पत्रकारों से कहा, “अजितदादा (जैसा कि पवार को प्यार से बुलाया जाता था) राज्य की महिलाओं के पसंदीदा भाई थे. जब वे अपनी यात्राओं के दौरान पूरे राज्य में घूमते थे, तो उनकी कलाई राखियों से भरी होती थी. MLC ने कहा कि अगर राज्य सरकार इस योजना का नाम अजितदादांची लाडकी बहिण योजना (अजितदादा की लाडकी बहिण योजना) रखती है, तो यह उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी.”
28 जनवरी को विमान दुर्घटना में हुआ था निधन
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता पवार और चार अन्य 28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती में एक विमान दुर्घटना में मारे गए थे. लाडकी बहिण योजना, जिसकी घोषणा पवार ने तब की थी जब वे वित्त मंत्री थे और जुलाई 2024 में शुरू हुई थी, 21 से 65 वर्ष की आयु वर्ग की योग्य महिलाओं को सीधे बैंक ट्रांसफर के माध्यम से हर महीने 1,500 रुपये की सहायता प्रदान करती है.
सहायता राशि बढ़ाई जाने की चर्चा
माना जाता है कि इस योजना ने 2024 के विधानसभा चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोमवार को कहा कि सरकार इस योजना के तहत महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता बंद नहीं करेगी क्योंकि यह उनकी बहुत मदद कर रही है, और सही समय पर सहायता 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,100 रुपये कर दी जाएगी.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL



























