नवी मुंबई में बिल्डर की खुदकुशी मामले में नया मोड़, पुलिसकर्मी संभाल रहा था ड्रग्स सिंडिकेट, अब हुआ एक्शन
Gurunath Chichkar Suicide Case: नवी मुंबई के बिल्डर गुरुनाथ चिचकर की आत्महत्या मामले के तार ड्रग्स सिंडिकेट से जुड़ गए हैं. इस मामले में पुलिसकर्मी के शामिल होने की बात सामने आई है.

Gurunath Chichkar Suicide Case: महाराष्ट्र के नवी मुंबई के बेलापुर में बिल्डर गुरुनाथ चिचकर ने पिछले दिनों खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. दरअसल NCB ने करोड़ों रुपये के एक बड़े ड्रग रैकेट का खुलासा किया था, जिसमें गुरुनाथ चिचकर के दोनों बेटे आरोपी हैं. इस ड्रग्स केस में गुरुनाथ चिचकर को NCB में समन भेजा था, लेकिन NCB के सामने जाने से पहले सुसाइड नोट लिखकर गुरुनाथ चिचकर ने खुदकुशी कर ली.
नवी मुंबई के एनआरआई पुलिस थाना क्षेत्र में रहने वाले निर्माण व्यवसायी गुरुनाथ चिचकर की आत्महत्या ने नवी मुंबई में हड़कंप मचा दिया. चिचकर ने शुक्रवार (25 अप्रैल) को खुद पर गोली चलाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी.
एसआईटी का गठन
उनकी सुसाइड नोट में नवी मुंबई ड्रग्स विरोधी टीम के अधिकारियों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया था. इन गंभीर आरोपों को ध्यान में लेते हुए पुलिस आयुक्त मिलिंद भारंबे ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया.
नवी मुंबई पुलिस सूत्रों के मुताबिक , प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ कि ड्रग्स रैकेट के सूत्रधार नवीन चिचकर के पूरे सिंडिकेट को पुलिसकर्मी सचिन भालेराव संभाल रहे थे.
पुलिसकर्मी पर एक्शन
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि खारघर पुलिस थाने में कार्यरत पुलिसकर्मी सचिन भालेराव का गुरुनाथ चिचकर के साथ लगातार संपर्क था. जांच का आभास होते ही सचिन भालेराव अपने गांव फरार हो गया था, लेकिन नवी मुंबई अपराध शाखा की टीम ने उसे वहां से पकड़ लिया. भालेराव के साथ तीन और लोगों को हिरासत में लिया गया है और सभी से गहन पूछताछ जारी है.
ड्रग्स मामले में नवीन चिचकर का नाम सामने आया
सूत्रों के अनुसार, नेरुल सेक्टर-15 में की गई कार्रवाई में ड्रग्स विभाग ने चार लोगों को लाखों रुपये की ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया है, जबकि चार अन्य आरोपी फरार हैं. जांच में सामने आया है कि इस ड्रग्स रैकेट का मुख्य सूत्रधार गुरुनाथ चिचकर का बेटा नवीन चिचकर है. गिरफ्तार सभी आरोपी नेरुल के निवासी बताए जा रहे हैं.
सूत्रों के अनुसार, नवीन चिचकर के ड्रग्स सप्लाई का काम पुलिसकर्मी सचिन भालेराव संभाल रहे थे. भालेराव पुलिस नायक के पद पर कार्यरत हैं और वर्तमान में खारघर पुलिस थाने में तैनात हैं. लेकिन ड्रग्स सिंडिकेट में भालेराव की बड़ी भूमिका होने की बातें सामने आ रही हैं.
पुलिस और ड्रग्स माफियाओं में मिलीभगत?
सचिन भालेराव के ड्रग्स विभाग के कुछ अधिकारियों से गहरे संबंध बताए जा रहे हैं. इसी कारण गुरुनाथ चिचकर पर मानसिक दबाव डाला गया था. उनकी सुसाइड नोट में भी इस दबाव का उल्लेख किया गया है. वर्तमान में SIT इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और ऐसा संदेह जताया जा रहा है कि इस रैकेट में और भी कई पुलिस अधिकारी व कर्मचारी शामिल हो सकते हैं. इसलिए आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं.
पुलिस आयुक्त मिलिंद भारंबे के कार्यकाल में नवी मुंबई के बड़े-बड़े ड्रग्स सिंडिकेट्स को ध्वस्त किया गया है. फिर भी, सचिन भालेराव जैसे कितने और अधिकारी व कर्मचारी हैं, जिन्होंने नशे के कारोबार पर कार्रवाई करने के बजाय उसे संरक्षण दिया, यह बड़ा सवाल बन गया है.
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Source: IOCL























