जलवायु परिवर्तन से निपटने की राह पर महाराष्ट्र, देवेंद्र फडणवीस सरकार की ठोस पहल
Mumbai Climate Week: जलवायु परिवर्तन पर कार्रवाई के नेतृत्व के लिए महाराष्ट्र पूरी तरह तैयार है, ऐसा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा. उद्घाटन समारोह में प्रल्हाद जोशी और पंकजा मुंडे भी उपस्थित थे.

बढ़ती जलवायु चुनौतियों से निपटने के लिए व्यापक स्तर पर ठोस कार्रवाई आवश्यक है और मुंबई क्लायमेट वीक इस दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा. जलवायु परिवर्तन पर कार्रवाई के नेतृत्व के लिए महाराष्ट्र पूरी तरह तैयार है, ऐसा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा. उन्होंने स्पष्ट किया कि जलवायु कार्रवाई केवल पर्यावरणीय जिम्मेदारी नहीं, बल्कि भविष्य की आर्थिक प्रतिस्पर्धा की कुंजी भी है.
उद्घाटन समारोह में केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी, राज्य की पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री पंकजा मुंडे, प्रोजेक्ट मुंबई के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिशिर जोशी, पर्यावरण विभाग की सचिव जयश्री भोज, मुंबई की महापौर रितू तावडे, एमएमआरडीए के महानगर आयुक्त संजय मुखर्जी तथा संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के प्रतिनिधि उपस्थित थे.
जलवायु परिवर्तन: प्रशासन के सामने गंभीर चुनौती
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि मुंबई जैसे तटीय महानगर को जलवायु परिवर्तन का गंभीर प्रभाव झेलना पड़ रहा है. अतिवृष्टि से यातायात व्यवस्था बाधित होती है, घर जलमग्न होते हैं, व्यवसाय ठप पड़ते हैं और आजीविका प्रभावित होती है. हीट वेव का असर निर्माण मजदूरों, फेरीवालों और किसानों पर पड़ रहा है. ग्रामीण क्षेत्रों में बेमौसम बारिश से फसलें नष्ट हो रही हैं, जिससे आर्थिक और सामाजिक नुकसान हो रहा है.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने आर्थिक विकास और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के संतुलन का मार्ग अपनाया है. देश ने अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से प्रगति की है और 2030 तक हरित ऊर्जा का हिस्सा 50 प्रतिशत से अधिक करने का लक्ष्य रखा गया है. महाराष्ट्र स्वच्छ हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, जैव ईंधन और टिकाऊ आधारभूत संरचना पर जोर दे रहा है.
जलवायु कार्रवाई: निवेश और रोजगार का अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र जलवायु कार्रवाई को केवल नियमों के पालन के रूप में नहीं, बल्कि निवेश, नवाचार और रोजगार सृजन के अवसर के रूप में देखता है. वैश्विक पूंजी टिकाऊ बाजारों की ओर बढ़ रही है. जो राज्य तेजी से बदलाव स्वीकार करेंगे, वही पूंजी और कौशल आकर्षित करेंगे.
औद्योगिक क्षेत्रों में अक्षय ऊर्जा का उपयोग बढ़ाने, शहरों में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को प्रोत्साहन, सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण अनुकूल बनाने, बाढ़ नियंत्रण व्यवस्था मजबूत करने और डेटा आधारित पूर्वानुमान प्रणाली विकसित करने पर काम जारी है.ग्रामीण क्षेत्रों में जलवायु-संवेदनशील कृषि, कुशल जल प्रबंधन और तकनीक आधारित ग्रामीण मूल्य श्रृंखला विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है.
जलवायु वित्त और वैश्विक सहयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यक निवेश केवल सार्वजनिक निधि से संभव नहीं है. अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों और निजी क्षेत्र को सहयोग करना होगा. मिश्रित वित्त, जोखिम-साझेदारी और नवाचार के लिए पूंजी आवश्यक है. मुंबई वैश्विक जलवायु वित्त का प्रभावी केंद्र बन सकती है. उन्होंने जलवायु न्याय की अवधारणा पर भी बल दिया और कहा कि विकासशील देशों को विकास और पर्यावरण के बीच चुनाव करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए.
पीएम कुसुम योजना में महाराष्ट्र की प्रभावी प्रगति – प्रल्हाद जोशी
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने घोषणा की कि पीएम कुसुम योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण महाराष्ट्र को अतिरिक्त एक लाख सोलर पंप दिए जाएंगे. उन्होंने कहा कि भारत तेज आर्थिक विकास के साथ उत्सर्जन कम करने की दिशा में भी ठोस कदम उठा रहा है.पीएम कुसुम और रूफटॉप सोलर योजनाओं के माध्यम से किसान और नागरिक स्वयं बिजली उत्पादन कर लागत में बचत कर रहे हैं. ऊर्जा भंडारण, ग्रिड स्थिरता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित मांग-आपूर्ति प्रबंधन पर भी काम जारी है. हरित हाइड्रोजन और हरित अमोनिया के क्षेत्र में भारत ने वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी मानदंड स्थापित किए हैं.
युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण – पंकजा मुंडे
मंत्री पंकजा मुंडे ने कहा कि जलवायु कार्रवाई के लिए शासन, शहरी संस्थाओं और नागरिकों की भागीदारी आवश्यक है, जिसमें युवाओं की भूमिका विशेष महत्व रखती है. सामुदायिक जागरूकता, जलवायु साक्षरता और युवा पहल के माध्यम से सतत महाराष्ट्र के निर्माण का प्रयास किया जा रहा है.उन्होंने कहा कि “पूरा विश्व एक परिवार है” की भावना जलवायु कार्रवाई को सामूहिक जिम्मेदारी बनाती है. बढ़ता शहरी तापमान, अतिवृष्टि, बाढ़, तटीय दबाव और वायु गुणवत्ता की समस्या गंभीर हैं. यह मंच केवल चर्चा का नहीं, बल्कि ठोस कार्यान्वयन और वित्तीय व्यवस्था का मंच बने, यही अपेक्षा है.
विशेष डाक टिकट और समझौता ज्ञापन
इस अवसर पर भारतीय डाक विभाग द्वारा जारी विशेष डाक टिकट और जलवायु परिवर्तन विषयक रिपोर्ट का विमोचन मुख्यमंत्री फडणवीस और केंद्रीय मंत्री जोशी के हाथों हुआ.
साथ ही, मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के बीच मुंबई के जलवायु अनुकूल आराखड़े तैयार करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए. इसके अतिरिक्त, एमएमआरडीए और C40 सिटीज क्लायमेट लीडरशिप ग्रुप के बीच भी शहरी जलवायु समाधान मजबूत करने के लिए समझौता हुआ.
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