250 करोड़ रुपये और 10 साल के इंतजार के बाद मुंबईवालों को मिला कैसा फ्लाईओवर? उठने लगे सवाल
Mumbai News: 248 करोड़ की लागत से बने मृणालताई गोरे फ्लाईओवर के उद्घाटन के कुछ घंटों बाद ही इसकी गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं. इसपर बीएमसी ने जवाब दिया है.

आसमान से ली गई चमचमाते हुए नए फ्लाईओवर जितना खूबसूरत दिख रहा है, उसकी गुणवत्ता पर उतने ही ज्यादा सवाल उठाए जा रहे हैं. मुंबई के गोरेगांव में वेस्टर्न एक्सप्रेसवे से लेकर ओशिवारा तक जोड़ने वाला फ्लाईओवर मुख्य रूप से गोरेगांव ईस्ट और वेस्ट को जोड़ता है. इस फ्लाईओवर का उद्घाटन शनिवार (6 जून) को हुआ और कुछ घंटों बाद ही फ्लाईओवर का असमतल होने, गुणवत्ता और फिनिशिंग को लेकर सवाल उठने लगे हैं.
कई नागरिकों और विपक्षी नेताओं ने फ्लाईओवर की सतह को ऊबड़-खाबड़ और पैचवर्क जैसा बताते हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर चिंता जताई. मुंबई के गोरेगांव में बना फ्लाईओवर का एक्सटेंशन लगभग 10 साल में तैयार हुआ जिसकी लागत करीब 250 करोड़ रुपए बताई गई है.
'पहले पार्टियों के पोस्टर की और फिर इस सड़क की क्वॉलिटी देखिए'
विपक्षी दल शिवसेना यूबीटी के नेता और उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे ने इसको लेकर सोशल मीडिया पोस्ट भी किया. आदित्य ठाकरे ने मृणालताई गोरे फ्लाईओवर विस्तार परियोजना की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा, “राजनीतिक पोस्टरों की गुणवत्ता देखिए और फिर इस सड़क क्वॉलिटी देखिए जो उन्होंने जनता को दी है. वे सिर्फ हमारे प्रिय शहर को लूट रहे हैं.”
Look at the quality of the political posters.
— Aaditya Thackeray (@AUThackeray) June 6, 2026
And then look at the quality of the road surface they had delivered.
They’re only looting our beloved city! https://t.co/26ULVRzH9A
आदित्य ठाकरे का कहना था कि राजनीतिक प्रचार के लिए लगाए गए पोस्टर तो बेहद अच्छी गुणवत्ता के हैं, लेकिन जनता के लिए बनाए गए फ्लाईओवर की सड़क की हालत देखिए. यह शहर के विकास के नाम पर सिर्फ जनता के पैसे की बर्बादी और मुंबई को लूटने जैसा है. आदित्य ठाकरे ने इस टिप्पणी के जरिए फ्लाईओवर के उद्घाटन के तुरंत बाद सामने आई सड़क की सतह संबंधी शिकायतों को लेकर राज्य सरकार और बीएमसी प्रशासन पर निशाना साधा. उनका आरोप था कि परियोजना पर भारी खर्च होने के बावजूद निर्माण की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं दिख रही है.
BMC ने पेश की सफाई
वहीं, मुंबई नगर निगम (BMC) ने स्पष्टीकरण पेश करते हुए कहा है कि फ्लाईओवर की संरचनात्मक सुरक्षा, स्थिरता और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया गया है. बीएमसी के अनुसार, पुल पर 40 मिमी मोटी मैस्टिक डामर (Mastic Asphalt) की परत बिछाई गई है, जो पुलों पर व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली टिकाऊ और जलरोधक सतह है. नई मैस्टिक डामर सतह पर दिखाई देने वाले जोड़ और खुरदुरापन तकनीकी प्रक्रिया का हिस्सा हैं तथा वाहनों की बेहतर पकड़ और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पत्थर की गिट्टी बिछाई गई है.
बीएमसी ने स्पष्ट किया कि नियमित यातायात शुरू होने के बाद सतह अधिक समतल और एकसमान दिखाई देगी तथा वर्तमान में दिख रहे जोड़ समय के साथ आसपास की सतह में घुल-मिल जाएंगे. प्रशासन ने नागरिकों की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए अतिरिक्त गिट्टी हटाने और आवश्यक तकनीकी सुधार करने का भी आश्वासन दिया है.
























