Maharashtra: SIR ने पकड़ी रफ्तार, 84% वोटर्स तक पहुंचे इम्यूरेशन फॉर्म, 5 करोड़ से ज्यादा डिजिटल
Maharashtra SIR News: महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत 84% मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुंच चुके हैं. 5 करोड़ से ज्यादा प्रपत्रों का डिजिटलीकरण भी पूरा हो चुका है.

महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. राज्य निर्वाचन अधिकारियों ने बुधवार (22 जुलाई) को बताया कि अब तक राज्य के 84 फीसदी मतदाताओं को मतदाता-विशिष्ट गणना फॉर्म (इम्यूरेशन फॉर्म) वितरित किए जा चुके हैं. इसके साथ ही जमा हुए फॉर्मों में से आधे से ज्यादा का डिजिटलीकरण भी पूरा कर लिया गया है.
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) की ओर से जारी दैनिक बुलेटिन के मुताबिक, महाराष्ट्र में कुल 9 करोड़ 78 लाख 54 हजार 49 मतदाता हैं. इनमें से 8 करोड़ 22 लाख से ज्यादा मतदाताओं को गणना फॉर्म दिए जा चुके हैं. वहीं, अब तक 5 करोड़ 1 लाख फॉर्मों का डिजिटलीकरण हो चुका है, जो कुल मतदाताओं का 51.18 फीसदी है.
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निर्वाचन आयोग ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण की यह प्रक्रिया 30 जून से शुरू हुई थी और 8 अगस्त तक जारी रहेगी. इस पूरे अभियान में राज्यभर में 1 लाख 253 बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) लगाए गए हैं.
इन जिलों में सबसे बेहतर प्रदर्शन
फॉर्म वितरण के मामले में कई जिलों ने शानदार प्रदर्शन किया है. जलगांव में 99.82 फीसदी, बुलढाणा में 99.65 फीसदी, अमरावती में 99.55 फीसदी और अहिल्यानगर में 98.67 फीसदी फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं.
वहीं, डिजिटलीकरण में रत्नागिरि सबसे आगे है, जहां 80.95 फीसदी फॉर्म डिजिटल हो चुके हैं. इसके बाद यवतमाल (80.60 फीसदी), चंद्रपुर (75.66 फीसदी), परभणी (74.83 फीसदी), बुलढाणा (74.33 फीसदी) और गढ़चिरौली (73.07 फीसदी) का स्थान है.
मुंबई क्षेत्र में धीमी रही रफ्तार
दूसरी ओर, मुंबई महानगर क्षेत्र में काम की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही है. मुंबई उपनगर में केवल 59.12 फीसदी फॉर्म वितरित हुए हैं और 17.39 फीसदी का डिजिटलीकरण हुआ है.
ठाणे में 58.35 फीसदी वितरण और 18.22 फीसदी डिजिटलीकरण दर्ज किया गया है. मुंबई शहर में 63.15 फीसदी फॉर्म बांटे गए हैं, जबकि 27.67 फीसदी का डिजिटलीकरण पूरा हुआ है. वहीं, पुणे में 65.26 फीसदी वितरण और 34.22 फीसदी डिजिटलीकरण हुआ है.
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निर्वाचन आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने के लिए सभी विधानसभा क्षेत्रों में बीएलओ के जरिए फॉर्मों का वितरण, संग्रह और डिजिटलीकरण लगातार किया जा रहा है. यह प्रक्रिया तय समय सीमा के भीतर पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है.























