Mumbai News: स्कूल बस पर पेड़ गिरने से छात्र की मौत के बाद BMC सख्त, 8 दिन में मांगी रिपोर्ट
Mumbai News In Hindi: डायमंड गार्डन के निकट मंगलवार को दोपहर लगभग ढाई बजे सड़क किनारे स्थित एक पीपल का पेड़ जड़ समेत उखड़कर सड़क से गुजर रही यूनिवर्सल हाई स्कूल की बस पर गिर गया था.

महाराष्ट्र के मुंबई में चेंबूर पश्चिम क्षेत्र के डायमंड गार्डन के निकट एक स्कूल बस पर पेड़ जड़ समेत उखड़कर गिरने से हुई दुर्घटना की गहन जांच के लिए जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC)आयुक्त अश्विनी भिडे ने उप आयुक्त (विशेष अभियांत्रिकी) पुरुषोत्तम मालवदे और उप आयुक्त (अभियांत्रिकी)शशांक भोरे की एक जांच समिति गठित करने के निर्देश हैं. महानगरपालिका आयुक्त ने समिति को आठ दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही समिति को इस मामले में विशेषज्ञों की राय लेने तथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सिफारिशें प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए हैं.
मंगलवार को हुआ था हादसा
चेंबूर पश्चिम स्थित हरिताज प्रीतम इमारत, रोड नंबर 11, डायमंड गार्डन के निकट मंगलवार(30 जून) को दोपहर लगभग ढाई बजे सड़क किनारे स्थित एक पीपल का पेड़ जड़ समेत उखड़कर सड़क से गुजर रही यूनिवर्सल हाई स्कूल की बस पर गिर गया. इस बस में कुल 13 बच्चे सवार थे. इनमें से 12 बच्चों को मुंबई अग्निशमन दल, बस कर्मचारियों तथा स्थानीय नागरिकों की सहायता से तत्काल सुरक्षित बाहर निकालकर एंबुलेंस के माध्यम से नजदीकी अस्पताल में उपचार हेतु भेजा गया.
पांच छात्रों में से चार छात्रों को मामूली चोटें आई थीं, जबकि 11 वर्षीय छात्र विहान श्रीवास्तव की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें उपचार के लिए भर्ती कराया गया. हालांकि उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
आठ दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश
इस घटना को महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे ने अत्यंत गंभीरता से लिया है तथा इसकी विस्तृत जांच के लिए जांच समिति गठित की है. आयुक्त ने समिति को आठ दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं. साथ ही समिति को विशेषज्ञों से परामर्श लेकर भविष्य में मुंबई में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुझाव देने के निर्देश भी दिए गए हैं.
60 से 70 वर्ष पुराना था पेड़
उखड़कर गिरा हुआ पीपल का पेड़ लगभग 60 से 70 वर्ष पुराना था. संबंधित पेड़ के बारे में इससे पूर्व कोई आधिकारिक सार्वजनिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी. हालांकि, जनवरी 2026 में क्षेत्र में सड़क किनारे चल रहे कार्यों के संदर्भ में निरीक्षण कर आवश्यक सावधानियां बरतने के निर्देश एम-पश्चिम विभाग के सहायक आयुक्त द्वारा दिए गए थे.
इसके अलावा, उक्त पेड़ का सर्वेक्षण 12 मई 2026 को पूरा किया गया था. बाहरी निरीक्षण के आधार पर पेड़ स्वस्थ एवं मजबूत स्थिति में पाया गया था. इसके अतिरिक्त, मानसून पूर्व प्रचलित प्रक्रिया के अनुसार 29 मई 2026 को इस पेड़ की छंटाई भी की गई थी, जिसके दौरान पेड़ सुरक्षित स्थिति में पाया गया था. मानसून पूर्व कार्यों के तहत बृहन्मुंबई महानगरपालिका के उद्यान विभाग द्वारा प्रतिवर्ष एहतियात के तौर पर पेड़ों की छंटाई की जाती है.
468 पेड़ खतरनाक स्थिति में
वर्ष 2026 में इस प्रकार के 468 पेड़ मृत अथवा खतरनाक स्थिति में पाए गए थे, जिन्हें हटाया जा चुका है. इसके अलावा, 1 लाख 318 पेड़ों की शाखाओं की छंटाई की गई है. इसके बावजूद विभिन्न कारणों से महानगरपालिका क्षेत्र में पेड़ों के उखड़कर गिरने की घटनाएं होती रहती हैं.
वर्ष 2023 में महानगरपालिका क्षेत्र में 180 तथा निजी क्षेत्रों में 507, कुल मिलाकर 687 पेड़ उखड़कर गिरे थे. वहीं, वर्ष 2024 में महानगरपालिका क्षेत्र में 171 और निजी क्षेत्रों में 482, कुल 653 पेड़ गिरे थे. इसी प्रकार वर्ष 2025 में महानगरपालिका क्षेत्र में 221 और निजी क्षेत्रों में 634, कुल 855 पेड़ उखड़कर गिरे थे.
भविष्य में चेंबूर जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे ने खतरनाक पेड़ों की पुनः छंटाई तथा समयबद्ध पुनः निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने निर्देश दिया है कि संभावित रूप से खतरनाक पेड़ों की छंटाई और उनकी स्थिति के संबंध में आवश्यक कार्रवाई तत्काल की जाए.
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