महाराष्ट्र में मानसून की दस्तक, घने बादलों ने डाला डेरा, सतारा-पुणे समेत 25 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
Maharashtra Weather Update: मौसम विभाग ने राज्य के 25 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. अगले चार से पांच दिनों तक कई क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है.

महाराष्ट्र में मानसून ने दस्तक दे दी है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी है. दक्षिण कोंकण में रविवार (7 जून) की रात से ही बारिश ने जोरदार हाजिरी लगाई. सिंधुदुर्ग जिले के तटीय इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि सावंतवाडी, कुडाळ और दोडामार्ग क्षेत्रों में मध्यम बारिश हुई. जिले में फिलहाल घने बादल छाए हुए हैं और मौसम पूरी तरह से बदला हुआ नजर आ रहा है.
आमतौर पर मृग नक्षत्र के दौरान दक्षिण कोंकण में मानसून पहुंचता है, लेकिन इस वर्ष मानसून दो दिन पहले ही आ गया है, जिससे किसानों में खुशी का माहौल है.
गरज-चमक, तेज हवाएं और भारी बारिश
मौसम विभाग ने राज्य के 25 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. अगले चार से पांच दिनों तक कई क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है. 6 जून से 9 जून के बीच गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश का अनुमान है. हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
राज्य के कई हिस्सों में बिजली गिरने और गरज के साथ बारिश की संभावना भी व्यक्त की गई है. पूरे महाराष्ट्र में मानसून के फैलने की प्रक्रिया 15 जून तक पूरी होने की उम्मीद है.
इन 25 जिलों में येलो अलर्ट जारी
रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, नासिक, अहिल्यानगर, पुणे, सतारा, सांगली, सोलापुर, धाराशिव, बीड, लातूर, परभणी, अकोला, अमरावती, भंडारा, बुलढाणा, चंद्रपुर, गडचिरोली, गोंदिया, नागपुर, वर्धा, वाशिम, यवतमाल और कोल्हापुर.
9 जून तक मध्यम से भारी बारिश का अनुमान
मानसून दक्षिण कोंकण में प्रवेश कर चुका है और सिंधुदुर्ग व रत्नागिरी के कुछ हिस्सों में 9 जून तक मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है. हालांकि, इसके बाद कम से कम 15 जून तक राज्य में बारिश की तीव्रता और मानसून की प्रगति धीमी पड़ सकती है. मौजूदा मौसम पूर्वानुमान के अनुसार इस अवधि में पूरे राज्य में व्यापक और संतोषजनक बारिश की संभावना कम दिखाई दे रही है.
विदर्भ, मराठवाड़ा, खानदेश और मध्य महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में 15 जून तक दोपहर के बाद बादल छाने, गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने और तेज हवाएं चलने की संभावना है. हालांकि यह बारिश खेती और बुवाई के लिए व्यापक स्तर पर पर्याप्त साबित होगी, ऐसी स्थिति फिलहाल नजर नहीं आ रही है.
इस बीच, 12 जून तक राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान ऊंचा बना रह सकता है. विदर्भ और खानदेश में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहने की संभावना है, जबकि मराठवाड़ा में यह 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है.

























