मीरा रोड चाकूबाजी मामला: जुबैर ने ली थी ISIS के प्रति वफादारी की शपथ, आतंकी संगठन से जुड़ने का सपना
Mira Road News: ATS की पूछताछ में जुबैर अंसारी ने स्वीकार किया है कि वह पिछले चार महीनों से डार्क वेब और एन्क्रिप्टेड चैनलों के जरिए ISIS के गुर्गों से संपर्क साधने की कोशिश कर रहा था.

- निजी जीवन की असफलताएं और मानसिक पीड़ा कट्टरपंथ का कारण बनीं.
मुंबई के मीरा रोड पर दो हिंदू गार्डों पर धर्म पूछकर हमले के मामले की जांच में आये दिन कोई न कोई खुलासा हो रहा है. अब महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) की जांच में सामने आया है कि आरोपी जैब जुबैर अंसारी (31) ने कथित तौर पर वैश्विक आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) के प्रति वफादारी की शपथ (बैत) ली थी. अधिकारियों के अनुसार, यह हमला किसी बड़े आतंकी नेटवर्क का हिस्सा बनने की उसकी कोशिशों का नतीजा था.
ATS की पूछताछ में अंसारी ने स्वीकार किया है कि वह पिछले चार महीनों से डार्क वेब और एन्क्रिप्टेड चैनलों के जरिए ISIS के गुर्गों से संपर्क साधने की कोशिश कर रहा था. जब उसे वहां से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो उसने 'लोन वुल्फ' (अकेले दम पर हमला करना) ऑपरेशन को अंजाम देने का फैसला किया. उसका मकसद इस हमले के जरिए आतंकी संगठन का ध्यान अपनी ओर खींचना था ताकि उसे उनकी ओर से समर्थन या संपर्क मिल सके.
जुबैर के मंसूबे क्या थे?
जांच के दौरान एटीएस ने अंसारी के घर से हाथ से लिखी चिट्ठी बरामद की है, जिसमें उसने ISIS के प्रति अपनी वफादारी (बैत) जाहिर की थी. इस नोट में जुबैर अंसारी ने आतंकी संगठन का झंडा भी बनाया था. चिट्ठी में गैर-विश्वासियों के खिलाफ भड़काऊ बातें लिखी गई थीं और चेतावनी दी गई थी कि 'लोन वुल्फ तुम पर झपटेंगे'. जुबैर ने भारत (बिलाद अल-हिंद) में 'असली जिहाद' शुरू करने की बात भी लिखी थी.
जांचकर्ताओं का मानना है कि अंसारी के कट्टरपंथी बनने के पीछे उसके निजी जीवन की बड़ी असफलताएं रहीं. दिसंबर 2025 में अबू धाबी के एक संस्थान से उसकी ऑनलाइन टीचिंग की नौकरी (बायोलॉजी और केमिस्ट्री) छूट गई थी. साथ ही, उसकी अफगानी मूल की अमेरिकी पत्नी से तलाक और परिवार से दूरी ने उसे मानसिक रूप से तोड़ दिया था. सामाजिक अलगाव और आर्थिक तंगी के कारण वह इंटरनेट पर कट्टरपंथी सामग्री और प्रोपेगेंडा का शिकार हो गया.
जुबैर देखता था SIS में शामिल होने का सपना
अधिकारियों ने बताया कि फरवरी से मार्च के बीच अंसारी गहरे मानसिक पीड़ा से गुजर रहा था. वह कभी आत्महत्या करने की सोचता, तो कभी 'जिहादी' बनकर ISIS में शामिल होने का सपना देखता. उसने पूछताछ में बताया कि उसके पास न तो नौकरी थी, न परिवार का साथ और न ही वैवाहिक स्थिरता, इसलिए उसने पहचान पाने के लिए चाकू खरीदा और दो सुरक्षा गार्डों पर उनकी धार्मिक पहचान पूछने के बाद हमला कर दिया.
कौन है जुबैर अंसारी
अंसारी का पिछला रिकॉर्ड बताता है कि उसका जन्म कुर्ला में हुआ था, लेकिन 6 साल की उम्र में वह अमेरिका चला गया था. पुलिस के मुताबिक, अंसारी के माता-पिता, बहन और पत्नी US के नागरिक हैं. उसके पिता अमेरिका में टैक्सी ड्राइवर हैं. वहां उसने केमिस्ट्री की पढ़ाई की और 2016 से 2018 के बीच स्पोर्ट्स टीचर के रूप में काम किया. वीजा खत्म होने के बाद वह 2019 में भारत लौटा. 2023 में वह मीरा रोड शिफ्ट हुआ, जहां उसके परिवार ने उसकी ऑनलाइन शादी कराई थी, जो सफल नहीं रही. फिलहाल एटीएस उसकी विचारधारा और व्यवहारिक स्थिति का गहराई से आकलन कर रही है.



















