Maharashtra: 'कांवड़िए जब रोड पर चलते हैं तो...', सड़क पर नमाज पढ़ने को लेकर क्या बोले अबू आजमी?
Eid Namaz Controversy: सपा विधायक अबू आजमी ने कहा कि रामनवमी और होली पर लोग सड़क पर आ जाते हैं. ये सब करके सिर्फ मुसलमान को परेशान किया जा रहा है. मुसलमान अपनी छत पर नमाज नहीं कर सकता है.

Abu Azmi on Eid Namaz Controversy: उत्तर प्रदेश की कुछ जगहों में जिला प्रशासन ने ईद के दौरान सड़कों पर नमाज की अनुमति देने के खिलाफ सख्त रुख अपनाया, जिसके बाद पूरे देश में इसको लेकर सियासी चर्चा शुरू हो गई. अलग-अलग पार्टियों के नेताओं ने इस मुद्दे पर बयान दिया. इस बीच अब मुगल शासक औरंगजेब की तारीफ कर चर्चा में आए सपा विधायक अबू आजमी की प्रतिक्रिया भी सामने आई है.
महाराष्ट्र के समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी ने कहा, "कांवड़िए जब सड़क पर चलते हैं, तो फूल बरसाए जाते हैं. ऐसे में पांच मिनट के लिए सड़क पर नमाज क्यों नहीं पढ़ी जा सकती है? रामनवमी और होली पर लोग सड़क पर आ जाते हैं. ये सब करके सिर्फ मुसलमान को परेशान किया जा रहा है. मुसलमान अपनी छत पर नमाज नहीं कर सकता है."
ये जमीन सरकार की नहीं है- अबू आजमी
वहीं वक्फ बिल को लेकर अबू आजमी ने कहा कि वक्फ बिल में संशोधन नहीं होना चाहिए, ये जमीन सरकार की नहीं है. वहीं इससे पहले अबू आजमी ने पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर मुसलमानों को निशाना बनाने का इल्जाम लगाते हुए तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा, "देश पर मुसलमानों का भी उतना ही अधिकार है और उन पर अत्याचार बंद होने चाहिए."
उन्होंने कहा, "बीते कुछ सालों में मुसलमानों के खिलाफ नफरत और अन्याय बढ़ा है. देश में ऐसा माहौल बना दिया गया है कि मुसलमानों को हर चीज के लिए शक की नजर से देखा जाता है."
बता दें सड़कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पिछले कुछ सालों में प्रमुख राजनीतिक मुद्दे के रूप में उभरा है. एक वर्ग इसके विरोध में कहता है कि धार्मिक रीति-रिवाजों को सार्वजनिक स्थानों पर नहीं किया जाना चाहिए, वहीं अन्य लोगों का तर्क है कि जब तक इस तरह के कृत्यों से किसी को असुविधा न हो, तब तक इसे मुद्दा नहीं बनाना चाहिए.
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