NCP-SP के MPs की PM से मुलाकात का सुनेत्रा पवार कनेक्शन? उठ रहे से सवाल
Maharashtra Politics: पीएम मोदी से एनसीपी एसपी के 8 सांसदों की 20 मिनट की मुलाकात ने कई मायनों में सियासी उलटफेर के दावे किए हैं.यहां पढ़ें खास रिपोर्ट-

नेश्नलिस्ट कांग्रेस पार्टी-शरद पवार (NCP SP) के लोकसभा में आठ सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 10 अगस्त, सोमवार को मुलाकात की. पवार गुट के सांसदों ने बताया कि यह बैठक महाराष्ट्र के विभिन्न मुद्दों को उठाने के लिए थी. हालांकि बताए गए कारणों पर विश्वास करने के बावजूद कुछ सवाल तो खड़े हुए ही.
शरद पवार की नेश्नलिस्ट कांग्रेस पार्टी के 8 सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 20 मिनट तक मुलाकात की और बताया कि महाराष्ट्र के मुद्दों पर चर्चा की गई.
मुलाकात के बाद सांसदों की प्रतिक्रियाओं में दो बातें समान थीं. पहली बात यह कि सुप्रिया सुले के नेतृत्व में मुलाकात हुई, इस बात पर जोर दिया गया. दूसरी बात यह कि मीटिंग में राजनीतिक चर्चा नहीं हुई. इस बात पर पहली वाली बात के मुकाबले ज्यादा जोर दिया गया.
पीएम से मुलाकात पर सांसदों ने क्या बताया?
सांसद अमोल कोल्हे ने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ 20 मिनट तक चर्चा हुई. NCP-SP की कार्यकारी और लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले के नेतृत्व में मुलाकात हुई. हमने अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्र के मुद्दों पर चर्चा की. नासिक-पुणे रेलवे आंदोलन के बारे में चर्चा की. इंद्रायणी मेडिसिटी, चाकण एमआईडीसी के बारे में चर्चा की. महात्मा फुले, सावित्रीबाई फुले और अन्नाभाऊ साठे को भारत रत्न पुरस्कार देने के बारे में चर्चा की. इस मुलाकात में कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई.
सांसद बाल्यामामा म्हात्रे ने कहा कि संसद का सत्र एक दिन भी नहीं चला. हम अपनी समस्याएं कहां उठाएं. सुप्रिया ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की, तब हम सभी खुश थे. हमारी समस्याओं का समाधान निकलेगा. उन्होंने पार्टी के बीजेपी नीत एनडीए को समर्थन करने के सवाल पर कहा कि ऐसा कुछ नहीं है और परिसीमन का भी मुद्दा नहीं है.
NCP-SP,कांग्रेस और शिवसेना यूबीटी ने क्या कहा?
शरद पवार की नेश्नलिस्ट कांग्रेस पार्टी की महाराष्ट्र में सहयोगी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को फिलहाल इस मुलाकात में कुछ भी गलत नहीं दिख रहा है. हालांकि प्रदेश अध्यक्ष यह कहने से नहीं चूके कि परिसीमन भारतीय जनता पार्टी की चाल है. पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि NCP या शरद पवार के यहां क्या चल रहा है, उनका एजेंडा उन्हें ही पता है. इंडिया अलायंस पूरी तरह मजबूत है. अगर बीजेपी को हराना है तो विपक्षी दलों का एकजुट होना जरूरी है.
ठाकरे की शिवसेना को भी की मुलाकात पर कोई अचरज नहीं हुआ. वह सार्वजनिक रूप से और बार-बार यह कर रही है कि शरद पवार की पार्टी एनडीए के साथ नहीं जाएगी. इस मुलाकात पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद संजय राउत ने कहा था कि जब संसद का सत्र चल रहा हो तो सांसदों का अपने मुद्दों के लिए प्रधानमंत्री, गृह मंत्री से मिलना, इसमें अचरज क्या है? प्रधानमंत्री से इसलिए मिलना पड़ रहा है क्योंकि वे संसद में नहीं हैं. वे छिपकर मुलाकात नहीं कर रहे हैं. सुप्रिया सुले साथ हैं. मुझे नहीं लगता कि पवार के नेतृत्व वाली पार्टी एनडीए की मदद करने की भूमिका अपनाएगी.
सहयोगी दलों के इस बयान पर एनसीपी-एसपी के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे और सीएम देवेंद्र फडणवीस के एक साथ विमान यात्रा करने की याद दिलाई है. शशिकांत शिंदे ने कहा कि जब शरद पवार मोदी से मिले थे, उससे पहले वे जंतर-मंतर पर आंदोलन में शामिल होकर आए थे. आज की स्थिति में ऐसा कोई मुद्दा नहीं है, इतना मैं कहना चाहता हूं. उद्धव साहब और देवेंद्र फडणवीस भी एक साथ विमान से यात्रा करके आए थे ना. हम अपने मित्र दलों से अनुरोध करते हैं कि वे संदेह पैदा न करें.
CM देवेंद्र फडणवीस ने क्या कहा?
कुछ दिन पहले ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र के दौरे पर थे. उस समय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे उनके साथ थे. हालांकि उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार इस दौरे में नजर नहीं आईं. अमित शाह से सुनेत्रा की मुलाकात न होने पर एनसीपी-एसपी के नेता शरद पवार ने भी टिप्पणी की थी. वहीं दूसरी ओर शरद पवार के आठ सांसदों से मुलाकात के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने समय दिया. यह विरोधाभास महज संयोग है या भविष्य की नई रणनीति का संकेत, इसको लेकर चर्चा शुरू हो गई है.
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने एनसीपी-एसपी के सांसदों की पीएम से मुलाकात पर कहा कि यह अच्छी बात है. प्रधानमंत्री पूरे देश के होते हैं. वह किसी पार्टी के नहीं होते. उनसे मिलने में कुछ भी गलत नहीं है. मैं भी मुख्यमंत्री हूं. कई विपक्षी दलों के नेता मुझसे मिलते हैं. अपने काम बताते हैं.
पवार को एनडीए में आने का ऑफर
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने शरद पवार को एक बार फिर एनडीए में आने का ऑफर दिया है. आठवले ने कहा कि सुप्रिया सुले पहले उनसे मिल चुकी हैं. सिर्फ मुलाकात करने से क्या फायदा. पवार को एनडीए में आना चाहिए. अगर वे एनडीए में आने वाले हैं तो उनका स्वागत है. मैंने कई बार उनसे कहा है कि उन्हें एनडीए में आना चाहिए.
पहले शिवसेना और उसके बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में हुई टूट, पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी में हुई बगावत, आम आदमी पार्टी को लगे झटके और हाल ही में ठाकरे के छह सांसदों द्वारा शिंदे गुट में लगाई गई छलांग को देखते हुए शरद पवार के सांसदों की मोदी से हुई मुलाकात केवल निर्वाचन क्षेत्र के मुद्दों तक सीमित थी, इस पर विश्वास करना कई लोगों के लिए मुश्किल हो रहा है.






















