Maharashtra Weather: महाराष्ट्र के 15 जिलों में लू का हाई अलर्ट, कामगारों के लिए जारी हुई विशेष SOP
Maharashtra Heat Wave: महाराष्ट्र सरकार ने भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए 'राज्य हीट एक्शन प्लान' लागू किया है। असंगठित क्षेत्र के कामगारों की सुरक्षा के लिए नई SOP जारी की गई है

महाराष्ट्र में बढ़ते तापमान और मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के मद्देनज़र राज्य सरकार ने राज्य हीट एक्शन प्लान (Heat Action Plan) घोषित किया है. इसके तहत असंगठित कामगारों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने एक मानक कार्यप्रणाली (SOP) जारी की है.
इन नियमों के अनुसार, मौसम विभाग के अलर्ट के आधार पर दोपहर 12 से 4 बजे तक कामगारों को अनिवार्य विश्राम देना होगा. साथ ही काम के समय को सुबह 6 से 11 बजे और शाम 4 से 8 बजे के बीच रखने की सिफारिश की गई है.देश के सबसे अधिक गर्मी-संवेदनशील राज्यों में महाराष्ट्र का समावेश होने के कारण यह निर्णय लिया गया है. हीट स्ट्रोक और आपदाओं के मामलों में भी महाराष्ट्र देश के शीर्ष 10 राज्यों में शामिल है.
इस संबंध में आपदा प्रबंधन मंत्री Girish Mahajan ने कहा कि, “देश के दस प्रमुख गर्म राज्यों में महाराष्ट्र भी शामिल है. जलवायु परिवर्तन के कारण तापमान लगातार बढ़ रहा है और कई क्षेत्रों में तापमान 47 से 49 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है. राज्य में बढ़ती गर्मी को देखते हुए सभी जिलाधिकारियों और आपदा प्रबंधन विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं.”
राज्य में अत्यधिक गर्मी के उच्च जोखिम वाले 15 जिले
राज्य हीट एक्शन प्लान के अनुसार विदर्भ, मराठवाड़ा और खानदेश क्षेत्र के 15 जिलों को अत्यधिक गर्मी के लिए उच्च जोखिम वाला माना गया है. इनमें शामिल हैं:लातूर, अमरावती, यवतमाल, वाशीम, अकोला, बुलढाणा, नागपुर, वर्धा, चंद्रपुर, गोंदिया, भंडारा, जळगांव, नंदुरबार, धुले और नांदेड़.यह सलाह मुख्य रूप से इन उच्च जोखिम वाले जिलों के शहरी क्षेत्रों, विशेषकर आंतरिक (inland) और अर्ध-शुष्क (semi-arid) इलाकों में लागू होगी.
SOP किन पर लागू होगी
यह SOP महाराष्ट्र के सभी उच्च तापमान-जोखिम वाले शहरी क्षेत्रों में कार्यरत महानगरपालिकाओं, नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों पर लागू होगी.विशेष रूप से बाहरी (outdoor) असंगठित कामगारों पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिनमें शामिल हैं:
- सड़क विक्रेता
- निर्माण मजदूर और दैनिक वेतनभोगी
- ट्रैफिक पुलिस
- सफाई कर्मचारी
- गिग और डिलीवरी वर्कर
- रिक्शा चालक और हमाल
इसके अलावा कोयला खदान मजदूर, घर-आधारित कामगार, कचरा बीनने वाले, सुरक्षा गार्ड, आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ता, फैक्ट्री वर्कर, परिवहन और खाद्य क्षेत्र के कामगार, किसान और पशुपालक भी इसमें शामिल हैं.
कामगारों के लिए प्रमुख उपाय
गर्मी के अलर्ट के दौरान काम के समय को ठंडे समय में शिफ्ट करना (सुबह 6–11, शाम 4–8)
- ऑरेंज और रेड अलर्ट के दौरान दोपहर 12 से 4 बजे तक अनिवार्य विश्राम
- निर्माण, औद्योगिक और विक्रय क्षेत्रों के लिए समय-सारणी में बदलाव अनिवार्य
- असंगठित कामगारों की पहचान कर उनके लिए विशेष योजना और बजट
- कामगारों की अद्यतन सूची तैयार करना
स्वास्थ्य संबंधी उपाय
- PHC और UHC केंद्रों पर ORS, IV फ्लुइड और उपचार किट उपलब्ध रखना
- आशा, ANM और स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण देना
- 108 एंबुलेंस को हाई-रिस्क क्षेत्रों में तैनात रखना
- हीट वेव के दौरान त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना
- आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के तहत इलाज की सुविधा
- वेतन नुकसान या अनुपस्थिति के लिए मुआवजा व्यवस्था
अतिरिक्त सुविधाएं और सुरक्षा
- बाजार, चौराहों और ट्रांजिट हब पर पानी के बूथ स्थापित करना
- ORS और इलेक्ट्रोलाइट का वितरण
- सार्वजनिक स्थानों पर छाया और विश्राम की व्यवस्था
- सार्वजनिक इमारतों को अस्थायी कूलिंग सेंटर में बदलना
- कूलिंग किट (पानी, टोपी, तौलिया आदि) उपलब्ध कराना
- महिला कामगारों के लिए सुरक्षित कार्यस्थल व्यवस्था
दोपहर में सार्वजनिक सुविधाएं
- दोपहर में भी पार्क और उद्यान खुले रखना
- मजदूर चौक और बाजार क्षेत्रों में अस्थायी छाया की व्यवस्था
- कूलिंग सेंटर और राहत सुविधाएं उपलब्ध कराना
तीन क्षेत्रों के लिए विशेष दिशा-निर्देश
- बाहरी कामगारों के लिए – काम का समय बदलना, पानी और छाया की व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाना
- कोयला खदान मजदूरों के लिए (चंद्रपुर) – ठंडे विश्राम केंद्र, वेंटिलेशन, जॉब रोटेशन, प्रशिक्षण
- महिला कामगारों के लिए – विशेष सुरक्षा और सुविधाएं
महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन उपायों को जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, श्रमिक संगठन और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा.
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Source: IOCL



























