NDA में शामिल हुए बिना भी BJP को फायदा पहुंचाएंगे शरद पवार? जानें अंदर की बात
Sharad Pawar News: उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे से मुलाकात को लेकर शरद पवार को घेरा है. हालांकि उन्होंने ये भी उम्मीद जताई कि शरद पवार एनडीए में नहीं जाएंगे.

पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार एक बार फिर महाराष्ट्र की सियासत में सुर्खियों में हैं. पवार को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है. सियासी कानाफूसी होने लगी है. बुधवार (08 जुलाई) को शरद पवार की डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे से मुलाकात हुई है. लेकिन इस मुलाकात पर उद्धव ठाकरे की पार्टी को मिर्ची लग गई है. संजय राउत ने कहा है कि जिसने हमसे गद्दारी की है उनसे दफ्तर जाकर मुलाकात क्यों की?
पवार और शिंदे की मुलाकात की तस्वीर ने एक बार फिर मुंबई से लेकर दिल्ली तक के सियासी माहौल को गर्मा दिया है. बकायदा एकनाथ शिंदे के दफ्तर की तस्वीरें सार्वजनिक भी की गईं.
क्या शरद पवार भी बदलेंगे पाला?
अब चर्चा इस बात की होने लगी है कि क्या शरद पवार भी पाला बदलने वाले हैं? वैसे राजनीति में कब क्या हो जाए कहा नहीं जा सकता. पवार को लेकर अटकलें पहले से ही चलती रही है और इन तस्वीरों ने उन्हीं अटकलों को हवा दी है. उद्धव ठाकरे के 'हनुमान' संजय राउत ने इस मुलाकात को लेकर शरद पवार पर तल्ख बयान दिये.
संजय राउत का शरद पवार पर हमला
संजय राउत ने कहा, ''शरद पवार निश्चित रूप से बड़े और सम्मानित नेता हैं. लेकिन जिन लोगों ने उनकी सरकार गिराई, उनके दफ्तर में जाकर बैठक करना किसी बड़े नेता की विश्वसनीयता को कम करता है.'' हालांकि राउत ने ये उम्मीद भी जताई कि शरद पवार एनडीए में नहीं जाएंगे. लेकिन राउत के बयान ने शरद पवार की पार्टी को नाराज कर दिया है.
जितेंद्र आव्हाड क्या बोले?
शरद पवार की पार्टी के विधायक जितेंद्र आव्हाड ने कहा, ''कार्यालय किसी पार्टी के नेता का दफ्तर नहीं है, वो राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और फिलहाल महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री का कार्यालय है. किसी की जागीर नहीं है. संजय राउत को शरद पवार की उम्र नहीं पता क्या? मेरा मुंह मत खुलवाओ, अजित पवार से मिलने पहले कौन गया था."
पिछले महीने उद्धव गुट के 6 सांसदों ने बदला था पाला
अभी पिछले महीने उद्धव ठाकरे की पार्टी के 6 सांसद पाला बदलकर शिंदे के साथ चले गए और अब शरद पवार को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है .पवार की पार्टी के कुछ नेताओं की बीजेपी नेताओं से भी मेल मुलाकात ने चर्चा को हवा दे रखी है.
महाराष्ट्र में लोकसभा का गणित
कांग्रेस के पास 13 सांसद हैं. शरद पवार की पार्टी के पास 8 सांसद हैं. जबकि उद्धव की पार्टी शिवसेना यूबीटी के पास अब सिर्फ 3 सांसद बचे हैं क्योंकि उनके छह सांसद पाला बदल चुके हैं. उधर एनडीए यानि महायुति की बात करें तो बीजेपी के पास 9 सांसद हैं. जबकि शिंदे का आंकड़ा अब तेरह हो चुका है. एनसीपी के पास 1 सांसद हैं. एक सीट अन्य के पास है.
एनसीपी (एसपी) के एनडीए में शामिल होने की चर्चा है. इससे पहले टीएमसी टूट चुकी है. 20 लोकसभा और 4 राज्यसभा के टीएमसी सांसद बीजेपी के साथ जा चुके हैं. उसी तरह उद्धव की शिवसेना भी टूटी. 6 लोकसभा सदस्य शिंदे के साथ गये. उससे पहले आम आदमी पार्टी राज्यसभा में टूटी और 7 सांसद बीजेपी में शामिल हुए.
सियासत में सभी दरवाजे बंद नहीं करते शरद पवार!
शरद पवार राजनीति के मझे हुए खिलाड़ी माने जाते हैं. सियासत में वो सभी दरवाजे बंद नहीं करते. एक दरवाजा हमेशा खुला रखते हैं. चाहे वो शिंदे हों या देवेंद्र फडणवीस हों. भले ही वो एनडीए में न जाएं लेकिन किसी मुद्दे पर एनडीए के साथ जा सकते हैं. अगर एनडीए परिसीमन का बिल लेकर आएगी तो पिछली बार शरद पवार की पार्टी ने विरोध किया था. लेकिन हो सकता है कि इस बार वो पाला बदल दें और पक्ष में वोट करें.
शरद पवार से एकनाथ शिंदे ने 15 मिनट की औपचारिक मुलाकात की. शिंदे किसी कैबिनेट की मीटिंग में थे लेकिन उसको छोड़कर पवार से मिलने पहुंचे. इस मुलाकात से पवार ने ये सियासी संकेत दे दिए कि मेरे लिए कोई 'अछूता' नहीं है.
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