INDIA गठबंधन के सांसदों को हिरासत में लेने पर उद्धव ठाकरे बोले, 'राहुल गांधी ने जो मुद्दे उठाए...'
Maharashtra News: सोमवार को राहुल गांधी और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी, संजय राउत समेत 30 से ज़्यादा सांसदों को हिरासत में लेकर संसद मार्ग थाने ले जाया गया.

बिहार में वोटर लिस्ट में संशोधन और कथित 'वोट चोरी' के खिलाफ विरोध जताने के लिए सोमवार (11 अगस्त) को चुनाव आयोग के दफ्तर जा रहे विपक्षी सांसदों को हिरासत में ले लिया गया. इस पर शिवसेना यूबीटी के चीफ और महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा कि बीजेपी चोरी छिपाना चाहती है. प्रधानमंत्री तो कभी सामने आते नहीं, सरकार तरफ से दो चार मंत्री सामने आकर इनके साथ विचार विमर्श करते तो रास्ता निकल आता. लेकिन इनको चोरी छिपानी है. राहुल गांधी ने जो मुद्दे उठाए हैं, उसे गंभीरता से लेने की आवश्यकता है.
आज दो जगह पर जनआंदोलन हुए- उद्धव
उद्धव ठाकरे ने मुंबई में सोमवार (11 अगस्त) को मीडिया से बातचीत में कहा, "आज दो जगह पर जनआंदोलन हुए. एक तो महाराष्ट्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ शिवसेना ने आंदोलन छेड़ा था और मैं सारे शिव सैनिकों को धन्यवाद देना चाहता हूं कि वो बड़ी संख्या में आए थे. साथ ही साथ मैंने देखा कि जनता भी आई थी. पिछले सत्र के दौरान हमने सबूत के साथ इनके भ्रष्टाचार की नकाब फाड़ी थी. हम राज्यपाल से भी मिले. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसलिए आज हम सड़क पर उतरे."
बीच में सरकार और बीजेपी क्या कर रही है- उद्धव
इसके आगे उन्होंने कहा, "जब हमारा आंदोलन यहां चल रहा था दिल्ली में इंडिया गठबंधन के सारे सांसद चुनाव आयोग को मिलने जा रहे थे. हम उनके सामने जाकर आंदोलन करना चाहते थे. बीच रास्ते में उन्हें रोका गया और पुलिस स्टेशन ले जाया गया. हमारा आंदोलन इलेक्शन कमिश्नर के खिलाफ है, इस बीच में सरकार और बीजेपी क्यों आ रही है, हमें पता नहीं. इसका अर्थ साफ है कि जो उन्होंने चोरी की है उसे वो छुपना चाहते हैं. जो चोर हैं उन्हें वो बचाना चाहते हैं."
पूर्व सीएम ने कहा, "हम देशद्रोही तो नहीं हैं. अपने खिलाफ अभी अमेरिका है, बाकी लोग हैं तो ऐसे समय में अगर विपक्ष को साथ लेकर प्रधानमंत्री देश का हित सोचते तो ऐसी बात नहीं आती."
जो वोटर बढ़ गए वो कहां से आए- उद्धव
उद्धव ठाकरे ने ये भी कहा कि लोकसभा के चुनाव के परिणाम से बिल्कुल उल्टा नतीजा विधानसभा चुनाव में आया. बीच में पांच या छह महीने थे. इतने समय में वोटर बढ़ गए, वो लोग कहां से आए?
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Source: IOCL























