ड्रग फ्री मुंबई अभियान का आगाज, CM फडणवीस ने दिलाई शपथ
Drug Free Mumbai Campaign News: मुंबई में ड्रग फ्री मुंबई अभियान को लेकर CM फडणवीस ने कहा, नशामुक्त समाज बनाने के लिए पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षकों, विद्यार्थियों को मिलकर काम करना होगा.

महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई को नशामुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 'ड्रग फ्री मुंबई' अभियान की शुरुआत कर दी है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वर्ली डोम में आयोजित कार्यक्रम में अभियान का शुभारंभ किया. मौजूद लोगों को नशामुक्त समाज के निर्माण की शपथ दिलाई. इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए नशामुक्त भारत के संकल्प को सफल बनाने के लिए हर नागरिक को 'ड्रग फ्री मुंबई', 'ड्रग फ्री महाराष्ट्र' और 'ड्रग फ्री भारत' बनाने का सामूहिक संकल्प लेना होगा. उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि देश के भविष्य से जुड़ा हुआ मुद्दा है.
कार्यक्रम में कौशल, रोजगार, उद्यमिता, नवाचार मंत्री और नशामुक्ति जनजागरण अभियान की उच्चस्तरीय समिति के अध्यक्ष मंगल प्रभात लोढ़ा, मुंबई महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे, मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, विभागीय आयुक्त रुबल अग्रवाल, मुंबई उपनगर के जिलाधिकारी सौरभ कटियार, मुंबई शहर की जिलाधिकारी आंचल गोयल, समिति की गैर-सरकारी सदस्य सपना श्रॉफ, विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, चिकित्सा विशेषज्ञ, परामर्शदाता, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे.
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ड्रग्स देश को कमजोर करने की साजिश का हिस्सा- CM
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि भारत आज विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरिक्ष अनुसंधान और रक्षा क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है. ऐसे समय में देश की युवा शक्ति को मादक पदार्थों के जाल में फंसाकर भारत को भीतर से कमजोर करने की साजिश रची जा रही है. उन्होंने कहा कि ड्रग्स इस छद्म युद्ध का सबसे खतरनाक हथियार है और इसके खिलाफ लड़ाई प्रत्येक नागरिक को अपनी लड़ाई मानकर लड़नी चाहिए.
उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज बनाने के लिए पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, सामाजिक न्याय विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, अभिभावकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और समाज के सभी वर्गों को मिलकर काम करना होगा.
स्कूल और कॉलेजों के आसपास ड्रग्स बेचने वालों पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि ड्रग्स का निर्माण, तस्करी और बिक्री करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. खास तौर पर स्कूलों और कॉलेजों के आसपास मादक पदार्थ बेचने वाले गिरोहों का पूरी तरह सफाया किया जाएगा.
उन्होंने विद्यार्थियों से भी अपील करते हुए कहा कि यदि विद्यार्थी स्वयं दृढ़ संकल्प कर लें कि 'ड्रग्स को नहीं', तो कोई भी उन्हें नशे की गिरफ्त में नहीं ले जा सकता. उन्होंने कहा कि सरकार अगले दो से 4 सालों में 'ड्रग फ्री मुंबई' का लक्ष्य हासिल करने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी.
हर विद्यार्थी बने समाज की आंख और कान
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि समाज को नशे के खिलाफ लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभानी होगी. उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि यदि कहीं ड्रग्स का कारोबार हो रहा हो या कोई व्यक्ति नशे की ओर बढ़ रहा हो तो उसकी जानकारी प्रशासन तक पहुंचाएं.
उन्होंने यह भी घोषणा की कि राज्य के सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों और कॉलेजों के प्राचार्यों को इस संबंध में पत्र भेजा जाएगा. 'ड्रग फ्री कैंपस' और 'ड्रग फ्री स्कूल' की अवधारणा को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सरकार पूरा सहयोग करेगी.
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सूचना देने वालों की पहचान रहेगी गोपनीय
मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रग्स से जुड़ी उपयोगी जानकारी देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी. साथ ही ऐसी महत्वपूर्ण सूचना देने वाले लोगों को सरकार की ओर से पुरस्कार भी दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि केवल कार्रवाई करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि नशे की गिरफ्त में आए युवाओं का पुनर्वास कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाना भी सरकार की प्राथमिकता होगी.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यदि युवा 21 से 22 वर्ष की आयु तक नशे से दूर रहते हैं, तो उनके जीवनभर नशे से दूर रहने की संभावना अधिक होती है. उन्होंने युवाओं से किसी भी प्रलोभन में न आने और नशे को दृढ़ता से 'नहीं' कहने की अपील की.
उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि युवा शक्ति समाज के लिए विनाशकारी नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की जीवनदायिनी शक्ति बननी चाहिए. साथ ही छत्रपति शिवाजी महाराज और भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रेरणा से ली गई 'ड्रग फ्री मुंबई' की शपथ को जीवन में उतारने का आह्वान किया.
'ड्रग फ्री मुंबई' को जनआंदोलन बनाने की अपील
कार्यक्रम में मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि 'ड्रग फ्री मुंबई' केवल सरकार का अभियान नहीं, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी से चलने वाला व्यापक जनआंदोलन है. उन्होंने कहा कि मुंबई पूरी तरह मादक पदार्थ मुक्त होने तक यह अभियान लगातार जारी रहेगा.
उन्होंने कहा कि युवाओं को ड्रग्स के जाल में फंसाने की साजिश को नाकाम करने के लिए सरकार के साथ-साथ समाज को भी आगे आना होगा. स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में जनजागरण, परामर्श और नशा-निवारण से जुड़ी गतिविधियां चलाई जाएंगी. उन्होंने अभिभावकों, शिक्षकों, स्वयंसेवी संस्थाओं और समाज के सभी वर्गों से बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए अभियान में भागीदारी की अपील की.
15 अगस्त से शुरू होगी 'सीएम महाधन' योजना
मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए कई योजनाएं चला रही हैं. उन्होंने जानकारी दी कि 15 अगस्त से 'सीएम महाधन' कौशल विकास योजना शुरू की जाएगी. पहले चरण में एक लाख युवा-युवतियों को कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार के लिए मार्गदर्शन और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.
कार्यक्रम की प्रस्तावना में मुंबई उपनगर के जिलाधिकारी सौरभ कटियार ने अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत की. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के वर्ष 2029 तक 'ड्रग फ्री देश' के लक्ष्य के अनुरूप मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है. विद्यार्थियों को नशे से दूर रखने के लिए जनजागरण, परामर्श और निवारक उपायों पर विशेष जोर दिया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि मुंबई के स्कूलों और कॉलेजों में 4 हजार से अधिक मार्गदर्शन एवं परामर्श समितियों का गठन किया गया है. साथ ही एक हजार से अधिक प्रशिक्षित परामर्शदाताओं का नेटवर्क तैयार किया गया है. अभियान के शुभारंभ के अवसर पर चार हजार से अधिक स्कूलों और कॉलेजों के पांच लाख से ज्यादा विद्यार्थी, अभिभावक और नागरिक मुख्यमंत्री के ऑनलाइन संवाद से जुड़े.
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कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 'नशामुक्त मुंबई' अभियान के लिए भेजे गए संदेश को मुंबई महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे ने पढ़कर सुनाया. वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 'ट्रेनिंग मैनुअल फॉर काउंसलर्स' नामक प्रशिक्षण पुस्तिका का भी विमोचन किया.
सरकार का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि जनजागरूकता, परामर्श, पुनर्वास और सामाजिक भागीदारी के जरिए मुंबई को पूरी तरह नशामुक्त बनाना है.
























