Mumbai News: मुंबई एयरपोर्ट से 3 करोड़ की फॉरेन करेंसी और हीरे बरामद, विदेश जाने से पहले 6 तस्कर गिरफ्तार
Mumbai News In Hindi: मुंबई एयरपोर्ट पर करीब 3 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा और हीरे जब्त किए. बैग के अंदर फर्जी छिपे हुए खांचे बनाए गए थे, जिनमें विदेशी मुद्रा और हीरे छिपाकर रखे गए थे.

मुंबई एयरपोर्ट पर डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 3 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा और हीरे जब्त किए हैं. इस मामले में हवाला ऑपरेटर सहित कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर की गई.
जानकारी मिलते ही DRI की टीम ने एयरपोर्ट पर निगरानी बढ़ा दी और चार यात्रियों को उस समय रोक लिया जब वे अंतरराष्ट्रीय उड़ान पकड़ने की तैयारी में थे.
बैग में बनाई गई थी फर्जी कैविटी
अधिकारियों ने जब यात्रियों के बैग और हैंडबैग की बारीकी से जांच की तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ. बैग के अंदर फर्जी कैविटी यानी छिपे हुए खांचे बनाए गए थे, जिनमें विदेशी मुद्रा और हीरे छिपाकर रखे गए थे.
तलाशी के दौरान पाउंड स्टर्लिंग और अमेरिकी डॉलर अलग-अलग मूल्यवर्ग में बरामद हुए. इन विदेशी मुद्राओं की कुल कीमत करीब 1.93 करोड़ रुपये बताई जा रही है. अधिकारियों के अनुसार इतनी बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा को छिपाकर विदेश ले जाने की कोशिश की जा रही थी.
53 पाउच में छिपाकर रखे गए हीरे
विदेशी मुद्रा के अलावा अधिकारियों को बैग से 53 छोटे पाउच भी मिले. जब इन पाउच की जांच की गई तो उनमें हीरे पाए गए. जब्त किए गए इन हीरों की कीमत करीब 1.10 करोड़ रुपये आंकी गई है. अधिकारियों का कहना है कि इस तरह अलग-अलग पाउच में हीरे छिपाकर ले जाने की कोशिश की गई ताकि जांच के दौरान शक न हो.
पूछताछ के दौरान यात्रियों से विदेशी मुद्रा और हीरों से जुड़े दस्तावेज मांगे गए, लेकिन उनके पास कोई वैध अनुमति या कागजात नहीं मिले. इतना ही नहीं, उन्होंने कस्टम विभाग में भी इनकी कोई घोषणा नहीं की थी.
नियमों के अनुसार इतनी बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा और कीमती सामान को विदेश ले जाने के लिए अनुमति और घोषणा जरूरी होती है.
हवाला ऑपरेटर भी गिरफ्तार
जांच को आगे बढ़ाते हुए DRI ने उस हवाला ऑपरेटर और उस व्यक्ति को भी पकड़ लिया जिसने यह विदेशी मुद्रा यात्रियों तक पहुंचाई थी. अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे मामले में कुल 6 लोगों को कस्टम्स एक्ट 1962 के तहत गिरफ्तार किया गया है.
फिलहाल जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस तस्करी के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा.
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Source: IOCL
























