धीरेंद्र शास्त्री के शिवाजी वाले बयान पर हंगामा, नगीना सांसद ने उठाए सवाल, अब आई बागेश्वर बाबा की सफाई
Dhirendra shastri Controversy: धीरेन्द्र शास्त्री ने वीडियो जारी कर उस घटना पर अपना पक्ष रखते हुए सफाई दी और कहा, “हमने शिष्य-गुरु परंपरा के एक उदहारण को बताया था. इसमें अपमान जैसा कुछ नहीं है.

महाराष्ट्र के नागपुर में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर दिए गए विवादित बयान ने महाराष्ट्र में तूफान खड़ा कर दिया है. जिसके बाद वे निशाने पर आ गए हैं. इस पर नगीना सांसद चन्द्रशेखर आजाद ने तीखा हमला बोलते हुए इसे बहुजन समाज का अपमान बताया और माफ़ी मांगने की मांग की है.
मामला बढ़ते देखे धीरेन्द्र शास्त्री ने वीडियो जारी कर उस घटना पर अपना पक्ष रखते हुए सफाई दी और कहा, “हमने शिष्य-गुरु परंपरा के एक उदहारण को बताया था. इसमें महाराज शिवाजी का अपमान जैसा कुछ नहीं है. इसे अनावश्यक न तूल दें.”
क्या कहा था धीरेन्द्र शास्त्री ने ?
नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान धीरेन्द्र शास्त्री ने दावा किया कि शिवाजी महाराज युद्ध करते-करते थक गए थे और अपना मुकुट समर्थ रामदास स्वामी को सौंपना चाहते थे. इस दौरान मंच पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी बैठे थे. जिसके बाद यह मामला तूल पकड़ा गया. कई बहुजन संगठनों ने इस पर आपत्ति जताई है.
चंद्रशेखर ने माफ़ी मांगने की मांग रखी
धीरेन्द्र शास्त्री के इस बयान पर नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि यह बयान ऐतिहासिक रूप से गलत और बहुजन नायकों के सम्मान पर हमला है. सांसद चंद्रशेखर आजाद ने ट्वीट कर लिखा कि शिवाजी महाराज थककर मुकुट सौंपना चाहते थे, यह कहना उनके अदम्य साहस का अपमान है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘मुँहबोले छोटे भाई’ धीरेन्द्र द्वारा नागपुर में ऐसे मंच से, जहाँ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की उपस्थिति में इस प्रकार का बयान दिया जाना, भाजपा-आरएसएस की उसी सोच का परिणाम है, जहाँ बहुजन नायकों के योगदान को कमतर दिखाने, उनके संघर्ष को कमजोर करने और उनके व्यक्तित्व को विकृत करने की कोशिश लगातार की जाती रही है.
















