Maharashtra News: छत्रपति शिवाजी महाराज का किला बना UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट, देश के लिए गर्व का पल
UNESCO World Heritage: यूनेस्को ने 2024-25 के लिए 'मराठा मिलिट्री लैंडस्केप ऑफ इंडिया' को विश्व धरोहर सूची में शामिल किया. यह भारत की 44वीं धरोहर है,जिसमें महाराष्ट्र और तमिलनाडु के 12 किले शामिल हैं.

UNESCO के 47वें बैठक में लिए गए एक ऐतिहासिक निर्णय में 2024-25 दौर के लिए भारत के आधिकारिक नामांकन के तहत 'मराठा मिलिट्री लैंडस्केप ऑफ इंडिया' को यूनेस्को की विश्व धरोहर लिस्ट में शामिल कर लिया गया है. UNESCO कि मान्यता प्राप्त करने वाली भारत की 44वीं संपत्ति बन गई है, यह वैश्विक सम्मान भारत की चिरस्थायी सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करता है, जो इसकी स्थापत्य प्रतिभा, क्षेत्रीय पहचान और ऐतिहासिक निरंतरता की विविध परंपराओं को प्रदर्शित करता है.
महाराष्ट्र में साल्हेर, शिवनेरी, लोहगढ़, खंडेरी, रायगढ़, राजगढ़, प्रतापगढ़, सुवर्णदुर्ग, पन्हाला, विजयदुर्ग और सिंधुदुर्ग के साथ-साथ तमिलनाडु में गिंगी किला शामिल हैं.
ऐतिहासिक !
— Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) July 11, 2025
अभिमानास्पद !!
गौरवशाली क्षण !!!
आपले आराध्य छत्रपती शिवाजी महाराज यांना
महाराष्ट्र सरकारचा मानाचा मुजरा !!!!
महाराष्ट्रातील सर्व नागरिकांचे, शिवप्रेमींचे मन:पूर्वक अभिनंदन...
छत्रपती शिवाजी महाराजांचे 12 किल्ले
युनेस्कोच्या जागतिक वारसा यादीत!
मला हे सांगताना अतिशय…
क्षेत्रीय अनुकूलन को करता है उजागर
शिवनेरी किला, लोहागढ़, रायगढ़, सुवर्णदुर्ग, पन्हाला किला, विजयदुर्ग, सिंधुदुर्ग और गिंगी किला भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीन संरक्षित हैं, जबकि साल्हेर किला, राजगढ़, खंडेरी किला और प्रतापगढ़ पुरातत्व और संग्रहालय निदेशालय, महाराष्ट्र सरकार द्वारा संरक्षित हैं. तटीय चौकियों से लेकर पहाड़ी गढ़ों तक विविध भूभागों में स्थित ये किले भूगोल और राजनीतिक रक्षा योजना की परिष्कृत समझ को दर्शाते हैं. साथ मिलकर ये एक सुसंगठित सैन्य परिदृश्य का निर्माण करते हैं, जो देश में दुर्ग निर्माण परंपराओं के नवाचार और क्षेत्रीय अनुकूलन को उजागर करता है.
ऐतिहासिक फैसला लिया गया
यह प्रस्ताव जनवरी 2024 में विश्व धरोहर समिति के विचारार्थ भेजा गया था और सलाहकार निकायों के साथ कई तकनीकी बैठकों एवं स्थलों की समीक्षा के लिए ICOM के मिशन के दौरे सहित 18 महीने की कठोर प्रक्रिया के बाद शुक्रवार की शाम पेरिस के यूनेस्को हेड ऑफिस में विश्व धरोहर समिति के सदस्यों द्वारा यह ऐतिहासिक फैसला लिया गया.
महत्वपूर्ण अवसर के लिए भारत को दी शुभकामनाएं
कमिटी की बैठक के दौरान 20 में से 18 सदस्य देशों ने इस महत्वपूर्ण स्थल को सूची में शामिल करने के भारत के प्रस्ताव का समर्थन किया, प्रस्ताव पर 59 मिनट तक चर्चा चली और 18 सदस्य देशों की सकारात्मक सिफारिशों के बाद सभी सदस्य देशों, यूनेस्को, विश्व विरासत केंद्र और यूनेस्को के सलाहकार निकायों ने इस महत्वपूर्ण अवसर के लिए भारत को शुभकामनाएं दी.
अब इसको लेकर पूरे देश में खुशी है. प्रधानमंत्री मोदी से लेकर देशभर में इस उपलक्ष्य पर देशवासियों को बधाई दी जारी है.
Source: IOCL

























