MP: बीजेपी MLA पन्ना लाल शाक्य का बड़ा बयान, '18 से 30 साल तक युवाओं को मिले अनिवार्य सैन्य प्रशिक्षण'
MP News: बीजेपी विधायक पन्ना लाल शाक्य ने गुना में युवाओं को 18 से 30 वर्ष की आयु तक अनिवार्य सैन्य प्रशिक्षण देने की मांग की. पड़ोसी देशों की अस्थिरता को सुरक्षा खतरे बताया.

बीजेपी विधायक पन्ना लाल शाक्य ने मंगलवार (9 सितंबर) को एक कार्यक्रम के दौरान देश की सुरक्षा और भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि जिस तरह पड़ोसी देशों में हालात बिगड़े हैं, भारत को पहले से सतर्क रहना चाहिए. इसके लिए उन्होंने सभी युवाओं को सैन्य प्रशिक्षण देने की मांग रखी है.
पन्ना लाल शाक्य ने अपने संबोधन में कहा कि खेल और खिलाड़ियों की उपलब्धियां जारी रहेंगी और देश का विकास भी अपनी रफ्तार से आगे बढ़ेगा, लेकिन वर्तमान परिदृश्य में सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए. उन्होंने कलेक्टर से आग्रह किया कि उनके लिखित प्रस्ताव को दिल्ली सरकार और रक्षा मंत्रालय तक तत्काल पहुंचाया जाए.
Guna, Madhya Pradesh: BJP MLA Panna Lal Shakya says, "Sports and players will continue, and India’s development will also progress. But one issue is very concerning. I request the Collector to kindly forward my written proposal to the Delhi Government and the Ministry of Defence:… pic.twitter.com/OyuTDiLW6e
— IANS (@ians_india) September 11, 2025
'युवाओं को अनिवार्य रूप से मिलना चाहिए सैन्य प्रशिक्षण'
बीजेपी विधायक पन्ना लाल शाक्य ने कहा कि 18 से 30 वर्ष की आयु के बीच के सभी नागरिकों को सैन्य प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से मिलना चाहिए. उनका तर्क है कि ऐसे प्रशिक्षण से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और देशभक्ति की भावना मजबूत होगी. साथ ही यह देश की सुरक्षा क्षमता को भी और सुदृढ़ करेगा.
विधायक ने श्रीलंका, बांग्लादेश और अफगानिस्तान का उदाहरण देते हुए कहा कि इन देशों की अस्थिरता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आंतरिक और बाहरी खतरों से बचाव के लिए समाज के हर वर्ग को तैयार रहना चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भारत समय रहते कदम नहीं उठाता तो हमारी स्थिति भी प्रभावित हो सकती है.
देश की रक्षा को केवल सेना की जिम्मेदारी न समझें- पन्ना लाल शाक्य
शाक्य ने युवाओं से आह्वान किया कि वे देश की रक्षा को केवल सेना की जिम्मेदारी न समझें, बल्कि नागरिक के रूप में भी सुरक्षा के प्रति संवेदनशील रहें. उन्होंने कहा कि यदि हर युवा सैन्य प्रशिक्षण लेगा, तो भारत किसी भी परिस्थिति का मजबूती से सामना कर सकेगा.
उनके इस बयान के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है. कई लोगों ने उनके विचारों का समर्थन करते हुए कहा कि यह कदम युवाओं को राष्ट्रहित में जागरूक बनाएगा. वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि यह व्यवस्था लागू करना व्यावहारिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है.
अब देखना यह होगा कि विधायक के इस प्रस्ताव पर सरकार और रक्षा मंत्रालय किस तरह प्रतिक्रिया देते हैं, लेकिन इतना तय है कि उनके इस बयान ने युवाओं और राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है.
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