महाराष्ट्र में दशहरा पर राजनीति, बीजेपी ने कहा- उद्धव ठाकरे गुट रद्द करे रैली, क्या मानेंगे शिवसेना UBT प्रमुख?
Maharashtra News: BJP ने उद्धव ठाकरे से दशहरा रैली रद्द कर उसका खर्च मराठवाड़ा बाढ़ पीड़ितों को देने की मांग की है. उन्होंने कहा कि ठाकरे मुख्यमंत्री रहते हुए कुछ नहीं कर पाए, अब पश्चाताप करें.

महाराष्ट्र में दशहरा पर्व से पहले ही राजनीति शुरू हो गई है. बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने सोमवार (27 सितंबर) को उद्धव ठाकरे के सामने बड़ी डिमांड रख दी है. उन्होंने उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी से कहा कि अपनी दशहरा रैली इस साल कैंसिल कर दें और उसके लिए लगाया जाने वाला सारा पैसा बाढ़ से प्रभावित मराठवाड़ा को दे दें.
बीजेपी नेता का कहना है कि जब उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री थे, तब तो महाराष्ट्र के लिए कुछ कर नहीं सके. अब समय है पश्चाताप करने का. मराठवाड़ा समेत महाराष्ट्र के कई इलाके भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित हैं. इन इलाकों में जान और संपत्ति का बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है.
'दशहरा रैली रद्द करने का सही समय'- बीजेपी
दशहरा रैली उद्धव ठाकरे की दशकों पुरानी परंपरा का हिस्सा है. 2 अक्टूबर को दशहरा के पर्व पर उद्धव ठाकरे मुंबई के शिवाजी पार्क में जनता को संबोधित भी करने वाले हैं. इस बीच बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि मराठवाड़ा बाढ़ की वजह से गंभीर रूप से प्रभावित है. उद्धव ठाकरे ने बाढ़ प्रभावित पांच जिलों में से तीन जिलों के दौरे किए हैं. अब समय है कि वे दशहरा रैली कैंसिल कर दें और उसका पैसा बाढ़ पीड़ितों को दें. ऐसा कर के कुछ हद तक उनकी सहानुभूति को अर्थ मिलेगा.
बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि जब उद्धव ठाकरे पावर में थे, तब वह किसी तरह की मदद करने में वह असफल रहे और अपने घर के अंदर बैठे रहे. अब वह पश्चाताप करें और दशहरा रैली के पैसे से बाढ़ पीड़ितों की मदद करें. इससे लोगों के प्रति वे अपनी वास्तविक चिंता जाहिर कर सकेंगे.
'बाल ठाकरे की विचारधारा अब नहीं दिखती'- बीजेपी
उपाध्ये ने उद्धव ठाकरे की वार्षिक रैली की आलोचना करते हुए कहा कि पहले शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे के नेतृत्व में यह आयोजन अपनी वैचारिक दिशा के लिए जाना जाता था. अब पार्टी की विचारधारा दूसरों को देशद्रोही कहने और अपनी पार्टी पर चोरी का आरोप लगाने तक ही सिमट कर रह गई है.
उन्होंने कहा, "आम कार्यकर्ताओं पर इस तरह के नाटकों के लिए लाखों रुपये का बोझ क्यों डाला जाए, जबकि शिवसेना-यूबीटी के मुखपत्र 'सामना' में रोज़ाना यही विलाप जारी रहता है." बता दें, उद्धव ठाकरे ने हाल ही में मराठवाड़ा के पांच जिलों के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया, जहां उन्होंने प्रभावित लोगों से मुलाकात की और उनकी शिकायतें सुनीं.
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Source: IOCL



























