बिहार बंद को लेकर कांग्रेस-RJD पर भड़के संजय निरुपम, 'उनको बांग्लादेशी मुसलमानों का...'
Sanjay Nirupam on Bihar Bandh: शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कहा कि आरजेडी और कांग्रेस के लोग चुनाव आयोग की प्रक्रिया को खंडित करना चाहते हैं.

शिवसेना नेता संजय निरुपम ने 'बिहार बंद' को लेकर कांग्रेस और आरजेडी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और आरजेडी के लोग चुनाव आयोग की पूरी प्रक्रिया को खंडित करना चाह रहे हैं. इससे स्थापित होता है कि उनको विश्वास हो गया है कि हिंदुस्तान के लोगों के वोट से वो चुनाव नहीं जीत सकते. इसलिए उनको बांग्लादेशी मुसलमानों का वोट चाहिए.
कांग्रेस पर भड़के संजय निरुपम
न्यूज़ एजेंसी ANI से बातचीत में संजय निरुपम ने कहा कि बांग्लादेशी मुसलमानों का वोट लेकर अगर कांग्रेस पार्टी जीतने का ख्वाब देख रही है तो बिल्कुल देखे. लेकिन बांग्लादेशियों को हिंदुस्तान में वोटिंग का अधिकार नहीं मिलना चाहिए, ये हमारी भूमिका स्पष्ट है.
चुनाव आयोग पर संजय निरुपम ने क्या कहा?
शिवसेना नेता ने दावा किया कि बिहार में बड़े पैमाने पर बांग्लादेशी मुसलमान घुसपैठिये के तौर पर आ गए थे. वहां पर अवैध तरीके से रह रहे हैं. उन्होंने गलत तरीके से मतदाता सूची में अपने नाम दर्ज करा रखे हैं. ऐसा एक अनुमान है कि लगभग डेढ़ से दो करोड़ बांग्लादेशी बिहार में वोटर बनकर रह रहे हैं जो कि सरासर गलत है. शिवसेना नेता ने कहा कि इसलिए चुनाव आयोग ने चुनाव से पहले इलेक्टोरल रोल को रिवाइज करने का या उसको दुरुस्त करने का एक प्रोग्राम शुरू कर रखा है.
बिहार बंद की क्या है वजह?
बता दें कि बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में महागठबंधन ने बुधवार (9 जुलाई) को राज्यव्यापी बंद बुलाया. विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं के सड़कों पर उतरने से राज्य के कई हिस्सों में रेल और सड़क यातायात बुधवार को बाधित हो गया.
संजय गायकवाड़ पर क्या कहा?
वहीं पार्टी के ही नेता संजय गायकवाड़ की मारपीट के वीडियो पर संजय निरुपम ने कहा कि किसी भी गरीब-कमजोर के साथ हम मारा मारी के पक्ष में नहीं हैं. इसमें कौन जिम्मेदार है निश्चित तौर पर इसका पता लगाया जाना चाहिए.
निशिकांत दुबे के बयान से जताई असहमति
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के पटकर मारेंगे वाले बयान पर उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान नहीं आने चाहिए. ये एक सभ्य समाज का संवाद नहीं हो सकता. इस बयान से हम कतई सहमत नहीं हैं.
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