जिस प्लेन ने ली अजित पवार की जान, 2023 में भी हुआ था क्रैश, मॉडल-ऑपरेटर और लैंडिंग फेज, सब वही
Baramati Plane Crash: बारामती क्रैश और साल 2023 के मुंबई क्रैश में विमान एक ही कंपनी का है. या उस वक्त हादसे की गंभीरता को आंका हीं गया या फिर कोई और वजह रही होगा. विस्तृत जांच अभी बाकी है.

महाराष्ट्र में बुधवार, 28 जनवरी की सुबह एनसीपी नेता और डिप्टी सीएम अजित पवार की बारामती विमान हादसे में मौत हो गई. इस हादसे ने 14 सितंबर 2023 को मुंबई में हुए विमान हादसे की याद दिला दी. दोनों ही मामलों में एक खास चीज कॉमन है. पहली कि दोनों हादसे लैंडिंग के वक्त हुए. वहीं, प्लेन भी एक ही कंपनी और एक ही मॉडल का है. दोनों हादसों में ही विजिबिलिटी जैसी दिक्कत और लास्ट टाइम कंट्रोल. अब सवाल उठ रहे हैं कि यह सिर्फ तकनीकी दिक्कत थी या सेफ्टी प्रोसीजर में बरती गयी लापरवाही.
बारामती और मुंबई हादसे में एक ही कंपनी और संचालन कंपनी है. यानि उस वक़्त हादसे की गंभीरता चेक नहीं की गयी. या फिर कोई और वजह. फिलहाल हादसे की असली वजह के लिए विस्तृत जांच अभी बाकी है.
एक ही मॉडल के विमान
मुंबई और आज के हादसे में बॉम्बार्डियर लियरजेट 45XR सीरीज का विमान शामिल था, जो प्राइवेट बिजनेस जेट कैटेगरी में आता है. मुंबई हादसे में VT-DBL रजिस्टर्ड जेट था, जबकि बारामती में VT-SSK. यह मॉडल अपनी स्पीड और लग्जरी के लिए जाना जाता है. VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड दोनों का ऑपरेटर था.
दोनों ही हाद्सों मे VSR वेंचर्स कॉमन है,कंपनी के पास किय लियार्जेत हैं, लेकिन तीन साल में दो बड़े हादसों मेंटिनेंस और ऑपरेशन पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
लैंडिंग के वक्त हादसा
मुंबई में भी लैंडिंग के दौरान कंट्रोल बिगड़ा था. बारामती में भी अप्रोच/लैंडिंग फेज में ही क्रैश हुआ. दोनों में स्टेबल अप्रोच न होने और अंतिम मिनटों में कंट्रोल लॉस के संकेत मिले. मुंबई में स्टॉल वॉर्निंग और ऑटोपायलट डिसकनेक्ट हुआ था.
रनवे और विजिबिलिटी फैक्टर
मुंबई में हुए हादसे में भारी बारिश, कम विजिबिलिटी और गीला रनवे मुख्य कारण बताया गया था. बारामती में क्लियर विजिबिलिटी बताई जा रही है, लेकिन दूसरी अप्रोच में विजुअल अलाइनमेंट की दिक्कत और संभावित कम विजिबिलिटी की चर्चा है.
कंट्रोल लॉस के संकेत
मुंबई केस में स्टॉल वॉर्निंग, स्पीड-एंगल गड़बड़, ऑटोपायलट डिसकनेक्ट बारामती केस में भी रनवे अलाइनमेंट, गो-अराउंड, दूसरा अप्रोच और फिर क्रैश- यानी अंतिम चरण में कंट्रोल की समस्या.
सेफ्टी और प्रोसीजर का सवाल
दोनों में सवाल यही उठता है कि क्या अप्रोच स्टेबल थी या नहीं ? क्या गो-अराउंड सही समय पर किया गया ? क्या मौसम और एयरस्ट्रिप की लिमिट को ध्यान में रखा गया ?
दोनों ही हादसों में विमान संचल कंपनी पर अब सवाल उठ रहे हैं. कहीं न कहीं सेफ्टी को लेकर लापरवाही बरती गयी, एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगर मुंबई वाले हादसे पर गंभीर होते तो शायद दूसरे से बचा जा सकता था. फिलहाल DGCA की जांच जारी है.
VSR वेंचर्स के मालिक का आया जवाब
VSR वेंचर्स ने हादसे को लेकर कहा है कि साल 2023 में जो हुआ था, उसमें बारिश हो रही थी और विजिबिलिटी बहुत कम थी. आज साल 2023 पर बात करने का समय नहीं है. यह एक दुखद घटना है. पायलट और को-पायलट को अनुभव था. हम जांच करने वाली एजेंसी नहीं है, DDCA जांच करता है.
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Source: IOCL


























