एक्सप्लोरर

'वन नेशन वन इलेक्शन' पर उद्धव ठाकरे गुट का स्टैंड साफ, सरकार को भेजे ये आठ सुझाव

One Nation One Election: शिवसेना (यूबीटी) नेता अंबादास दानवे ने 'वन नेशन वन इलेक्शन' को लेकर कहा कि भारतीय लोकतंत्र विविधताओं से समृद्ध है, इसलिए 'एकरूपता' नहीं, बल्कि 'समरसता' बनाए रखना जरूरी है.

Ambadas Danve On One Nation One Election: 'वन नेशन वन इलेक्शन' को लेकर महाराष्ट्र में एक बार फिर बहस छिड़ी है. प्रदेश में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने आशंका जताते हुए कहा है कि 'वन नेशन वन इलेक्शन' से केंद्र में एक ही पार्टी की तानाशाही स्थापित हो सकती है. उन्होंने इस विधेयक पर आपत्तियां दर्ज कराते हुए संयुक्त समिति को इसे संशोधित करने के सुझाव दिए हैं.

उन्होंने कहा, ''इस विधेयक को लागू करने के लिए भारत के संविधान के अनुच्छेद 83, 85, 174, 356, 75(3) और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 में बड़े पैमाने पर संशोधन की आवश्यकता है. लेकिन, ये संवैधानिक सुधार देश की संघीय संरचना, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर असर डाल सकते हैं.''

'लोकसभा चुनाव में कई केंद्रों पर सुविधाओं की कमी दिखी'

दानवे ने आगे कहा, ''लोकसभा चुनाव के समय कई मतदान केंद्रों पर प्राथमिक सुविधाओं की भारी कमी देखी गई थी. रात 2 बजे तक व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं थीं. वहीं महाराष्ट्र सरकार ने हाल ही में कोर्ट में यह कहा है कि जिला परिषद और महानगरपालिका चुनाव एक ही चरण में कराना संभव नहीं है. यह दर्शाता है कि विकसित राज्य भी 'वन नेशन वन इलेक्शन' को व्यावहारिक नहीं मानते.''

अंबादास दानवे ने क्या जताई उम्मीद?

शिवसेना (यूबीटी) नेता ने ये भी कहा, ''भारतीय लोकतंत्र विविधताओं से समृद्ध है, इसलिए 'एकरूपता' नहीं, बल्कि 'समरसता' बनाए रखना अधिक जरूरी है. दानवे ने उम्मीद जताई कि इस विधेयक पर दी गई आपत्तियों को प्रक्रिया में शामिल कर व्यापक और संघीय दृष्टिकोण से पुनर्विचार किया जाएगा.

विधेयक पर प्रस्तुत प्रमुख आपत्तियां एवं सुझाव इस प्रकार हैं:

1. संघीय ढांचे को खतरा 

भारत की शासन व्यवस्था संघीय ढांचे पर आधारित है. प्रत्येक राज्य की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक ज़रूरतों के अनुसार अलग चुनाव चक्र जरूरी है. एक साथ चुनाव कराने से स्थानीय मुद्दे राष्ट्रीय प्रचार में दब सकते हैं.

2. स्थानीय स्वायत्तता पर असर

ग्राम पंचायत, नगर परिषद और महानगरपालिका जैसी स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं को अलग चुनावों के माध्यम से नागरिकों की आकांक्षाएं प्रकट करने का अवसर मिलता है. 'वन नेशन वन इलेक्शन' से इन संस्थाओं की स्वतंत्रता अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हो सकती है.

3. संकट में क्षेत्रीय पार्टियों का अस्तित्व 

DMK, TMC, BJD जैसी क्षेत्रीय पार्टियां स्थानीय मुद्दों पर केंद्रित होती हैं. एकसाथ चुनाव होने पर राष्ट्रीय दलों का वर्चस्व बढ़ेगा, जिससे प्रचार, फंडिंग और मीडिया का ध्यान उन्हीं पर केंद्रित रहेगा. इससे क्षेत्रीय दल कमजोर पड़ सकते हैं.

4. मतदाता भागीदारी में कमी की आशंका

बार-बार चुनावों से जनता को अपनी राय व्यक्त करने का अवसर मिलता है. लेकिन अगर एक ही बार में चुनाव हो जाएं, तो पांच वर्षों तक सरकार को कोई जवाबदेही न रहे और लोकतांत्रिक उत्तरदायित्व कम हो सकता है.

5. कानूनी और नीतिगत अस्पष्टता

अगर किसी विधानसभा में बहुमत न आए, या राष्ट्रपति शासन लगे, तो चुनाव कब और कैसे कराए जाएं – इस बारे में विधेयक में स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं हैं. इससे संविधान और व्यावहारिक स्थिति के बीच टकराव हो सकता है.

6. प्रारंभिक खर्च का भारी बोझ

EVMs की खरीद, प्रशिक्षण और सुरक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों पर तत्काल भारी खर्च आएगा. दीर्घकालिक बचत का दावा किया गया है, लेकिन तात्कालिक खर्च बहुत अधिक है.

7. चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और व्यावहारिक सीमाएं

चुनाव आयोग के लिए एक साथ लोकसभा और सभी राज्य विधानसभा चुनावों का संचालन करना तकनीकी, मानव संसाधन और लॉजिस्टिक्स के लिहाज से बेहद मुश्किल है. इससे पारदर्शिता और दक्षता पर सवाल खड़े हो सकते हैं.

8. स्थानीय प्रशासन और बुनियादी सुविधाओं पर दबाव

स्थानीय मतदान केंद्रों की कमी, सुरक्षा व्यवस्था की अपर्याप्तता और ग्रामीण क्षेत्रों में लॉजिस्टिक दिक्कतों से लोगों के मतदान अधिकार प्रभावित हो सकते हैं.

About the author वैभव परब

वैभव परब एबीपी न्यूज़ पर महाराष्ट्र की राजनीति को बारिकी से समझाते हैं. 

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

महाराष्ट्र की 'लाडली बहनों' के लिए मुसीबत! बंद किए गए 68 लाख खाते, e-KYC नहीं है तो जल्द कराएं
महाराष्ट्र की 'लाडली बहनों' के लिए मुसीबत! बंद किए गए 68 लाख खाते, e-KYC नहीं है तो जल्द कराएं
नागपुर-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बड़ा हादसा, हाई स्पीड ट्रक ने टेम्पो को मारी टक्कर, 8 महिलाओं की मौत
नागपुर-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बड़ा हादसा, हाई स्पीड ट्रक ने टेम्पो को मारी टक्कर, 8 महिलाओं की मौत
बारामती उपचुनाव से पहले हलचल, सुनेत्रा पवार दिल्ली रवाना, कांग्रेस के बड़े नेता से मुलाकात संभव
बारामती उपचुनाव से पहले हलचल, सुनेत्रा पवार दिल्ली रवाना, कांग्रेस के बड़े नेता से मुलाकात संभव
LPG संकट के बीच महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, गैस पाइपलाइन के लिए NOC की जरूरत खत्म
LPG संकट के बीच महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, गैस पाइपलाइन के लिए NOC की जरूरत खत्म

वीडियोज

धुरंधर: द रिवेंज | LTF ऑफिसर ऋषभ वर्मा, संजय दत्त संग काम और आदित्य धर की पीक डिटेलिंग पर खास बातचीत
Iran Israel War Update: लेबनान में मारा गया ईरानी कुद्स फोर्स का बड़ा कमांडर | Trump Surrender
Iran Israel War Update: महायुद्ध का 'सरेंडर' मोड..ये है Trump का 'एग्जिट प्लान' | Trump on Iran War
Iran Israel War Ending: अब लंबा नहीं चलेगा युद्ध, खत्म होने की कगार पर लड़ाई! | Iran US Israel
Trump Surrender: महायुद्ध का मैदान छोड़.. भागने को मजबूर ट्रंप? | Iran Israel War Update | Breaking

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Indonesia Earthquake: इंडोनेशिया में सुबह-सुबह डोली धरती! 7.4 तीव्रता का आया भयंकर भूकंप, सुनामी से तबाही
इंडोनेशिया में सुबह-सुबह डोली धरती! 7.4 तीव्रता का आया भयंकर भूकंप, सुनामी से तबाही
'भारतीय सिस्टम को संदेश देना था', BJP दफ्तर के पास हुए ब्लास्ट पर बोला सुखजिंदर बब्बर | 5 बड़ी बातें
'भारतीय सिस्टम को संदेश देना था', BJP दफ्तर के पास हुए ब्लास्ट पर बोला सुखजिंदर बब्बर | 5 बड़ी बातें
Iran-US War: ‘हम आपके...', जंग के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अमेरिकियों को लिखी चिट्ठी, जानें क्या कहा
‘हम आपके...', जंग के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अमेरिकियों को लिखी चिट्ठी, जानें क्या कहा
IPL 2026 TEAM RANKINGS: सभी 10 टीमों ने खेल लिया अपना पहला मैच, नंबर 1 पर ये टीम, 5 'फिसड्डी' टीम को भी जानिए
IPL 2026 TEAM RANKINGS: सभी 10 टीमों ने खेल लिया अपना पहला मैच, नंबर 1 पर ये टीम, 5 'फिसड्डी' टीम को भी जानिए
Ustaad Bhagat Singh Final Box Office: बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिटी पवन कल्याण की 'उस्ताद भगत सिंह', जानें- कितना रहेगा लाइफटाइम कलेक्शन
बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिटी 'उस्ताद भगत सिंह', जानें- कितना रहेगा लाइफटाइम कलेक्शन
West Bengal Election 2026: बंगाल के इस लेटेस्ट सर्वे ने चौंकाया, बीजेपी को 100 से अधिक सीटें मिलने का अनुमान, TMC को नुकसान, किसकी बन सकती है सरकार
बंगाल के इस लेटेस्ट सर्वे ने चौंकाया, बीजेपी को 100 से अधिक सीटें मिलने का अनुमान, TMC को नुकसान
Lung Cancer Early Signs: 3 हफ्ते से ज्यादा रहने वाली खांसी सामान्य नहीं, फेफड़ों के कैंसर के ये संकेत न करें नजरअंदाज
3 हफ्ते से ज्यादा रहने वाली खांसी सामान्य नहीं, फेफड़ों के कैंसर के ये संकेत न करें नजरअंदाज
Video: एक ही ट्रैक पर आमने सामने हुई तीन ट्रेनें? जानिए सच है या केवल आंखों का धोखा, वीडियो वायरल
एक ही ट्रैक पर आमने सामने हुई तीन ट्रेनें? जानिए सच है या केवल आंखों का धोखा, वीडियो वायरल
Embed widget