BJP-शिंदे की खींचतान के बीच अब अजित पवार गुट का बड़ा बयान, बताया किस पार्टी से होगा BMC का मेयर
BMC Mayor: बीएमसी में किसका मेयर होगा, इस पर अब अजित पवार गुट का बयान सामने आया है. बीएमसी चुनाव में अजित पवार ने शिवसेना और बीजेपी से अलग चुनाव लड़ा था.

बीएमसी में किसका मेयर होगा इस पर अब अजित पवार गुट का बयान सामने आया है. यहां बता दें कि बीएमसी चुनाव में बीजेपी और शिवसेना के बीच गठबंधन था. अजित पवार की एनसीपी ने अकेले चुनाव लड़ा था. अभी तक बीएमसी में मेयर पद को लेकर बीजेपी और शिवसेना में खींचतान दिख रही है. इस बीच अजित पवार की एनसीपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता बृजमोहन श्रीवास्तव का बयान सामने आया है.
BMC मेयर का फैसला बीजेपी लेगी- NCP
बृजमोहन श्रीवास्तव ने कहा, "बीएमसी में महायुति का मेयर होगा. अब मूल मुद्दा ये आता है कि महायुति में कौन. जो परंपरा है कि जिस पार्टी के पार्षद ज्यादा होते हैं उनकी सहमति से ही फैसला होता है. बीएमसी में भारतीय जनता पार्टी के ज्यादा नगरसेवक जीते हैं. वहां शिवसेना के नगरसेवक कम संख्या में हैं. निश्चित रूप से वहां जो राजनीतिक निर्णय होगा वो भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व लेगा. अगर वो ये तय करते हैं कि भारतीय जनता पार्टी का मेयर हो तो निश्चित रूप से सारे लोगों को उसे स्वीकार करना पड़ेगा."
Delhi: On the Mumbai mayoral election, NCP National Spokesperson Brijmohan Shrivastav says, "...In the BMC, since the Bharatiya Janata Party (BJP) has won the majority of seats and Shiv Sena has far fewer corporators, the political decision will inevitably be led by the BJP. If… pic.twitter.com/kP0PlUXWYe
— IANS (@ians_india) January 21, 2026
इस बार मौका नहीं जाने देगी BJP- NCP
इसके आगे उन्होंने कहा, "यदि भारतीय जनता पार्टी ही ये फैसला ले ले कि वहां शिवसेना के किसी नगरसेवक को मेयर बनाना है तो वो बनेगा. लेकिन मुझे राजनीतिक हालात देखते हुए ऐसा लगता है कि वहां इस बार मेयर भारतीय जनता पार्टी का ही बनेगा. क्योंकि एक लंबे समय से वहां भारतीय जनता पार्टी और उनके कार्यकर्ता इसके लिए संघर्ष करते रहे हैं और उनको इस बार ये मौका मिला है तो शायद इस मौके को अपने हाथ से न जाने दें."
गौरतलब है कि बीजेपी और शिवसेना गठबंधन के बाद बहुमत से ज्यादा का आंकड़ा है. बीजेपी ने 89 और शिवसेना ने 29 सीटों पर जीत हासिल की है. बहुमत का आंकड़ा 114 है और दोनों के पास 118 पार्षदों का समर्थन है. अजित पवार अलग चुनाव लड़े थे और महज तीन ही सीट जीत सके.
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Source: IOCL


























