Maharashtra Elections: AIMIM के प्रदर्शन ने उभारा ‘नए मुस्लिम नेतृत्व’ का सवाल, महाराष्ट्र के शहरी चुनावों ने दिए बड़े संकेत?
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में निकाय चुनाव के परिणामों ने एक नए सवाल को उभार दिया है और वो है मुस्लिम नेता कौन? तमाम सेक्युलर दलों के दावों के बीच AIMIM के उभार को कम कर के नहीं आंका जा सकता.

हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने महाराष्ट्र महानगर पालिका चुनाव 2026 के बाद राज्य में अपनी राजनीतिक मौजूदगी को मजबूत कर लिया है. पार्टी ने 13 नगर निकायों में कुल 125 वार्डों में जीत दर्ज की, जो महाराष्ट्र में उसके पिछले प्रदर्शन की तुलना में काफी बेहतर मानी जा रही है.
महाराष्ट्र की 29 महानगर पालिकाओं के लिए 15 जनवरी को मतदान हुआ था. इनमें से AIMIM ने 24 नगर निगमों में अपने उम्मीदवार उतारे. 16 जनवरी को आए चुनावी नतीजों के बाद पार्टी कई शहरी क्षेत्रों में प्रमुख दावेदार के रूप में उभरकर सामने आई, खासकर उन इलाकों में जहां अल्पसंख्यक आबादी की संख्या अधिक है.
छत्रपति संभाजीनगर में AIMIM दूसरी सबसे बड़ी पार्टी
छत्रपति संभाजीनगर नगर निगम में AIMIM ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए 115 में से 33 सीटों पर जीत हासिल की. इस परिणाम के साथ AIMIM यहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई. यह नतीजा महाराष्ट्र के किसी बड़े नगर निगम में AIMIM के अब तक के सबसे मजबूत प्रदर्शनों में शामिल है.
प्रमुख नगर निगमों में AIMIM का प्रदर्शन कैसा रहा?
अन्य नगर निगमों में भी AIMIM ने प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई.
- मालेगांव में पार्टी ने 21 वार्ड जीते
- नांदेड़ में AIMIM को 14 सीटें मिलीं
- अमरावती में 12 पार्षद चुने गए
- धूलिया में पार्टी ने 10 वार्डों में जीत दर्ज की
- सोलापुर में AIMIM उम्मीदवारों ने 8 सीटें हासिल कीं
- नागपुर में पार्टी को 7 वार्डों में सफलता मिली
अन्य नगर निकायों में भी दर्ज हुई मौजूदगी
इसके अलावा, AIMIM ने अहमदनगर और जालना में दो-दो वार्ड, जबकि परभणी और चंद्रपुर में एक-एक वार्ड जीता. देश के सबसे समृद्ध नगर निकाय माने जाने वाले बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) में AIMIM उम्मीदवारों ने 8 वार्डों में जीत दर्ज की, जो पिछले चुनावों की तुलना में बढ़ोतरी को दर्शाता है.
AIMIM के चुनाव प्रचार में बड़े पैमाने पर जनसंपर्क अभियान देखने को मिला. कई शहरों में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने रैलियां और रोड शो किए. पार्टी ने शहरी इलाकों पर फोकस करते हुए बड़ी संख्या में वार्डों में उम्मीदवार मैदान में उतारे.
हालांकि चुनाव प्रक्रिया के दौरान AIMIM को कुछ आंतरिक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा. टिकट वितरण को लेकर मतभेदों के कारण मतदान से पहले कुछ क्षेत्रों में पार्टी नेताओं ने इस्तीफा दिया. इसके बावजूद, पार्टी ने अपने अधिकांश उम्मीदवारों को बनाए रखा और व्यापक स्तर पर चुनाव लड़ा.
पोस्ट-पोल समीकरण क्या होंगे?
कई नगर निगमों में AIMIM उम्मीदवारों ने समाजवादी पार्टी, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विभिन्न गुटों को अलग-अलग वार्डों में पीछे छोड़ा.
13 नगर निगमों में पार्षद चुने जाने के साथ AIMIM अब चुनाव के बाद बनने वाली परिषदों और मेयर चुनावों में अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार है. अलग-अलग नगर निगमों में आगे की राजनीतिक तस्वीर पार्षदों की संख्या और गठजोड़ पर निर्भर करेगी.
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Source: IOCL






















