मणिकर्णिका घाट: अहिल्याबाई होलकर काल की प्रतिमाओं की उपेक्षा पर बवाल, कांग्रेस का प्रदर्शन
Indore News: वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर चल रहे सौंदर्यीकरण कार्य में देवी अहिल्याबाई होलकर द्वारा निर्मित मंदिरों की प्राचीन प्रतिमाओं को खुले में बिखेरने से देशभर में आक्रोश है.

उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर चल रहे सौंदर्यीकरण और पुनर्विकास कार्य ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है. सोशल मीडिया पर वायरल कुछ तस्वीरों में देवी अहिल्याबाई होलकर द्वारा निर्मित मंदिरों की प्राचीन प्रतिमाएं घाट पर खुले में बिखरी हुई नजर आ रही हैं, जिसे लेकर देशभर में आक्रोश देखा जा रहा है.
मणिकर्णिका घाट, जो हिंदू आस्था का प्रमुख केंद्र है, वहां वर्तमान में बड़े स्तर पर निर्माण कार्य चल रहा है. इस बीच इंटरनेट पर आई तस्वीरों में दावा किया गया है कि ऐतिहासिक मंदिरों से हटाई गई मूर्तियों को सम्मानजनक ढंग से रखने के बजाय घाट पर इधर-उधर लावारिस छोड़ दिया गया है. इन तस्वीरों ने न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत किया है, बल्कि विरासत संरक्षण पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.
इंदौर में कांग्रेस का हल्लाबोल
इस घटना के विरोध में मध्य प्रदेश के इंदौर में कांग्रेस ने राजवाड़ा स्थित देवी अहिल्या प्रतिमा के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया. कांग्रेस नेताओं ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा पर सवाल उठाए.
पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा: "प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में देवी अहिल्याबाई होलकर द्वारा स्थापित मंदिरों को तोड़ा जाना और मूर्तियों का अपमान करना सरकार की सांस्कृतिक विरासत के प्रति उदासीनता को दर्शाता है. हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे."
अहिल्या उत्सव समिति की मांग
इंदौर स्थित अहिल्या उत्सव समिति ने भी इस मामले में हस्तक्षेप किया है. समिति के उपाध्यक्ष सुधीर देड़गे ने स्पष्ट किया कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन ऐतिहासिक धरोहरों की गरिमा सर्वोपरि है. उन्होंने सरकार से मांग की है कि निर्माण कार्य के दौरान प्रतिमाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक स्थान पर रखा जाए. कार्य पूर्ण होने के बाद सभी प्रतिमाओं को विधिवत और शास्त्रोक्त रीति से पुनः मंदिरों में स्थापित किया जाए.
प्रशासनिक चुप्पी और बढ़ता तनाव
फिलहाल इस पूरे प्रकरण पर उत्तर प्रदेश प्रशासन या मंदिर ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है. हालांकि, धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रतिमाओं के संरक्षण के लिए तत्काल कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL























