MP: सिंगरौली में नगर निगम आयुक्त के बयान ने खोली भ्रष्टाचार की पोल, कहा- 'मेरी छाती पर चढ़कर...'
सिंगरौली नगर निगम आयुक्त डीके शर्मा ने कहा कि कोई भी छाप देता है कि 10 फीसदी कमीशन लिया है, तो पार्षद कहते हैं कि मैंने 10 फीसदी कमीशन ले लिया. ये शोभा नहीं देता.

MP News: मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के नगर निगम आयुक्त ने सदन में कुछ ऐसा कह दिया कि जिससे हंगामा हो गया. नगर निगम आयुक्त के बयान से न केवल उनके कार्यशैली पर सवाल खड़ा हो गया, बल्कि नगर निगम सिंगरौली में खुला भ्रष्टाचार की पोल भी खुल गई है.
नगर आयुक्त ने क्या कहा?
दरअसल सिंगरौली नगर निगम आयुक्त डीके शर्मा ने बीते दिन नगर निगम के बजट सत्र के दौरान सदन में अपनी पीड़ा बयां करते हुए कहा, ''नगर निगम में खुला भ्रष्टाचार है, मैं अकेला भ्रष्टाचार नहीं रोक सकता हूं. मैं कोई भी कार्रवाई करता हूं तो पार्षद मिलकर मेरी छाती पर चढ़कर दबाव बनाते है.''
उन्होंने कहा, ''यहां एसडीएम का नोडल बनने के लिए, स्वच्छता का नोडल बनने के लिए मेरी छाती पर पैर रखकर आदेश करवाए जा रहे हैं. मैं कैसे भ्रष्टाचार रोकूं. मैं सदन को कहना चाहता हूं कि मैं एक रुपये का भ्रष्टाचार नहीं होने दूंगा, लेकिन सदन मेरा साथ दे.''
उनके इस बयान पर सदन में तालियां बजी. उन्होंने कहा, ''कोई भी छाप देता है कि 10 फीसदी कमीशन लिया है, तो पार्षद कहते हैं कि मैंने 10 फीसदी कमीशन ले लिया. ये शोभा नहीं देता. इसकी पुष्टि की जाए कि मैंने कमीशन लिया है.''
आयुक्त डीके शर्मा ने कहा, ''मैंने 30 सालों की नौकरी में ऐसा कहीं नही देखा, जिस तरह से यहां के अधिकारी अपने हिसाब से चलते हैं.''
सदन में हड़कंप
आयुक्त की यह बात सुनते ही सदन में हड़कंप मच गया और इसके बाद आयुक्त की कार्यशैली पर भी कई प्रश्न चिह्न खड़े हो रहे हैं. जब आयुक्त ही नगर निगम की जिम्मेदारी से इस तरह भावुक होकर ऐसा बोलते हुए नजर आ रहे हैं कि यहां के अधिकारी कर्मचारी मेरे कंट्रोल में नहीं हैं तो प्रश्न उठना लाजिमी है.
इसी के साथ ही विपक्ष को नगर निगम में भ्रष्टाचार का बैठे-बैठे मुद्दा मिल गया है. आपको बता दें कि सिंगरौली नगर निगम में महापौर आम आदमी पार्टी की रानी अग्रवाल हैं, जबकि बीजेपी के 23 और कांग्रेस के 12 पार्षद हैं.
Source: IOCL
























