MP Accident: सड़क पर मौत की दौड़! इंदौर हादसे में 1 और घायल ने दम तोड़ा, 11 का चल रहा इलाज
Indore Accident: इंदौर में बेकाबू ट्रक की चपेट में आकर तीन लोगों की मौत हो गई. जबकि 11 लोग घायल हो गए. पुलिस के अनुसार ड्राइवर नशे में था जिसे गिरफ्तार कर लिया है. मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए.

मध्यप्रदेश के इंदौर में सोमवार (15 सितंबर) देर रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे में मरने वालों की संख्या तीन हो गई है. पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार (16 सितंबर) को बताया कि इस हादसे में घायल एक और व्यक्ति ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. घटना को लेकर स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित सिंह ने जानकारी दी कि हादसे में गंभीर रूप से घायल महेश खतवासे (54) की मंगलवार को निजी अस्पताल में मौत हो गई. इससे पहले, सोमवार रात मौके पर ही दो राहगीरों लक्ष्मीकांत सोनी (50) और कैलाशचंद्र जोशी (62) ने दम तोड़ दिया था. इस तरह अब कुल तीन लोगों की मौत हो चुकी है.
नशे में धुत था ट्रक चालक गुलशेर- डीसीपी
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) श्रीकृष्ण लालचंदानी ने बताया कि हादसे के वक्त ट्रक चालक गुलशेर (50) नशे में धुत था. मूलतः धार जिले का रहने वाला गुलशेर फिलहाल पुलिस हिरासत में है. उससे विस्तृत पूछताछ की जा रही है. हादसे में घायल 11 लोगों में से दो की हालत नाजुक बताई जा रही है.
घटना में यातायात पुलिस की दिख रही लापरवाही
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं. उनका कहना है कि जिस व्यस्त सड़क एयरोड्रम क्षेत्र पर हादसा हुआ, वहां भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है. इसके बावजूद ट्रक का वहां पहुंच जाना यातायात पुलिस की लापरवाही को दर्शाता है. लोगों ने पूछा कि चौराहों पर तैनात पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में आखिर ट्रक इस मार्ग पर कैसे आ गया.
घटना पर सीएम मोहन यादव ने व्यक्त की गहरी संवेदना
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गहरी संवेदना व्यक्त की है. उन्होंने मृतकों के परिजनों को सांत्वना देते हुए जांच के आदेश जारी किए हैं. मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि रात 11 बजे से पहले शहर की सीमा में भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है, ऐसे में नियम तोड़कर ट्रक कैसे आया, इसकी तहकीकात होगी.
मुख्य सचिव को सौंपी गई मामले की जांच
सरकारी सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री के निर्देश पर गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव को इस मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है. उम्मीद जताई जा रही है कि जांच में पुलिस और यातायात विभाग की लापरवाही की भी समीक्षा होगी.
यह हादसा न केवल सड़क सुरक्षा की गंभीरता को उजागर करता है बल्कि शहर में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी की बड़ी खामी को भी सामने लाता है. स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि व्यस्त इलाकों में भारी वाहनों की सख्त निगरानी की जाए और दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए.
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Source: IOCL

























