इंदौर: दूषित पानी पीने से हुई थी जिस 6 महीने के बच्चे की मौत, अब मां की भी तबीयत बिगड़ी
Indore News: इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में डायरिया प्रकोप को लेकर सीएचएमओ माधव हसानी ने स्थिति पर कहा कि आज स्थानीय स्तर पर घर-घर सर्वे कराया जा रहा है.

इंदौर में दूषित पानी पीने से 17 लोगों की मौत के बाद अभी भी लोग बीमारी का शिकार हो रहे हैं. यहां जिस 6 महीने के बच्चे अव्यान की मौत हुई थी अब उस बच्चे की मां भी उल्टी दस्त की चपेट में आ गई है.
महिला को अब भागीरथपुरा स्थित आरोग्यं स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए लाया गया. आरोप है कि स्वास्थ्य कर्मचारियों ने ध्यान नहीं दिया. बता दें कि भागीरथपुरा में दूषित पानी से अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है.
करीब 400 लोग हुए बीमार
अधिकारियों के मुताबिक भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त के प्रकोप के बाद अब तक अस्पतालों में कुल 398 मरीजों को भर्ती किया गया जिनमें से 256 लोगों को स्वस्थ होने पर छुट्टी दे दी गई है. अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल 142 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं जिनमें से 11 लोग गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में हैं.
सीएचएमओ ने क्या बताया?
वहीं इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में डायरिया प्रकोप को लेकर सीएचएमओ माधव हसानी ने स्थिति पर कहा कि आज स्थानीय स्तर पर घर-घर सर्वे कराया जा रहा है. कुल 5,000 घरों के सर्वे के लिए 200 टीमों का गठन किया गया है. प्रत्येक टीम को 25 घरों का लक्ष्य दिया गया है.
उन्होंने बताया कि सर्वे के दौरान यह जानकारी एकत्र की जा रही है कि किन घरों में कितने लोग बीमार हैं और उनकी सटीक लोकेशन क्या है, ताकि पूरा डेटा एकत्र होकर प्रशासन के पास पहुंचे.
वीओ दरअसल सीएचएमओ ने बताया कि हर टीम में एक आशा कार्यकर्ता, एक नर्सिंग ऑफिसर और एक चिकित्सक शामिल है. इसके साथ ही टीमों द्वारा दवाइयों का वितरण किया जा रहा है और उनके उपयोग की विधि भी लोगों को समझाई जा रही है.
डिस्चार्ज मरीजों की फिर से हो रही जांच
भोपाल से आई विशेष टीम भी क्षेत्र में जांच कर रही है. जो मरीज उपचार के बाद डिस्चार्ज हो चुके हैं, उनकी भी दोबारा जांच की जा रही है. सर्वे का पूरा डेटा गूगल मैपिंग के माध्यम से संकलित किया जाएगा, ठीक उसी तरह जैसे पल्स पोलियो अभियान में किया जाता है.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL






















