भिंड में BJP नेता सज्जन यादव को PM की अपील नजरअंदाज करना पड़ा भारी, पद से हटाए गए जिलाध्यक्ष
BJP Action in MP: भिंड नव नियुक्त किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष सज्जन यादव को सैकड़ो गाड़ियों के काफिले के साथ धाक दिखाना भारी साबित हुआ है. उनकी नियुक्ति तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई है.

- संगठन में सेवा का संदेश, नुमाइश की नहीं.
मध्य प्रदेश के भिंड में नवनियुक्त किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष को शक्ति प्रदर्शन करना ऐसा भारी पड़ा कि चंद घंटों में ही उनकी कुर्सी छिन गई. मध्य प्रदेश बीजेपी में अनुशासन का एक बड़ा उदाहरण देखने को मिला है. यहां भिंड नव नियुक्त किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष सज्जन सिंह यादव को सैकड़ो गाड़ियों के काफिले के साथ धाक दिखाना भारी साबित हुआ है. उनकी नियुक्ति तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई है.
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का या फैसला उन सभी नेताओं के लिए सीधी चेतावनी है,जो खुद को संगठन और प्रधानमंत्री के अपील से ऊपर समझते हैं. एक तरफ दुनिया इजरायल-ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की सप्लाई बाधित हो रही है, जिससे देश की आर्थिक हितों पर दबाव पड़ रहा है. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से डीजल पेट्रोल का उपयोग कम करने की अपील कर रहे हैं, लेकिन कुछ नेताओं को देश की समस्याओं को समझने और उसे सुलाझाने से कोई मतलब नहीं होता है.
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क्या है मामला?
भिंड में प्रधानमंत्री की संजीदा अपील के उलट बीजेपी के ही कुछ पदाधिकारी सड़कों पर डीजल पेट्रोल का धुआं उड़ाते नजर आए. पीएम की अपील को नजरअंदाज कर भिंड किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष सज्जन यादव जिले में बड़े काफिले के साथ पहुंचे थे. सोशल मीडिया पर जब इन गाड़ियों के काफिले की तस्वीर वायरल हुई तो जनता ने सवाल दागने शुरू कर दिए. सवाल ये कि क्या यह नियम सिर्फ आम जनता के लिए है? क्या बीजेपी के नेता प्रधानमंत्री की बात नहीं मानते? इससे विपक्ष को बैठे-बैठे मुद्दा मिल गया और आम जनता में भी भारी आक्रोश देखने को मिला.
बीजेपी का डैमेज कंट्रोल
इसी डैमेज को कंट्रोल करने और अनुशासन को बनाए रखने के लिए संगठन ने जीरो टॉलरेंस की सख्त नीति अपनाई और नव नियुक्त किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष सज्जन यादव को पद से हटाने का सख्त फरमान जारी कर दिया. पार्टी द्वारा जारी प्रेस रिलीज में लिखा गया, 'आपके नेतृत्व में 13 मई को ग्वालियर से सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ भिंड तक किसान मोर्चा की रैली का आयोजन किया गया था. आपका यह कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऊर्जा बचत के लिए की गई अपील की अवहेलना है. प्रदेश संगठन ने इस कार्य को अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना है. इसलिए सज्जन सिंह यादव के जिलाध्यक्ष किसान मोर्चा भिंड की नियुक्ति निरस्त की जाती है.' ऐसे में अब सवाल बड़ा है कि क्या भिंड की यह कार्रवाई मध्य प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी नजीर बनेगी? क्या बाकी रेलियों पर भी इस तरह का हंटर चलेगा? संदेश साफ है संगठन में सेवा चलेगी, नुमाइश नहीं.
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