MP News: पशुओं के चारे को जबलपुर जिले से बाहर भेजने पर लगी पाबंदी, जानें किसने दिया है यह आदेश
MP News: जबलपुर के कलेक्टर ने मध्य प्रदेश पशुचारा (निर्यात नियंत्रण) आदेश 2000 के तहत जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है. भूसे का इस्तेमाल उद्योगों एवं ईंट-भट्टों में भी नहीं हो पाएगा.

जबलपुर: जिला दंडाधिकारी और कलेक्टर (Collector) डॉक्टर इलैयाराजा टी ने एक आदेश जारी कर सभी प्रकार के पशुचारा (Cattle Feed), भूसा तथा पशुओं (cattle) द्वारा खाये जाने वाले चारे की अन्य सभी किस्मों के जबलपुर जिले की सीमा से बाहर भेजने पर पाबंदी लगा दी है. मध्य प्रदेश पशुचारा (निर्यात नियंत्रण) आदेश 2000 के प्रावधानों के तहत जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है. इसके साथ ही ईंट भट्टठों और अन्य उद्योगों में भूसे के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी गई है.
किस किस पर लागू होगा यह प्रतिबंध
जिला दण्डाधिकारी की ओर से यह आदेश आगामी महीनों के दौरान पशुचारा की उपलब्धता पर प्रतिकूल प्रभाव पडने की आशंका को देखते हुए जारी किया गया है. आदेश में पशुचारा और भूसा का जिले से बाहर निर्यात प्रतिबंधित करने के साथ-साथ कलेक्टर के अनुज्ञा पत्र के बिना गेहूं के भूसे का उद्योगों तथा ईंट भट्टों में जलाने के लिए इस्तेमाल और विक्रय पर भी रोक लगा दी गई है.
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी प्रकार के पशुचारा जिसमें कड़वी (ज्वार के डंठल), पैरा (धान के डंठल), गेहूं का भूसा, घास और पशुओं द्वारा खाये जाने वाले चारे की अन्य किस्मों के जिले से बाहर निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. इसके बाद से अब कोई भी कृषक, व्यापारी या व्यक्ति अथवा निर्यातक किसी भी प्रकार के वाहन (नाव, मोटल, रेल, ट्रक, यान, साइकिल, बैलगाड़ी अथवा पैदल) द्वारा जबलपुर जिले से अन्य जिलों में कलेक्टर के अनुज्ञा पत्र के बिना इनका निर्यात नहीं करेगा. इसके साथ ही कोई भी कृषक, व्यापारी, व्यक्ति, उद्योगपति, ईंट-भट्टा का मालिक गेहूँ के भूसे का इस्तेमाल उद्योगों एवं ईंट-भट्टों में जलाने के लिए बिना कलेक्टर के अनुज्ञा पत्र के नहीं करेगा.
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Source: IOCL
























